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Kaithal News: पीडब्ल्यूडी ठेकेदारों ने नीतियों पर उठाए सवाल

Tue, 18 Nov 2025 01:34 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 18 Nov 2025 01:34 AM IST
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PWD contractors raise questions on policies
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। हरियाणा पी.डब्ल्यू.डी. गवर्नमेंट कॉन्ट्रेक्टर एसोसिएशन की प्रदेश स्तरीय अहम बैठक कैथल में हुई, जिसमें ठेकेदारों से जुड़ी समस्याओं को लेकर गहरी नाराजगी व्यक्त की गई। बैठक में चेयरमैन अशोक जैन, प्रदेश अध्यक्ष जयभगवान जाखड़, महासचिव मनोज चहल कोटड़ा, सचिव राजकुमार मलिक, विनोद मित्तल खरलिया, किरणपाल बालू, रामफल चहल, बलबीर मोहना, कपूर अहलावत झज्जर, गुरदेव नैन अमरगढ़ समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में चेयरमैन अशोक जैन ने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में ठेकेदारों को डराया और धमकाया जा रहा है, जिससे एक भय का वातावरण बन गया है। उन्होंने कहा कि पैच वर्क के नाम पर ठेकेदारों की परफॉर्मेंस बैंक गारंटी (पीबीजी) कैश करने का फरमान पूरी तरह अनुचित है और एसोसिएशन इसका पुरजोर विरोध करेगी।
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फील्ड अधिकारियों पर समान कार्रवाई की मांग : पदाधिकारियों ने कहा कि यदि किसी सड़क में कमी पाई जाती है तो केवल ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराना गलत है। उन्होंने मांग की कि संबंधित क्षेत्र के फील्ड अधिकारी की भी जवाबदेही तय हो। ऐसे मामलों में उनकी इन्क्रीमेंट रोकने से लेकर वेतन रोकने तक के प्रावधान होने चाहिए।
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मेंटेनेंस बजट नहीं, फिर भी देंगे 10-15 दिन में चकाचक सड़कें : ठेकेदारों ने कहा कि मेंटेनेंस के लिए अलग से कोई बजट नहीं दिया जाता, इसके बावजूद वे आश्वासन देते हैं कि अगले 10–15 दिनों में सड़कों की पूरी मरम्मत कर देंगे। उन्होंने कहा कि वे टकराव नहीं चाहते, बल्कि समाधान चाहते हैं। लेकिन यदि अनावश्यक और दबावपूर्ण नीतियां थोप दी गईं, तो विरोध करना मजबूरी हो जाएगा।

लंबित मांगों पर तुरंत फैसला लेने की अपील : सभा में उपस्थित सदस्यों ने कहा कि ठेकेदारों की 8–10 प्रमुख मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन्हें शीघ्र पूरा किया जाना आवश्यक है, ताकि टकराव की स्थिति से बचा जा सके।

एसोसिएशन ने स्पष्ट कहा कि ठेकेदार सरकार का अभिन्न अंग हैं और वे गुणवत्तापूर्ण निर्माण कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, लेकिन उन्हें बेवजह परेशान न किया जाए। पीबीजी को न छेड़ने और अनुचित प्रावधानों को वापस लेने की भी मांग की गई।

पोर्टल के दुरुपयोग का आरोप

एसोसिएशन पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल द्वारा शुरू किए गए इंजीनियरिंग वर्क्स पोर्टल का मौजूदा सरकार द्वारा गलत उपयोग किया जा रहा है। उनका कहना था कि ‘म्हारी सड़क’ ऐप में ऐसा प्रावधान किया गया है कि पैच न लगाने पर ठेकेदार की पीबीजी सीधे कैश कर दी जाएगी। ठेकेदारों के अनुसार यह न तो न्यायोचित है, न ही सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप। उन्होंने सवाल उठाया कि जब 5 प्रतिशत बजट में से 2.5 प्रतिशत राशि सरकार के पास ही रहती है, तो पैच वर्क न होने पर उसी बजट का उपयोग क्यों नहीं किया जाता? एसोसिएशन ने आरोप लगाया कि यह सीधे-सीधे ठेकेदारों को वित्तीय दबाव में लाने की रणनीति है।


सरकार से तत्काल समीक्षा बैठक की मांग

एसोसिएशन पदाधिकारियों ने कहा कि ठेकेदार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, विभागीय मंत्री रणबीर सिंह गंगवा और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक करना चाहते हैं, ताकि सभी मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हो सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ठेकेदारों को प्रताड़ित किया गया तो एसोसिएशन इसे किसी भी हाल में सहन नहीं करेगी।
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