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Kaithal News: आय सत्यापन के लिए भटकते रहे लोग
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11-कैथल। नगर परिषद भवन में पीपीपी ठीक करवाने पहुंचे लोग।
- फोटो : Kaithal
कैथल। परिवार पहचान पत्र में त्रुटियां ठीक करने के लिए शहर में पांच और ग्रामीण क्षेत्रों में शिविर लगाए गए हैं लेकिन इनमेें आय सत्यापन से संबंधित कार्य नहीं हो पा रहे। ऐसे आरोप वहां पहुंचे लोगों ने लगाए। उन्होंने बताया कि शिविरों में परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से संबंधित महज चार काम ही कराए जा रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से मोबाइल नंबर बदला जा रहा है, दूसरा पीपीपी में नया सदस्य जोड़ने का कार्य शामिल है।
लोगों के मुताबिक, यदि किसी की जन्मतिथि गलत है तो सही की जा रही है। चौथा कार्य जो शिविर में किया जा रहा है, वह परिवार के सदस्यों को अलग बनाने का कार्य है। जैसे- किसी परिवार में 20 के करीब सदस्य है तो उनकी दूसरी पीपीपी अलग बनाने का कार्य। लोगों का कहना है कि ये समस्याएं बहुत कम लोगों की है। दरअसल, मुख्य समस्या आय सत्यापन से संबंधित है। जैसे किसी की आय का सत्यापित न होना, किसी की आय कम है लेकिन दर्ज ज्यादा है। इसी प्रकार परिवार के सदस्यों को पीपीपी में मर्ज करवाने की समस्या आ रही है।
गौरतलब है कि शहर में पांच जगहों पर शिविर लगाए गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक गांव के सरकारी स्कूल व ग्राम सचिवालयों में ऑपरेटरों द्वारा पीपीपी में त्रुटियां सही करने का कार्य किया जा रहा है। समस्याओं को लेकर पहुंचे अधिकांश लोगों ने बताया कि मुख्य समस्या आय सत्यापन और अलग परिवार पहचान पत्र बनाने संबंधी है। कई लोगों ने बताया कि पीपीपी में उनकी इनकम डिक्लेयर दिखाई गई है, जो कि सत्यापित नहीं। कई लोगों ने बताया कि चार-पांच माह से विभाग के चक्कर काट रहे हैं पर नतीजा सिफर है। दूसरी ओर काम कर रहे ऑपरेटरों का कहना है कि इनकम ठीक करने के लिए उनके पास कोई वेबसाइट पर कोई ऑप्शन नहीं है और न ही ऐसी उनके पास कोई अनुमति है। इसलिए वह इसे ठीक नहीं कर सकते।
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केस एक-
पीपीपी में त्रुटि ठीक करवाने आए सोहन लाल चौशाला ने बताया कि उसकी पीपीपी में इनकम सत्यापित नहीं हो रही। इस कार्य के लिए वह तीन माह से विभाग के चक्कर काट रहा है। लेकिन इसका समाधान नहीं हो रहा। वह इस मामले के संबंध में गांव के सचिवालय में लगे शिविर में गया, जहां उसको बताया गया कि इनकम सत्यापन से संबंधित कैंप में कार्य नहीं होता। इस कारण उसका कोई समाधान नहीं हुआ। इनकम के मामले में लोगों को अधिक समस्याएं झेलनी पड़ रही है। सरकार को चाहिए कि जल्द से लोगों की इस समस्या का समाधान की व्यवस्था की जाए।
केस दो-
महादेव कॉलोनी निवासी शमशेर सिंह ने बताया कि उसकी पीपीपी में उसकी इनकम 2.50 लाख रुपये दिखाई गई है जबकि वह मजदूरी का कार्य करता है। पीपीपी में अधिक इनकम होने से वह सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है। वह इनकम ठीक कराने के लिए दो माह से सीएससी व विभाग के चक्कर लगा रहा है। कोई समाधान नहीं हो रहा। शनिवार को वह कमेटी चौक नगर परिषद में लगे शिविर में आया था। लेकिन उसका यहां पर भी कोई समाधान नहीं हुआ।
केस तीन-
जनकपुरी कॉलोनी वासी जगदेव ने बताया कि वह लघु सचिवालय में लगे शिविर में परिवार पहचान पत्र की समस्या लेकर आया है। उनके परिवार की दो पीपीपी हैं। शुरू में उनका एक सदस्य दूसरी पीपीपी में मर्ज कर दिया था, लेकिन अब दोबारा से उसे पहले वाली में ही मर्ज करवाना है लेकिन इसका कोई समाधान नहीं हो रहा।
केस चार-
माता गेट निवासी अश्विनी ने कहा कि उसकी पीपीपी में उसकी बेटी विद्यार्थी दिखाई गई है जबकि उसकी बेटी नौकरी करती है। वह ठीक कराने के लिए नगर परिषद कार्यालय में लगे शिविर में ठीक कराने के लिए आया था लेकिन यहां उसका समाधान नहीं हुआ और लघु सचिवालय में कमरा 206 में जानेे के लिए कहा है। अब वह सोमवार का वहां पर इसके समाधान के लिए जाएंगे।
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लोगों के मुताबिक, यदि किसी की जन्मतिथि गलत है तो सही की जा रही है। चौथा कार्य जो शिविर में किया जा रहा है, वह परिवार के सदस्यों को अलग बनाने का कार्य है। जैसे- किसी परिवार में 20 के करीब सदस्य है तो उनकी दूसरी पीपीपी अलग बनाने का कार्य। लोगों का कहना है कि ये समस्याएं बहुत कम लोगों की है। दरअसल, मुख्य समस्या आय सत्यापन से संबंधित है। जैसे किसी की आय का सत्यापित न होना, किसी की आय कम है लेकिन दर्ज ज्यादा है। इसी प्रकार परिवार के सदस्यों को पीपीपी में मर्ज करवाने की समस्या आ रही है।
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गौरतलब है कि शहर में पांच जगहों पर शिविर लगाए गए हैं। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक गांव के सरकारी स्कूल व ग्राम सचिवालयों में ऑपरेटरों द्वारा पीपीपी में त्रुटियां सही करने का कार्य किया जा रहा है। समस्याओं को लेकर पहुंचे अधिकांश लोगों ने बताया कि मुख्य समस्या आय सत्यापन और अलग परिवार पहचान पत्र बनाने संबंधी है। कई लोगों ने बताया कि पीपीपी में उनकी इनकम डिक्लेयर दिखाई गई है, जो कि सत्यापित नहीं। कई लोगों ने बताया कि चार-पांच माह से विभाग के चक्कर काट रहे हैं पर नतीजा सिफर है। दूसरी ओर काम कर रहे ऑपरेटरों का कहना है कि इनकम ठीक करने के लिए उनके पास कोई वेबसाइट पर कोई ऑप्शन नहीं है और न ही ऐसी उनके पास कोई अनुमति है। इसलिए वह इसे ठीक नहीं कर सकते।
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केस एक-
पीपीपी में त्रुटि ठीक करवाने आए सोहन लाल चौशाला ने बताया कि उसकी पीपीपी में इनकम सत्यापित नहीं हो रही। इस कार्य के लिए वह तीन माह से विभाग के चक्कर काट रहा है। लेकिन इसका समाधान नहीं हो रहा। वह इस मामले के संबंध में गांव के सचिवालय में लगे शिविर में गया, जहां उसको बताया गया कि इनकम सत्यापन से संबंधित कैंप में कार्य नहीं होता। इस कारण उसका कोई समाधान नहीं हुआ। इनकम के मामले में लोगों को अधिक समस्याएं झेलनी पड़ रही है। सरकार को चाहिए कि जल्द से लोगों की इस समस्या का समाधान की व्यवस्था की जाए।
केस दो-
महादेव कॉलोनी निवासी शमशेर सिंह ने बताया कि उसकी पीपीपी में उसकी इनकम 2.50 लाख रुपये दिखाई गई है जबकि वह मजदूरी का कार्य करता है। पीपीपी में अधिक इनकम होने से वह सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है। वह इनकम ठीक कराने के लिए दो माह से सीएससी व विभाग के चक्कर लगा रहा है। कोई समाधान नहीं हो रहा। शनिवार को वह कमेटी चौक नगर परिषद में लगे शिविर में आया था। लेकिन उसका यहां पर भी कोई समाधान नहीं हुआ।
केस तीन-
जनकपुरी कॉलोनी वासी जगदेव ने बताया कि वह लघु सचिवालय में लगे शिविर में परिवार पहचान पत्र की समस्या लेकर आया है। उनके परिवार की दो पीपीपी हैं। शुरू में उनका एक सदस्य दूसरी पीपीपी में मर्ज कर दिया था, लेकिन अब दोबारा से उसे पहले वाली में ही मर्ज करवाना है लेकिन इसका कोई समाधान नहीं हो रहा।
केस चार-
माता गेट निवासी अश्विनी ने कहा कि उसकी पीपीपी में उसकी बेटी विद्यार्थी दिखाई गई है जबकि उसकी बेटी नौकरी करती है। वह ठीक कराने के लिए नगर परिषद कार्यालय में लगे शिविर में ठीक कराने के लिए आया था लेकिन यहां उसका समाधान नहीं हुआ और लघु सचिवालय में कमरा 206 में जानेे के लिए कहा है। अब वह सोमवार का वहां पर इसके समाधान के लिए जाएंगे।