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चयनकर्ताओं पर भेदभाव का आरोप लगाया
कैथल
Updated Sat, 24 May 2014 11:50 PM IST
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कैथल। नोर्थ जोन बैडमिंटन चैंपियनशिप में चयन न होने पर खिलाड़ियों ने हरियाणा बाल बैडमिंटन संघ के सदस्यों पर भेदभाव का आरोप लगाया है। खिलाड़ियों ने बताया कि चयनकर्ताओं ने पहले तो उन्हें टीम में चयन के लिए कहते रहे, लेकिन जब खिलाड़ियों की शिविर शुरू हुआ तो उस समय टीम में न होने की सूचना दे दी। उन्होंने बताया कि संघ के सदस्यों ने अपने चहेतों का टीम में चयन किया है।
खिलाड़ी कुलदीप सिंह व शुभम चितरा ने बताया कि नौ व 10 मई को सीवन में खिलाड़ियों का ट्रायल लिया गया। जिसमें कैथल की तीन व हिसार की एक टीम ने भाग लिया। जिसमें उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। अच्छे प्रदर्शन के बाद भी उनका टीम में चयन नहीं किया गया है। खिलाड़ियों ने बताया कि ट्रायल के बाद संघ के सदस्य घनश्याम व शमशेर डीपीई ने उनका चयन के लिए कहा था। लेकिन टीम में नहीं लिया गया। संघ के सदस्यों ने जिस टीम का चयन किया है। वह पूंडरी में शिविर में भाग ले रही है। खिलाड़ियों की मांग है कि जिला प्रशासन खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता लाए, ताकि अच्छे खिलाड़ियों का मौका मिल सके।
बिना भेदभाव के चयन : चयनकर्ता
इस संदर्भ में चयनकर्ता घनश्याम ने बताया कि उन्होंने अकेले टीम का चयन नहीं किया है। उनके साथ चार अन्य चयन कर्ताओं का यह निर्णय है। उनकी टीम में कई खिलाड़ी विश्वविद्यालय स्तर पर खेल चुके हैं। उन्हें मौका दिया गया है। खिलाड़ियों का चयन निष्पक्ष तरीके से किया गया है।
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खिलाड़ी कुलदीप सिंह व शुभम चितरा ने बताया कि नौ व 10 मई को सीवन में खिलाड़ियों का ट्रायल लिया गया। जिसमें कैथल की तीन व हिसार की एक टीम ने भाग लिया। जिसमें उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया। अच्छे प्रदर्शन के बाद भी उनका टीम में चयन नहीं किया गया है। खिलाड़ियों ने बताया कि ट्रायल के बाद संघ के सदस्य घनश्याम व शमशेर डीपीई ने उनका चयन के लिए कहा था। लेकिन टीम में नहीं लिया गया। संघ के सदस्यों ने जिस टीम का चयन किया है। वह पूंडरी में शिविर में भाग ले रही है। खिलाड़ियों की मांग है कि जिला प्रशासन खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता लाए, ताकि अच्छे खिलाड़ियों का मौका मिल सके।
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बिना भेदभाव के चयन : चयनकर्ता
इस संदर्भ में चयनकर्ता घनश्याम ने बताया कि उन्होंने अकेले टीम का चयन नहीं किया है। उनके साथ चार अन्य चयन कर्ताओं का यह निर्णय है। उनकी टीम में कई खिलाड़ी विश्वविद्यालय स्तर पर खेल चुके हैं। उन्हें मौका दिया गया है। खिलाड़ियों का चयन निष्पक्ष तरीके से किया गया है।
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