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सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ गरजे निजी स्कूल संचालक

Mon, 27 Mar 2017 11:33 PM IST
ब्यूरो कैथ्ाल
ब्यूरो कैथ्ाल Updated Mon, 27 Mar 2017 11:33 PM IST
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private school owners, protest, teachers, kaithal
दो घंटे का धरना देकर डीसी को ज्ञापन दिया - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
 निजी स्कूलों में 134ए के मुद्दे सहित कई समस्याओं को लेकर जिले भर से 350 से अधिक निजी स्कूल संचालक व स्कूलों की अध्यापक-अध्यापिकाएं सोमवार सुबह महाराजा सूरजमल स्टेडियम में एकत्रित हुए। जहां दो घंटे का धरना देकर डीसी को ज्ञापन दिया। स्टेडियम से लघु सचिवालय तक अध्यापकों ने प्रदर्शन भी किया और उनकी समस्याओं के समाधान की मांग की।
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सोमवार सुबह महाराज सूरजमल स्टेडियम में एकत्रित निजी स्कूल संचालकों व अध्यापक-अध्यापिकाओं का नेतृत्व प्राइवेट स्कूल वेलफेयर एसोसिएशन के चेयरमैन वरुण जैन एवं जिला प्रधान बलिंद्र संधू ने की। मुख्य रूप से एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा भी प्रदर्शन को समर्थन देने पहुंचे।
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बेवजह किया जा रहा है परेशान
कुलभूषण शर्मा ने कहा कि यह सरकार अब तक झूठ की सरकार साबित हुई है। सरकार एसोसिएशन को किए वादे को पूरा करने में भी विफल साबित हुई है। उन्होंने बताया कि डेढ़ वर्ष पहले एसोसिएशन की शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा के साथ चंडीगढ़ में बातचीत हुई थी। प्राइवेट स्कूलों में 134 ए लागू करने के मुद्दे पर गहनता से बातचीत की गई थी। उस समय शिक्षा मंत्री ने सरकार की ओर से 8 सदस्यों का प्रतिनिधिमंडल एवं प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन के भी 8 सदस्यों को प्रतिनिधिमंडल बनाकर आपस में बातचीत के लिए कहा था, जिसमें यह निर्णय लिया गया था कि हर माह कमेटी और एसोसिएशन की बातचीत कर प्राइवेट स्कूलों की समस्याओं को दूर किया जाएगा, लेकिन अफसोस की बात यह है कि अब तक सरकार की इस कमेटी ने एसोसिएशन की कमेटी के साथ बातचीत नहीं की। सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन को प्रदेश भर में ले जाया जाएगा।
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134ए पर रुख स्पष्ट करे सरकार
एसोसिएशन के चेयरमैन वरूण जैन एवं प्रधान बलिंद्र संधू ने बताया कि पिछले वर्ष भाजपा सरकार में शिक्षामंत्री से मीटिंग में यह निर्णय लिया गया था कि सरकार प्राइवेट स्कूलों को 700 रुपये प्रति बच्चा देगी, जिनके तहत निजी स्कूल 134ए के नियमों का पालन करेंगे, लेकिन सरकार ने अपनी मंशा ठीक न रखते हुए यहां भी निजी स्कूल संचालकों के साथ वादा खिलाफी की और 700 रुपये प्रति बच्चा की जगह 200 से 400 रुपये प्रति बच्चा दिया जाने लगा है। उन्होंने कहा कि सरकार 134ए के तहत अपना रुख स्पष्ट नहीं कर रही।


लघु सचिवालय तक किया प्रदर्शन
प्रदर्शन में कुलदीप पूनिया जिला प्रभारी, जोगिन्द्र ढुल स्टेट उपाध्यक्ष, जगजीत माजरा वाइस प्रेजिडेंट, प्रदीप कसान जनरल सेक्रेटरी, महीपाल कौशिक मुख्य सलाहकार ने भी अपने विचार रखे। इसके पश्चात स्कूल संचालक खेल स्टेडियम से प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचे और यहां सीटीएम विरेंद्र सांगवान को मुख्यमंत्री के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन दिया। प्रदर्शन में सचिव हरपाल आर्य, कोषाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्ष विकास धीमान, परमानंद गोयल, धर्मवीर शर्मा, श्रवण कुमार, कृष्ण कुमार, सतबीर सहारण, सुभाष चन्द्र, सुरेश शर्मा, रमेश चंद, राजेश सहारण, रणबीर आर्य, रघुबीर शर्मा, वकील चंद सहित जिले भर के अन्य निजी स्कूल संचालक एवं अध्यापक मौजूद रहे।

यह है मांगे:-
1. 134ए के तहत 2500 रुपये वाउचर के रूप में सीधे बच्चों के बैंक खाते में डाले जाए
2. ग्रामीण व शहरी रिम्बर्समेंट के भेदभाव को दूर किया जाए।
3. 9वीं से 12वीं कक्षा के बच्चों का रिम्बर्समेंट दिया जाए।
4. बस की समस्या में हाइड्रोलिक दरवाजे की शर्त को हटाया जाए।
5. ड्राइवर के पांच साल के अनुभव की शर्त को हटाया जाए।
6. महिला कंडक्टर की शर्त को हटाया जाए।
7. बसों के बीमों में 100 प्रतिशत छूट दी जाए।
8. प्राइवेट स्कूलों में पढ़ रहे एससी, बीसी बच्चों को पहले की तरह सरकार द्वारा स्टाइपन दिया जाए
9.  स्कूलों को 50 प्रतिशत छूट देकर व सस्ती ब्याज दरों पर किश्तों के रूप में सौर ऊर्जा को उपलब्ध कराया जाए
10.  कई वर्षों से चल रहे स्कूलों को जमीन की शर्त हटाकर उन्हें अपग्रेड किया जाए
11. 2003 से पूर्व चल रहे सभी स्कूलों को एकमुश्त मान्यता दी जाए।
12. बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए आवश्यक काउंटर हस्ताक्षर की शर्त को हटाया जाए।
13. अध्यापक के चार वर्ष के अनुभव को एचटैट के बराबर माना जाए।
14. बिजली बिल घरेलू दर पर वसूल किया जाए।
15. ग्रामीण स्कूलों में स्कूल समय में बिजली उपलब्ध करवाई जाए।
16.  स्कूलों पर लगाया गया प्रॉपर्टी टैक्स हटाया जाए।
17. स्कूलों में जितनी संख्या में बच्चे खेलों में भाग लेते है, सिर्फ उन्हीं बच्चों से स्पोर्ट्स फंड भरवाया जाए।
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