फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   property tax, development, 11 crore rupees, kaithal

कैसे हो विकास जब बकाया हैं 11 करोड़

Sat, 06 Aug 2016 11:43 PM IST
ब्यूरो कैथल
ब्यूरो कैथल Updated Sat, 06 Aug 2016 11:43 PM IST
विज्ञापन
property tax, development, 11 crore rupees, kaithal
नगर परिषद की टैक्स ब्रांच बदहाल - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
शहर पर नगर परिषद का करीब 11 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। जिस कारण परिषद एक तरह से आर्थिक तंगी से गुजर रही है। मुख्य रूप से कर्मचारियों की कमी व टैक्स आंकलन में खामियों को लेकर शहर के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नवनियुक्त परिषद अध्यक्ष ने पूरी ब्रांच का ही पुनर्गठन करने की बात कही है। देखना है कि कब तक हालात सुधरेंगे। सरकारी भवनों पर भी लाखों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है।
विज्ञापन


11 करोड़ से अधिक का है बकाया
शहर में करीब 60 हजार से अधिक प्रॉपर्टी इकाईयां हैं। जिनमें से हजारों इकाइयों पर पुराना व चालू वित्त वर्ष का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है। इनमें व्यवसायिक, घरेलू चल-अचल संपत्तियां शामिल हैं। जिनकी ओर करीब 11 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है। बार-बार नोटिस के बावजूद लोग इस बकाया राशि को जमा नहीं करवा रहे हैं।
विज्ञापन


कर्मचारियों की कमी से जूझ रही है टैक्स ब्रांच
परिषद की प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच के प्रति भी लोगों की शिकायतें कम नहीं हैं। लोग यहां टैक्स जमा करवाने के लिए जाते हैं तो कई बार भीड़ में उनका नंबर नहीं आता। जो कर्मचारी हैं, उनके ऊपर काम का इतना बोझ है कि वे दिन भर काम में लगे रहते हैं। इसके बावजूद काम पूरा नहीं हो पाता। लोगों को अपने कार्यों के लिए कई-कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


आकलन में खामी हो जाए तो हो जाती है मुश्किल
शहर वासी राजेश कुमार, संजय, विजय, रामकुमार ने कहा कि प्रॉपर्टी टैक्स आकलन में यदि किसी की खामी हो जाए तो उसमें सुधार करवाना अपने आप में एक जंग लड़ने के सामान है। यहां कई बार चक्कर लगाने पड़ते हैं। बाद में पता चलता है कि यह आकलन किसी निजी एजेंसी से करवाया गया था। उसी की गलती है। लोगों को यही समझने में परेशानी होती है कि आखिर वे %
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed