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Ram Mandir: 1992 में यूपी के पूर्व सीएम कल्याण सिंह की अगुवाई में पड़ी थी नींव, कार सेवक अमरनाथ ने बताई कहानी
Fri, 12 Jan 2024 03:23 PM IST
नवीन दलाल
कमल बहल, कैथल (हरियाणा)
कमल बहल, कैथल (हरियाणा)
Published by: नवीन दलाल
Updated Fri, 12 Jan 2024 03:23 PM IST
सार
भाजपा नेता रविभूषण ने बताया कि उस समय अयोध्या में जिधर ही नजर पड़ती तो वहां केवल कार सेवक ही कार सेवक दिखाई देते थे। कार सेवक वहां पर राम मंदिर के निर्माण के उद्देश्य से गए थे, लेकिन वहां पर परिस्थितियां और ही बन गई।
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अमरनाथ भगत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अयोध्या में बन रहे भगवान श्री राम के मंदिर को लेकर जिले के लोगों में इस काफी उत्साह है। वर्ष 1992 में हुए संघर्ष में कैथल से भी 132 कार सेवक अयोध्या गए थे। इसमें भारत विकास परिषद के अध्यक्ष डॉ. अशोक सहित भाजपा नेता रविभूषण और राष्ट्रीय स्वयं सेवक, भाजपा और विश्व हिंदू परिषद से जुड़े लोग शामिल थे। इसके साथ अन्य कई लोग भी शामिल हुए थे। इसी प्रकार से हैफेड के चेयरमैन कैलाश भगत के पिता अमरनाथ भगत भी अयोध्या पहुंचे थे।
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वर्ष 1992 में घटित घटना की दास्तां को लेकर भाजपा नेता रविभूषण ने अमर उजाला के साथ सांझा किया। गर्ग ने बताया कि अब तो भगवान श्री राम के मंदिर की स्थापना हो रही है। इसकी नींव 1992 में ही यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की अगुवाई में पड़ गई थी। क्योंकि उनकी अगुवाई वाली सरकार में ही कार सेवकों ने राम मंदिर को एक बड़ा आंदोलन किया था।
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बताया कि राम मंदिर वाली जगह पर ढांचा तोड़ने के बाद स्थिति बेहत तनावपूर्ण हो गई थी। इसके बाद संगठन की ओर से अयोध्या पहुंचे सभी कार सेवकों को वापस जाने का आदेश किया गया। इसके बाद कार सेवक मालगाड़ियों से वापस लौटे थे। गर्ग ने बताया कि उस समय अयोध्या के स्थानीय लोगों ने कार सेवकों का काफी सहयोग किया था। अधिकतर कार सेवक स्थानीय लोगों के घरों में ही ठहरे थे।
चारों तरफ थे केवल कार सेवक ही कार सेवक
भाजपा नेता रविभूषण ने बताया कि उस समय अयोध्या में जिधर ही नजर पड़ती तो वहां केवल कार सेवक ही कार सेवक दिखाई देते थे। कार सेवक वहां पर राम मंदिर के निर्माण के उद्देश्य से गए थे, लेकिन वहां पर परिस्थितियां और ही बन गई। संगठन की तरफ से आदेश दिया गया कि सभी कार सेवक सरयू तट पर पहुंचे और वहां से एक मुट्ठी रेत लाकर ढांचे पर डाल दें। उस समय कार सेवक काफी अचंभित हुए। वे काफी निराश भी हुए, लेकिन अब परिस्थितियां बदली हैं और अयोध्या में भगवान श्री राम का मंदिर बन गया है। भाजपा नेता रविभूषण ने बताया कि वर्ष 1992 में कैथल से रघुनाथ, स्व. माई लाल सैनी, सुरेश गोयल, सुरेंद्र जांगड़ा, जगदीश ग्रोवर, श्याम बंसल सहित अन्य कार सेवक शामिल हुए थे।
अमरनाथ भगत भी पहुंचे थे अयोध्या
हैफेड चेयरमैन कैलाश भगत के 96 वर्षीय पिता अमरनाथ भगत भी वर्ष 1992 में अपनी पत्नी सहित अयोध्या पहुंचे थे। वे उस दौरान मंदिर में ही ठहरे थे। अमरनाथ भगत ने बताया कि वह शुरूआत से राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुडे़। इसके तहत वे दो बार चुनाव भी लड़ चुके हैं। एक बार 1962 में नगर परिषद अध्यक्ष और दूसरी बार 1982 में कैथल विधानसभा क्षेत्र से। भगत ने बताया कि उनके जत्थे में 60 कार सेवक शामिल थे। वे लखनऊ तक तो बस में पहुंचे, लेकिन वहां से पैदल ही गए थे। भगवान श्री राम मंदिर का निर्माण हो रहा है तो काफी खुशी हो रही है।