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Kaithal News: शिवालयों में सजावट के साथ भंडारे की चल रही तैयारी

Fri, 13 Feb 2026 12:33 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Fri, 13 Feb 2026 12:33 AM IST
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Preparations for the feast are underway along with decoration in Shiva temples.
महा​शिवरात्रि से पहले 11 रुद्री मंदिर में किया गया भोले बाबा का ​शृंगार।
संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। महाशिवरात्रि रविवार (15 फरवरी) को है। पर्व के लिए जिले भर के शिवालयों में तैयारियां जोरों पर हैं। शहर के प्राचीन 11 रुद्री मंदिरों सहित अन्य शिव मंदिरों में विशेष सजावट, पूजन-अर्चना और भंडारे की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। मंदिरों के पुजारी और श्रद्धालु मिलकर व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित बनाने में जुटे हैं।

जिले में 11 रुद्री मंदिर आस्था का मुख्य केंद्र माना जाता है।  मंदिर के पुजारी पंडित मुनिंद्र ने बताया कि परिसर की सफाई के साथ रंग-बिरंगी रोशनी और फूलों से सजावट की जा रही है। इस बार बनारस और कोलकाता से फूल मंगवाए गए हैं, जिनमें गेंदा, गुलाब, ऑर्किड और विदेशी सजावटी फूल शामिल हैं, जो बाबा भोलेनाथ के दरबार को आकर्षक रूप देंगे।
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पूजा मुहूर्त

हनुमान वाटिका के पुजारी पंडित विशाल शर्मा ने बताया कि महाशिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रतीक पर्व है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखकर शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा और फल अर्पित करते हैं। 15 फरवरी को प्रातः ब्रह्म मुहूर्त से मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। रात के चार प्रहर की पूजा विशेष महत्व रखती है। पहले प्रहर में जल, दूसरे में दूध, तीसरे में घी और शहद, चौथे प्रहर में गंगाजल और पंचामृत से अभिषेक किया जाएगा।n
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शुभ मुहूर्त: सुबह 8:24 से 11:11 बजे

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अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त: 11:11 से दोपहर 12:35 बजे

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दोपहर 12:00 से 1:30 बजे और रात्रि 8:00 बजे से मध्यरात्रि तक विशेष पूजा


दान का विशेष महत्व

छोटी माता मंदिर के पुजारी विनायक भारद्वाज ने कहा कि इस दिन जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, कंबल और तिल का दान विशेष पुण्य का कारण बनता है। शिवपुराण के अनुसार दान करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और ग्रहों के दुष्प्रभाव दूर होते हैं। श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि पूजा के साथ सेवा और दान को प्राथमिकता दें। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जलाभिषेक के लिए अलग कतारें, सुरक्षा और स्वच्छता के लिए स्वयंसेवकों की ड्यूटी, प्रसाद वितरण और भंडारे की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर अलग-अलग मंडलियों को भजन-कीर्तन के लिए बुलाया जाएगा, साथ ही शाम को जागरण और भजन संध्या का आयोजन होगा। बाजारों में पूजा सामग्री, बेलपत्र और फलों की दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है, जिससे महाशिवरात्रि का उत्साह पूरे शहर में देखा जा रहा है।
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