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गरीब परिवारों को न खाने का तेल मिल रहा न पैसे
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Poor families are neither getting cooking oil nor money
- फोटो : Kaithal
खाने में अधिकतर प्रयोग होने वाले तेल की कीमतें जैसे ही आसमान छूने लगीं तो हरियाणा सरकार ने डिपो के माध्यम से दिए जाने वाले तेल की आपूर्ति बंद करके 250 रुपये देने की घोषणा की थी। जिसमें से काफी संख्या में लोगों को यह 250 रुपये की राशि भी नहीं मिली है। इस तरह से इन लोगों को न तो तेल रहा है और न ही 250 रुपये। वहीं अधिकारियों का कहना है कि परिवार पहचान पत्र खाते में अपडेट न होने के कारण राशि नहीं जा रही है।
सरकार की ओर से पहले बीपीएल राशन कार्ड धारकों को दो लीटर तेल मिलता था। इसकी एवज में उससे 40 रुपये लिए जाते थे। ऐसे में 20 रुपये प्रति लीटर तेल मिलता था। लेकिन अब सरसों तेल के दाम बढऩे के कारण सरकार ने यह फैसला वापस ले लिया है। करीब पांच महीने पहले बीपीएल परिवार को सरसों का तेल नहीं बल्कि 250 रुपये दिए जाने फैसला लिया गया। लेकिन अब भी ऐसे अनेक परिवार हैं, जिनके खातों में रुपये तक नहीं आई। जिनके खाते में आए हैं, वे भी परेशान हैं। क्योंकि पहले केवल 40 रुपये में दो लीटर मिल जाता था। जो अब करीब 400 रुपये में मिलता है।
बीपीएल कार्ड धारक बिमला, रोशनी, हरदेव, सुखविंदर, पाला, नसीबो, धीरज, सतपाल, अशोक कुमार ने कहा कि सरकार ने बीपीएल राशन कार्ड धारकों को सरसों का तेल बंद किया गया है। उसके बदले खाते में 250 रुपये डालने की बात की गई है। परंतु अभी तक यह बात भी पूरी धरातल पर नहीं उतरी है। पहले लोगों को सरसों का तेल जो उन्हें 2 लीटर तेल डिपो से 40 में मिलता था, वहीं अब दुकान से करीब 400 रुपये में खरीदना पड़ रहा है। सरकार केवल राशन कार्ड धारक को ही 250 रुपये दे रही है। जबकि एक परिवार में सदस्य अनेक हैं। ऐसे में जितने रुपये दे रही है उसकी पूर्ति भी नहीं हो रही है।
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जनवरी में पहले 125-135 रुपये प्रति लीटर तक बिकने वाला सरसों तेल 180 रुपये तक है। रिफाइंड जहां 90-110 रुपये में बिकता था, उसके दाम अब 150-160 रुपये तक हैं। ऐसे में सरसों तेल और रिफाइंड ऑयल 50 रुपये तक महंगे हुए हैं।
कार्ड धारक इंदरो देवी का कहना है कि करीब पांच महीने से उन्हें डिपो से सरसों का तेल नहीं मिल रहा। वहीं खाते में भी पैसे नहीं आ रहे है। मध्यवर्गीय परिवारों को काफी समस्या हो रही है। सरकार को चाहिए दोबारा से डिपो में सरसों का तेल शुरू किया जाए।
कार्ड धारक महेंद्र का कहना है उनका बीपीएल कार्ड है। विभाग की ओर से अभी तक न तो कार्ड में बैंक खाता अपडेट को लेकर कोई जानकारी मांगी गई। पांच महीने से डिपो में उन्हें सरसों का तेल नहीं मिल रहा है और नहीं अभी तक पैसे मिले हैं।
सुभाष नगर निवासी डिपो होल्डर अनिल कुमार का कहना है कार्ड धारकों को सरसों के तेल की बजाए 250 रुपये दिए जा रहे है। पिछले करीब पांच महीने से डिपो में सरकार की ओर से सरसों के तेल की पूर्ति नहीं हो रही है।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक प्रमोद कुमार ने बताया कि सरकार के आदेश के अनुसार ही सरसों तेल की बजाए रुपये दिए जा रहे हैं। अगर कहीं पर समस्या है तो पता कराया जाएगा। लाभार्थियों के खाते में जल्द राशि भेजी जाएगी। जिले में 29 हजार 632 बैंक खातों में सरसों के तेल की राशि भेजी गई।
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सरकार की ओर से पहले बीपीएल राशन कार्ड धारकों को दो लीटर तेल मिलता था। इसकी एवज में उससे 40 रुपये लिए जाते थे। ऐसे में 20 रुपये प्रति लीटर तेल मिलता था। लेकिन अब सरसों तेल के दाम बढऩे के कारण सरकार ने यह फैसला वापस ले लिया है। करीब पांच महीने पहले बीपीएल परिवार को सरसों का तेल नहीं बल्कि 250 रुपये दिए जाने फैसला लिया गया। लेकिन अब भी ऐसे अनेक परिवार हैं, जिनके खातों में रुपये तक नहीं आई। जिनके खाते में आए हैं, वे भी परेशान हैं। क्योंकि पहले केवल 40 रुपये में दो लीटर मिल जाता था। जो अब करीब 400 रुपये में मिलता है।
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बीपीएल कार्ड धारक बिमला, रोशनी, हरदेव, सुखविंदर, पाला, नसीबो, धीरज, सतपाल, अशोक कुमार ने कहा कि सरकार ने बीपीएल राशन कार्ड धारकों को सरसों का तेल बंद किया गया है। उसके बदले खाते में 250 रुपये डालने की बात की गई है। परंतु अभी तक यह बात भी पूरी धरातल पर नहीं उतरी है। पहले लोगों को सरसों का तेल जो उन्हें 2 लीटर तेल डिपो से 40 में मिलता था, वहीं अब दुकान से करीब 400 रुपये में खरीदना पड़ रहा है। सरकार केवल राशन कार्ड धारक को ही 250 रुपये दे रही है। जबकि एक परिवार में सदस्य अनेक हैं। ऐसे में जितने रुपये दे रही है उसकी पूर्ति भी नहीं हो रही है।
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जनवरी में पहले 125-135 रुपये प्रति लीटर तक बिकने वाला सरसों तेल 180 रुपये तक है। रिफाइंड जहां 90-110 रुपये में बिकता था, उसके दाम अब 150-160 रुपये तक हैं। ऐसे में सरसों तेल और रिफाइंड ऑयल 50 रुपये तक महंगे हुए हैं।
कार्ड धारक इंदरो देवी का कहना है कि करीब पांच महीने से उन्हें डिपो से सरसों का तेल नहीं मिल रहा। वहीं खाते में भी पैसे नहीं आ रहे है। मध्यवर्गीय परिवारों को काफी समस्या हो रही है। सरकार को चाहिए दोबारा से डिपो में सरसों का तेल शुरू किया जाए।
कार्ड धारक महेंद्र का कहना है उनका बीपीएल कार्ड है। विभाग की ओर से अभी तक न तो कार्ड में बैंक खाता अपडेट को लेकर कोई जानकारी मांगी गई। पांच महीने से डिपो में उन्हें सरसों का तेल नहीं मिल रहा है और नहीं अभी तक पैसे मिले हैं।
सुभाष नगर निवासी डिपो होल्डर अनिल कुमार का कहना है कार्ड धारकों को सरसों के तेल की बजाए 250 रुपये दिए जा रहे है। पिछले करीब पांच महीने से डिपो में सरकार की ओर से सरसों के तेल की पूर्ति नहीं हो रही है।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक प्रमोद कुमार ने बताया कि सरकार के आदेश के अनुसार ही सरसों तेल की बजाए रुपये दिए जा रहे हैं। अगर कहीं पर समस्या है तो पता कराया जाएगा। लाभार्थियों के खाते में जल्द राशि भेजी जाएगी। जिले में 29 हजार 632 बैंक खातों में सरसों के तेल की राशि भेजी गई।