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दोपहर बाद तक नहीं हुई धान खरीद

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 15 Oct 2021 12:39 AM IST
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Paddy procurement not done till noon
Paddy procurement not done till noon - फोटो : Kaithal
वीरवार की सुबह नई अनाज मंडी में केवल उठान कार्य किए जाने के कारण धान की खरीद नहीं हुई। दोपहर बाद नई अनाज मंडी में धान की खरीद होने पर आढ़तियों व किसानों ने राहत की सांस ली। पुरानी अनाज मंडी में उठान की समस्या बरकरार है।
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विदित रहे कि तीनों अनाज मंडियों में धान का उठान धीमी गति से चल रहा है। वीरवार को नई अनाज मंडी में उठान को लेकर धान की खरीद बंद रखी गई। दोपहर तक केवल उठान का कार्य हुआ। दोपहर बाद तहसीलदार सुदेश मेहरा अनाज मंडी में पहुंची और आढ़तियों व मजदूर प्रतिनिधियों के साथ धान सफाई के लिए इलेक्ट्रॉनिक पंखा लगाने को लेकर बातचीत की। जिसमें मजदूरों के प्रतिनिधियों ने इस संबंध में स्पष्ट इंकार कर दिया। इसके बाद सायं के समय धान की खरीद की गई। प्रधान श्याम लाल गर्ग ने बताया कि मंडी में सायं के समय खरीद कार्य हुआ है। वीरवार को खरीद के संबंध में कोई परेशानी नहीं आई। काम सुचारु रूप से चल रहा है।
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उधर, पुरानी अनाज मंडी के प्रधान श्याम बहादुर खुरानिया ने कहा कि पुरानी अनाज मंडी में धान का उठान नहीं हो रहा। जिस कारण मंडी में धान के कट्टों के अंबार लगे हुए हैं। उनकी मांग है कि यहां से धान का उठान करवाया जाए। चीका के मिलर्स की खरीद बंद होने के बाद कई किसानों ने कम कीमत मिलने की बात कही है।
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दूसरी ओर जिला राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष सचिन मित्तल ने कहा कि पूरा प्रशासन खरीद कार्य में हर संभव सहयोग कर रहा है। चीका मिलर्स की खरीद पॉलिसी के अनुसार इसीलिए बंद की गई है कि कैथल के मिलर्स का कोटा पूरा हो सके। कैथल मंडी में किसानों के हितों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जो धान पूरी तरह से सूखी हुई है व नियमों पर खरा उतरता है। उसके लिए पूरा एमएसपी दिया जा रहा है। कम कीमत दिए जाने के सारे आरोप बेबुनियाद हैं। कैथल के मिलर्स नियमानुसार धान की खरीद कर रहे हैं।

कैथल। डीसी प्रदीप दहिया ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी धान सुखाकर मंडी में लाएं। ताकि उसकी उचित कीमत मिल सके। जिले में 3 लाख 38 हजार 551 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। डीसी ने यह भी कहा कि फसल अवशेष के तौर पर बची पराली में आग न लगाएं। इनका उचित प्रबंधन करें।
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