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गुस्साए ग्रामीणों ने बैंक को जड़ा ताला
ब्यूरो कैथल
Updated Tue, 20 Dec 2016 12:04 AM IST
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स्टेट बैंक पटियाला की शाखा को ताला जड़ दिया
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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गांव मटौर के लोगों ने सोमवार देर सायं स्टेट बैंक पटियाला की शाखा को नकदी ना मिलने से परेशान होकर ताला जड़ दिया। जिस कारण स्टॉफ अंदर ही कैद होकर रह गया। बाद में बैंक अधिकारियों के आश्वासन पर लोगों ने ताला खोला।
पिछले कई दिनों से गांव मटौर की स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की शाखा से लोगों को नकदी मिलने में परेशानी आ रही थी। जिस कारण सोमवार देर सांय लोगों ने बैंक के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। जिस कारण पूरा स्टाफ अंदर ही कैद होकर रह गया। करीब दो घंटे बाद ग्राम सरपंच पिरथी सिंह को बैंक अधिकारियों ने आश्वस्त किया। जिस पर सरपंच ने लोगों को समझा कर बैंक का ताला खुलवाया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। लोगों का आरोप था कि बैंक कर्मचारी जानबूझ कर लोगों को परेशान कर रहे हैं।
लोगों की मजबूरियों को दर किनार कर मन चाहे लोगों में पैसा बांट रहे हैं। मनीष, सतपाल शर्मा, जरनैल सिंह, वीरेंद्र ने कहा कि बैंक कर्मचारी दोपहर डेढ़ बजे के करीब पैसे बांटना शुरू करते हैं तथा चार बजे से पहले ही बंद कर देते हैं। उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। मटौर गांव में स्थित बैंक नौं गांवों के लिए है। कलासर, भालंग, खेड़ी शेरखां, बडसीकरी कलां व खुर्द, कमालपुर व मटौर गांव के लोग सुबह आकर लाइनों में लगते हैं। लेकिन सायंकाल में बिना पैसे के ही अपने घरों को वापिस लौट जाते हैं।
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सतपाल ने कहा कि वह पिछले एक सप्ताह से बैंक के चक्कर लगा रहे हैं पर उनको पैसे मिलने तो दूर शाखा प्रबंधक भी उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं।
शाखा प्रबंधक ने कुछ भी जवाब देने से मना ही कर दिया। बाद में उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा जो आरोप लगाए जा रहे हैं वे पूरी तरह से निराधार हैं। जो भी कैश हर रोज उनकी ब्रांच को मिलता है, उसे बिना किसी भेदभाव के लोगों में बांट दिया जाता है। सोमवार को भी 125 टोकन दिये गए थे, जिनके तहत सभी 125 लोगों में तीन तीन हजार रुपये बांट दिये गए। ग्राम सरपंच की उपस्थिति में बैंक अपने उपभोक्ताओं में बांटने को तैयार है। भीड़ को देखते हुए गांव में बांटी जाने वाली पेंशन की राशि को भी बैंक से अलावा किसी और जगह बांटा जाएगा।
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पिछले कई दिनों से गांव मटौर की स्टेट बैंक ऑफ पटियाला की शाखा से लोगों को नकदी मिलने में परेशानी आ रही थी। जिस कारण सोमवार देर सांय लोगों ने बैंक के मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया। जिस कारण पूरा स्टाफ अंदर ही कैद होकर रह गया। करीब दो घंटे बाद ग्राम सरपंच पिरथी सिंह को बैंक अधिकारियों ने आश्वस्त किया। जिस पर सरपंच ने लोगों को समझा कर बैंक का ताला खुलवाया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। लोगों का आरोप था कि बैंक कर्मचारी जानबूझ कर लोगों को परेशान कर रहे हैं।
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लोगों की मजबूरियों को दर किनार कर मन चाहे लोगों में पैसा बांट रहे हैं। मनीष, सतपाल शर्मा, जरनैल सिंह, वीरेंद्र ने कहा कि बैंक कर्मचारी दोपहर डेढ़ बजे के करीब पैसे बांटना शुरू करते हैं तथा चार बजे से पहले ही बंद कर देते हैं। उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं। मटौर गांव में स्थित बैंक नौं गांवों के लिए है। कलासर, भालंग, खेड़ी शेरखां, बडसीकरी कलां व खुर्द, कमालपुर व मटौर गांव के लोग सुबह आकर लाइनों में लगते हैं। लेकिन सायंकाल में बिना पैसे के ही अपने घरों को वापिस लौट जाते हैं।
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सतपाल ने कहा कि वह पिछले एक सप्ताह से बैंक के चक्कर लगा रहे हैं पर उनको पैसे मिलने तो दूर शाखा प्रबंधक भी उनके साथ दुर्व्यवहार करते हैं।
शाखा प्रबंधक ने कुछ भी जवाब देने से मना ही कर दिया। बाद में उन्होंने कहा कि लोगों द्वारा जो आरोप लगाए जा रहे हैं वे पूरी तरह से निराधार हैं। जो भी कैश हर रोज उनकी ब्रांच को मिलता है, उसे बिना किसी भेदभाव के लोगों में बांट दिया जाता है। सोमवार को भी 125 टोकन दिये गए थे, जिनके तहत सभी 125 लोगों में तीन तीन हजार रुपये बांट दिये गए। ग्राम सरपंच की उपस्थिति में बैंक अपने उपभोक्ताओं में बांटने को तैयार है। भीड़ को देखते हुए गांव में बांटी जाने वाली पेंशन की राशि को भी बैंक से अलावा किसी और जगह बांटा जाएगा।