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कृमि मुक्ति की ओर बढ़ रहा है पाई : श्रवण करोड़ा
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पाई में कृमि मुक्त अभियान के लिए लोगों को जागरूक करते विभाग के कर्मचारी।
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कैथल। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाई के अंतर्गत उप स्वास्थ्य केंद्र पाई तृतीय में मंगलवार को राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस मनाया गया। अभियान में क्षेत्र के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और विद्यालयों में 1 से 19 वर्ष तक के बच्चों एवं किशोरों को कृमिनाशक दवा खिलाई गई। इस दौरान बच्चों के साथ-साथ अभिभावकों को भी कृमि संक्रमण के कारण, दुष्प्रभाव और बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया गया। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मचारी श्रवण करोड़ा, निर्मल देवी और मीनाक्षी ने अलग-अलग स्कूलों और क्षेत्रों में जाकर लोगों को स्वच्छता के महत्व के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पेट में कीड़े होने से बच्चों में कुपोषण, खून की कमी, कमजोरी और मानसिक विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। यही कारण है कि सरकार की ओर से वर्ष में दो बार यह अभियान चलाया जाता है। कृमि यानी पेट के कीड़े का संक्रमण मुख्य रूप से गंदे हाथों से भोजन करने, बिना धोए फल-सब्जियां खाने, दूषित पानी पीने, खुले में शौच करने और मिट्टी में खेलने के बाद हाथ न धोने जैसी आदतों से फैलता है।
अभियान के अंतर्गत विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में दवा वितरण किया गया। घर-घर जाकर बच्चों को दवा खिलाई गई और छूटे हुए बच्चों को कवर करने के लिए विशेष योजना बनाई गई। इसके अलावा मॉप-अप दिवस की जानकारी दी गई और स्वच्छता व स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता अभियान भी चलाया गया। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और आशा बहनों सुदेश देवी, उर्मिला वर्मा, प्रियंका रानी, पिंकी देवी, कुसुम रानी और संतोष वर्मा का सराहनीय योगदान रहा।
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अभियान के अंतर्गत विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में दवा वितरण किया गया। घर-घर जाकर बच्चों को दवा खिलाई गई और छूटे हुए बच्चों को कवर करने के लिए विशेष योजना बनाई गई। इसके अलावा मॉप-अप दिवस की जानकारी दी गई और स्वच्छता व स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता अभियान भी चलाया गया। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और आशा बहनों सुदेश देवी, उर्मिला वर्मा, प्रियंका रानी, पिंकी देवी, कुसुम रानी और संतोष वर्मा का सराहनीय योगदान रहा।
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