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Kaithal News: अखंड भारत के शिल्पी थे पटेल ः शोकल
Sat, 01 Nov 2025 12:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 01 Nov 2025 12:50 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला चीका। पतंजलि के सदस्यों ने देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री व गृहमंत्री भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की शुक्रवार को 150वीं जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में धूमधाम से मनाया। इस दौरान सिनेमा रोड स्थित पतंजलि योगशाला चीका में सभी सदस्यों ने सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
आचार्य हरिओम ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने 560 से अधिक रियासतों को एक साथ मिलाकर एक समृद्ध राष्ट्र की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जो स्वतंत्र भारत की पहली उपलब्धि रही। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने हमेशा से ही किसानों की लड़ाई लड़ी। सरदार पटेल को लोह पुरुष की उपाधि महात्मा गांधी ने दी थी क्योंकि उन्होंने 562 रियासतों को मिलाकर राष्ट्र का निर्माण किया था।
उनके मजबूत इरादे के कारण ही लोग उन्हें लौह पुरुष के रूप में जानते और पुकारते हैं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं बल्कि अखंड भारत के शिल्पी थे। आज हमें जैसा भारत नजर आता है वो सरदार पटेल के कारण ही है। उन्होंने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता को मजबूती प्रदान करने का काम किया। अखंड राष्ट्र के योगदान को याद कर उनके पद चिन्हों पर चलने का संकल्प पतंजलि सदस्यों को दिलाया। इस अवसर पर जय भगवान, विक्की आर्य, शीशपाल प्रजापति, ईश्वर सिंगला, इंद्रमोहन मित्तल, सुशील जिंदल, दीपक जिंदल, डिंपल कुमार, रामपाल आर्य, रामपाल चावला मौजूद रहे।
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गुहला चीका। पतंजलि के सदस्यों ने देश के प्रथम उपप्रधानमंत्री व गृहमंत्री भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की शुक्रवार को 150वीं जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में धूमधाम से मनाया। इस दौरान सिनेमा रोड स्थित पतंजलि योगशाला चीका में सभी सदस्यों ने सरदार पटेल के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
आचार्य हरिओम ने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल ने 560 से अधिक रियासतों को एक साथ मिलाकर एक समृद्ध राष्ट्र की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई जो स्वतंत्र भारत की पहली उपलब्धि रही। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल ने हमेशा से ही किसानों की लड़ाई लड़ी। सरदार पटेल को लोह पुरुष की उपाधि महात्मा गांधी ने दी थी क्योंकि उन्होंने 562 रियासतों को मिलाकर राष्ट्र का निर्माण किया था।
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उनके मजबूत इरादे के कारण ही लोग उन्हें लौह पुरुष के रूप में जानते और पुकारते हैं। उन्होंने कहा कि सरदार पटेल स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं बल्कि अखंड भारत के शिल्पी थे। आज हमें जैसा भारत नजर आता है वो सरदार पटेल के कारण ही है। उन्होंने कहा कि लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने देश की एकता और अखंडता को मजबूती प्रदान करने का काम किया। अखंड राष्ट्र के योगदान को याद कर उनके पद चिन्हों पर चलने का संकल्प पतंजलि सदस्यों को दिलाया। इस अवसर पर जय भगवान, विक्की आर्य, शीशपाल प्रजापति, ईश्वर सिंगला, इंद्रमोहन मित्तल, सुशील जिंदल, दीपक जिंदल, डिंपल कुमार, रामपाल आर्य, रामपाल चावला मौजूद रहे।
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