{"_id":"695582bed17211fabd087a43","slug":"raipur-haryana-express-ran-with-a-delay-of-4-hours-after-two-days-kaithal-news-c-18-1-knl1004-814136-2026-01-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: दो दिन बाद 4 घंटे की देरी से चली रायपुर-हरियाणा एक्सप्रेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: दो दिन बाद 4 घंटे की देरी से चली रायपुर-हरियाणा एक्सप्रेस
Thu, 01 Jan 2026 01:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 01 Jan 2026 01:38 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। पिछले दो दिनों से रद्द चल रही रायपुर हरियाणा एक्सप्रेस का संचालन शुक्रवार को करीब चार घंटे की देरी के बाद शुरू किया गया। यह ट्रेन पिछले तीन दिनों से नंगल डैम पर खड़ी थी, जिसमें सवार सैकड़ों यात्री ठंड, असमंजस और अनिश्चितता के बीच परेशान होते रहे।
हैरानी की बात यह रही कि तीन दिन तक ट्रेन खड़ी रहने के बावजूद यात्रियों के लिए न तो समुचित सूचना व्यवस्था की गई और न ही किसी वैकल्पिक इंतजाम की घोषणा हुई।
यात्रियों को कभी स्टेशन तो कभी ट्रेन के बीच भटकने को मजबूर होना पड़ा। न तो स्पष्ट अनाउंसमेंट की गई और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने स्थिति को लेकर यात्रियों को भरोसे में लिया।रेल प्रशासन की ओर से मौसम को कारण बताया जा रहा है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या घना कोहरा पहली बार पड़ा है? हर साल सर्दियों में यही स्थिति बनती है, फिर भी न तो पूर्व तैयारी की जाती है और न ही यात्रियों की
विज्ञापन
सुविधा को लेकर कोई ठोस कार्ययोजना नजर आती है।
हालांकि शुक्रवार को रायपुर हरियाणा एक्सप्रेस के चलने से यात्रियों को कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन रेल संचालन अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। जींद–कुरुक्षेत्र पैसेंजर, दिल्ली–कुरुक्षेत्र डेमू और साबरमती एक्सप्रेस अब भी दो से तीन घंटे की देरी से चल रही हैं। इससे रोजाना अप-डाउन करने वाले यात्रियों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है।
विज्ञापन
कैथल। पिछले दो दिनों से रद्द चल रही रायपुर हरियाणा एक्सप्रेस का संचालन शुक्रवार को करीब चार घंटे की देरी के बाद शुरू किया गया। यह ट्रेन पिछले तीन दिनों से नंगल डैम पर खड़ी थी, जिसमें सवार सैकड़ों यात्री ठंड, असमंजस और अनिश्चितता के बीच परेशान होते रहे।
हैरानी की बात यह रही कि तीन दिन तक ट्रेन खड़ी रहने के बावजूद यात्रियों के लिए न तो समुचित सूचना व्यवस्था की गई और न ही किसी वैकल्पिक इंतजाम की घोषणा हुई।
विज्ञापन
यात्रियों को कभी स्टेशन तो कभी ट्रेन के बीच भटकने को मजबूर होना पड़ा। न तो स्पष्ट अनाउंसमेंट की गई और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने स्थिति को लेकर यात्रियों को भरोसे में लिया।रेल प्रशासन की ओर से मौसम को कारण बताया जा रहा है, लेकिन सवाल यह उठता है कि क्या घना कोहरा पहली बार पड़ा है? हर साल सर्दियों में यही स्थिति बनती है, फिर भी न तो पूर्व तैयारी की जाती है और न ही यात्रियों की
विज्ञापन
सुविधा को लेकर कोई ठोस कार्ययोजना नजर आती है।
हालांकि शुक्रवार को रायपुर हरियाणा एक्सप्रेस के चलने से यात्रियों को कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन रेल संचालन अब भी पूरी तरह सामान्य नहीं हो पाया है। जींद–कुरुक्षेत्र पैसेंजर, दिल्ली–कुरुक्षेत्र डेमू और साबरमती एक्सप्रेस अब भी दो से तीन घंटे की देरी से चल रही हैं। इससे रोजाना अप-डाउन करने वाले यात्रियों की दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है।