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झूम के बरसे बदरा, किसानों के खिले चेहरे
ब्यूरो कैथल
Updated Fri, 29 Jul 2016 11:44 PM IST
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शहर की कई बस्तियों में भरा पानी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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मानसून के सीजन में पहली बार हुई अच्छी बरसात के कारण किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। लंबे समय से इंतजार कर रहे किसानों को आंशिक राहत मिली है। हालांकि बारिश के कारण शहर में कई कालोनियों में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। भगत सिंह चौक सहित कई मार्केट में भी दुकानों में पानी जा घुसा। दोपहर को बरसात रुकने के बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली।
वीरवार रात से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे काली घटा छा गई। वहीं सात बजे तक बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे तक कभी रुक-रुक कर तो कभी तेज बारिश होती रही। दोपहर तक औसतन 20 एमएम के आस-पास बारिश हुई।
किसानों का कहना है कि बारिश की इस समय काफी जरूरत है। अच्छी बारिश से खेती की दिशा ही बदल जाएगी। अभी तक मानसून के सीजन में जिले में बारिश ना के बराबर हुई थी। और ज्यादा बारिश हो जाए तो निश्चित तौर पर लाभ होगा।
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उधर, बारिश के कारण शहर में निचली बस्तियों में पानी भर गया। भगत सिंह चौक में कई दुकानों में पानी जा घुसा। भगत सिंह चौक पर दुकानदार मुंशी राम, राजीव विनायक, बबलू हलवाई, काका सहित अन्य ने कहा कि दुकानों में पानी घुसने के कारण परेशानी हो गई है। न्यू करनाल रोड, करनाल रोड पर जाट ग्राउंड के सामने, गली नंबर 6 में नाले रुके हुए हैं। रामनगर, अनाज मंडी जाने वाले रास्ते में भी जलभराव की स्थिति का सामना करना पड़ा। छोटी मंडी सहित हरसौला बस्ती व निचले क्षेत्रों में स्थित कई बस्तियों में लोगों को घरों तक पहुंचना मुश्किल हो गया। लोगों ने कहा कि बारिश के पानी की निकासी नहीं है। जिस कारण थोड़ी सी बारिश में ही सड़कों पर पानी जमा हो जाता है।
यह बारिश प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में है। इससे किसानों को काफी लाभ होगा। कैथल में करीब 20 एमएम बारिश हुई है। अगले 24 घंटों में और बारिश होने की संभावनाएं हैं।
डा. चंद्रशेखर डागर, मौसम वैज्ञानिक
बारिश से गिरा मकान, बच्चे घायल
पाई। वीरवार रात को बारिश के कारण गांव सिसला में एक मजदूर का मकान गिर गया। जिस कारण दो बच्चे घायल हो गए। बच्चों को जिला अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। सिसला गांव के निवासी नारायण कश्यप ने बताया कि रात के समय उसकी पत्नी ज्योती, भतीजी सुनीता, भतीजा कृष्ण, भानजा रोहताश एक कमरे में बैठे हुये थे। गांव में बारिश हो रही थी कि अचानक दीवार से खिसक कर लोहे का गाडर गिर गया। शुक्र यह रहा कि गाडर गेहूं की टंकी के ऊपर अटक गया और मकान की छत गिर गई। जिसमें उसका परिवार छत की कड़ियों व मिट्टी के नीचे दब गया। उसने बताया कि उसकी भतीजी सुनीता व भांजे रोहताश को काफी चोट आई है, जबकि उसकी पत्नी ज्योती व भतीजे को मामूली चोट आई है। भतीजी व भानजे को कैथल के सिविल अस्पताल में दाखिल करवा दिया गया है। उसने बताया कि वह मजदूरी करता है। अब इस मकान का मरम्मत करवाना उसके लिए मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इसकी आर्थिक सहायता करने की अपील की है।
सड़क पर पानी, राहगीर परेशान
पूंडरी। शुक्रवार की सुबह हुई बारिश से पूंडरी हलके में जहां किसानों के चेहरे खिल उठे वहीं कई गांवों में ग्राम पंचायतों व प्रशासन की भी पोल खुल गई है। पूंडरी-ढांड मुख्य सड़क पर गांव फरल में गुरुद्वारा सिंह सभा के नजदीक कई फीट पानी जमा हो गया। मुख्य सड़क होने के कारण गुजरने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण प्रदीप राणा, साहब सिंह, जगमाल सिंह, विक्रम सिंह, रामगोपाल राणा, कंवरपाल, चेतन शर्मा, डा. लीलू, राहूल, कालू व मोनी राणा ने बताया कि जब संबंधित विभाग सड़क का निर्माण कर रहा था, तभी ग्रामीणों ने बताया था कि सड़क यहां से नीची है। इसलिए सड़क को ओर ऊंचा उठाया जाए। लेकिन तब विभाग ने उनकी बात नहीं मानी।
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वीरवार रात से ही आसमान में बादल छाए हुए थे। शुक्रवार सुबह करीब छह बजे काली घटा छा गई। वहीं सात बजे तक बूंदाबांदी शुरू हो गई। इसके बाद दोपहर करीब 12 बजे तक कभी रुक-रुक कर तो कभी तेज बारिश होती रही। दोपहर तक औसतन 20 एमएम के आस-पास बारिश हुई।
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किसानों का कहना है कि बारिश की इस समय काफी जरूरत है। अच्छी बारिश से खेती की दिशा ही बदल जाएगी। अभी तक मानसून के सीजन में जिले में बारिश ना के बराबर हुई थी। और ज्यादा बारिश हो जाए तो निश्चित तौर पर लाभ होगा।
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उधर, बारिश के कारण शहर में निचली बस्तियों में पानी भर गया। भगत सिंह चौक में कई दुकानों में पानी जा घुसा। भगत सिंह चौक पर दुकानदार मुंशी राम, राजीव विनायक, बबलू हलवाई, काका सहित अन्य ने कहा कि दुकानों में पानी घुसने के कारण परेशानी हो गई है। न्यू करनाल रोड, करनाल रोड पर जाट ग्राउंड के सामने, गली नंबर 6 में नाले रुके हुए हैं। रामनगर, अनाज मंडी जाने वाले रास्ते में भी जलभराव की स्थिति का सामना करना पड़ा। छोटी मंडी सहित हरसौला बस्ती व निचले क्षेत्रों में स्थित कई बस्तियों में लोगों को घरों तक पहुंचना मुश्किल हो गया। लोगों ने कहा कि बारिश के पानी की निकासी नहीं है। जिस कारण थोड़ी सी बारिश में ही सड़कों पर पानी जमा हो जाता है।
यह बारिश प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में है। इससे किसानों को काफी लाभ होगा। कैथल में करीब 20 एमएम बारिश हुई है। अगले 24 घंटों में और बारिश होने की संभावनाएं हैं।
डा. चंद्रशेखर डागर, मौसम वैज्ञानिक
बारिश से गिरा मकान, बच्चे घायल
पाई। वीरवार रात को बारिश के कारण गांव सिसला में एक मजदूर का मकान गिर गया। जिस कारण दो बच्चे घायल हो गए। बच्चों को जिला अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। सिसला गांव के निवासी नारायण कश्यप ने बताया कि रात के समय उसकी पत्नी ज्योती, भतीजी सुनीता, भतीजा कृष्ण, भानजा रोहताश एक कमरे में बैठे हुये थे। गांव में बारिश हो रही थी कि अचानक दीवार से खिसक कर लोहे का गाडर गिर गया। शुक्र यह रहा कि गाडर गेहूं की टंकी के ऊपर अटक गया और मकान की छत गिर गई। जिसमें उसका परिवार छत की कड़ियों व मिट्टी के नीचे दब गया। उसने बताया कि उसकी भतीजी सुनीता व भांजे रोहताश को काफी चोट आई है, जबकि उसकी पत्नी ज्योती व भतीजे को मामूली चोट आई है। भतीजी व भानजे को कैथल के सिविल अस्पताल में दाखिल करवा दिया गया है। उसने बताया कि वह मजदूरी करता है। अब इस मकान का मरम्मत करवाना उसके लिए मुश्किल हो गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इसकी आर्थिक सहायता करने की अपील की है।
सड़क पर पानी, राहगीर परेशान
पूंडरी। शुक्रवार की सुबह हुई बारिश से पूंडरी हलके में जहां किसानों के चेहरे खिल उठे वहीं कई गांवों में ग्राम पंचायतों व प्रशासन की भी पोल खुल गई है। पूंडरी-ढांड मुख्य सड़क पर गांव फरल में गुरुद्वारा सिंह सभा के नजदीक कई फीट पानी जमा हो गया। मुख्य सड़क होने के कारण गुजरने वाले वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीण प्रदीप राणा, साहब सिंह, जगमाल सिंह, विक्रम सिंह, रामगोपाल राणा, कंवरपाल, चेतन शर्मा, डा. लीलू, राहूल, कालू व मोनी राणा ने बताया कि जब संबंधित विभाग सड़क का निर्माण कर रहा था, तभी ग्रामीणों ने बताया था कि सड़क यहां से नीची है। इसलिए सड़क को ओर ऊंचा उठाया जाए। लेकिन तब विभाग ने उनकी बात नहीं मानी।