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Kaithal News: देवीलाल पार्क की खस्ता हालत से लोग परेशान
Fri, 29 Aug 2025 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 29 Aug 2025 01:46 AM IST
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36 कैथल। चीका के ताऊ देवी लाल पार्क में विचर रहा गोवंश। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। ताऊ देवीलाल पार्क, चीका की खस्ता हालत से स्थानीय निवासी नाराज हैं। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद सुधार नहीं हो रहा।
पार्क में गंदगी, टूटी हुई बेंचें, खराब लाइटिंग, जाम पड़े शौचालय और बंद पड़े वाटर कूलर जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। स्थानीय निवासी भान सिंह, यशपाल गर्ग, ईश्वर सिंह, जगदीश, जयभगवान और सुशील ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन से स्थिति सुधारने का अनुरोध किया, मगर अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए।
लोगों का कहना है कि नगरपालिका की उदासीनता के कारण पार्कों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। देवीलाल पार्क इसका बड़ा उदाहरण है, जहां लंबी घास, कूड़े के ढेर और बदबू से लोगों को बीमारियों का खतरा बना हुआ है। घास की कटाई तो कर दी जाती है, लेकिन उठाया नहीं जाता।
लोगों ने बताया कि देखरेख के अभाव में पार्क में लगे व्यायाम उपकरण खराब हो चुके हैं, कुछ जंग खा रहे हैं और कई चोरी हो चुके हैं। पार्क की सुरक्षा के लिए लगाई गई रेलिंग, गेट और दीवार भी टूट चुकी है। नतीजतन लोग पार्क के उपकरणों और सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे। निवासियों ने यह भी कहा कि छह साल पहले नगरपालिका ने ताऊ देवीलाल पार्क के सुंदरीकरण की योजना बनाई थी और विशेषज्ञों से सुझाव भी लिए थे, लेकिन वह योजना फाइलों में ही अटकी पड़ी है।
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गुहला-चीका। ताऊ देवीलाल पार्क, चीका की खस्ता हालत से स्थानीय निवासी नाराज हैं। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद सुधार नहीं हो रहा।
पार्क में गंदगी, टूटी हुई बेंचें, खराब लाइटिंग, जाम पड़े शौचालय और बंद पड़े वाटर कूलर जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। स्थानीय निवासी भान सिंह, यशपाल गर्ग, ईश्वर सिंह, जगदीश, जयभगवान और सुशील ने बताया कि उन्होंने कई बार प्रशासन से स्थिति सुधारने का अनुरोध किया, मगर अब तक ठोस कदम नहीं उठाए गए।
लोगों का कहना है कि नगरपालिका की उदासीनता के कारण पार्कों की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है। देवीलाल पार्क इसका बड़ा उदाहरण है, जहां लंबी घास, कूड़े के ढेर और बदबू से लोगों को बीमारियों का खतरा बना हुआ है। घास की कटाई तो कर दी जाती है, लेकिन उठाया नहीं जाता।
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लोगों ने बताया कि देखरेख के अभाव में पार्क में लगे व्यायाम उपकरण खराब हो चुके हैं, कुछ जंग खा रहे हैं और कई चोरी हो चुके हैं। पार्क की सुरक्षा के लिए लगाई गई रेलिंग, गेट और दीवार भी टूट चुकी है। नतीजतन लोग पार्क के उपकरणों और सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे। निवासियों ने यह भी कहा कि छह साल पहले नगरपालिका ने ताऊ देवीलाल पार्क के सुंदरीकरण की योजना बनाई थी और विशेषज्ञों से सुझाव भी लिए थे, लेकिन वह योजना फाइलों में ही अटकी पड़ी है।

36 कैथल। चीका के ताऊ देवी लाल पार्क में विचर रहा गोवंश। संवाद
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