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रेडी टू लिफ्ट किसी का, उठान हो रहा है किसी ओर आढ़ती का
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अनाज मंडियों में ऑनलाइन गेटपास से उठान की प्रक्रिया पारदर्शिता के लिए लागू की गई है, लेकिन इसमें दो दिनों में ही बड़ी गड़बड़ी सामने आई है। जिसके तहत रेडी टू लिफ्ट तो किसी आढ़ती का धान है, लेकिन उसकी जगह उठान किसी और फर्म का हो रहा है। बाद में उस आढ़ती को किसी अन्य फर्म के रेडी टू लिफ्ट गेटपास के माध्यम से उठान करवाकर किसी तरह काम चलाया जा रहा है।
नई अनाज मंडी में एक फर्म के आढ़ती ने बताया कि उनकी फर्म ने ऑनलाइन गेट पास की जटिल प्रक्रिया का पालन करते हुए ऑनलाइन गेटपास की व्यवस्था की थी। इसके बाद जब वे ऑनलाइन गेटपास के लिए एजेंसी के पास गए तो वहां पता चला कि उनके नाम से उठान किसी और फर्म का करवा दिया गया है। जब उन्होंने इस पर रोष प्रकट किया तो सोमवार को उनकी फर्म के धान का उठान किसी अन्य फर्म के ऑनलाइन गेटपास पर किया गया। ऐसे में आढ़तियों में आशंका है कि कहीं बीस साल पहले हुए धान घोटाले की तर्ज पर फिर कोई बड़ी गड़बड़ी न हो जाए।
गांव नौच के किसानों का नहीं खरीदा जा रहा धान
गांव नौच के किसान राजेश, राजबीर ने आढ़ती श्यामलाल को जानकारी दी कि उनके गांव के नाम से खरीद एजेंसी के अधिकारी यह कहकर खरीद नहीं कर रहे हैं कि उनके गांव में पीआर धान का उत्पादन ही नहीं हुआ। जबकि उनके गांव में पूरे जिले में सबसे उच्च गुणवत्ता की धान का उत्पादन होता है। आढ़ती श्यामलाल ने बताया कि यह नई तरह की समस्या उनके सामने तब आई है, जब इन किसानों के पास ऑनलाइन गेटपास के साथ-साथ मेरी फसल मेरा ब्योरा में दर्ज करवाई गई फसल का विवरण भी है। इससे किसान परेशान हैं।
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घंटों मशक्कत के बाद कट रहे हैं गेट पास
पुरानी अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान श्याम बहादुर खुरानिया ने बताया कि पुरानी अनाज मंडी की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है। मुनीम व स्वयं कई आढ़ती नई अनाज मंडी के पीआर सेंटर में लाइन में लगे हैं। कई-कई घंटों की मशक्कत के बाद उनके गेटपास कट रहे हैं। मंडी में चारों ओर धान की बोरियों के अंबार लगे हैं। सुबह से मुश्किल से कुछ ट्रालियों में धान अंदर आ सका है। जब तक पहले से खरीदे गए धान का उठान नहीं होगा, तब तक यह काम प्रभावित रहेगा।
एसो. प्रधान ने जताई घोटाले की आशंका
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान श्यामलाल गर्ग ने कहा कि उनके पास ऐसी सूचनाएं आई हैं कि रेडी टू लिफ्ट तो कोई आढ़ती करवा रहा है, उस फर्म की बजाए उठान किसी और का हो रहा है। यदि ऐसा है तो उन्हें आशंका है कि कहीं बीस साल पहले कथित तौर पर सामने आए धान घोटाले की तर्ज पर कोई गड़बड़ी न हो जाए। वे इस संबंध में मंगलवार को अधिकारियों से मिलेंगे और मामले को उनके संज्ञान में लाएंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है? जबकि गेटपास पर फर्म का नाम, वाहन का नंबर व अन्य तमाम जानकारियां भी अंकित हैं। प्रधान ने कहा कि गांव नौच में पीआर धान के उत्पादन न होने की जानकारी भी उनके लिए चकित है। खरीद एजेंसियों के पास ऐसी जानकारी कहां से आई? वे इस संबंध में भी अधिकारियों से बातचीत करेंगे।
डीएफएससी बोले-जांच कराएंगे
रेडी टू लिफ्ट किसी और का, उठान किसी और के सवाल पर डीएफएससी प्रमोद शर्मा ने अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा संभव नहीं है, लेकिन जब उन्हें फर्म का नाम बताया गया, तब उन्होंने कहा कि वे जांच कराएंगे। खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या घोटाले की आशंका से उन्होंने इंकार कर दिया।
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नई अनाज मंडी में एक फर्म के आढ़ती ने बताया कि उनकी फर्म ने ऑनलाइन गेट पास की जटिल प्रक्रिया का पालन करते हुए ऑनलाइन गेटपास की व्यवस्था की थी। इसके बाद जब वे ऑनलाइन गेटपास के लिए एजेंसी के पास गए तो वहां पता चला कि उनके नाम से उठान किसी और फर्म का करवा दिया गया है। जब उन्होंने इस पर रोष प्रकट किया तो सोमवार को उनकी फर्म के धान का उठान किसी अन्य फर्म के ऑनलाइन गेटपास पर किया गया। ऐसे में आढ़तियों में आशंका है कि कहीं बीस साल पहले हुए धान घोटाले की तर्ज पर फिर कोई बड़ी गड़बड़ी न हो जाए।
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गांव नौच के किसानों का नहीं खरीदा जा रहा धान
गांव नौच के किसान राजेश, राजबीर ने आढ़ती श्यामलाल को जानकारी दी कि उनके गांव के नाम से खरीद एजेंसी के अधिकारी यह कहकर खरीद नहीं कर रहे हैं कि उनके गांव में पीआर धान का उत्पादन ही नहीं हुआ। जबकि उनके गांव में पूरे जिले में सबसे उच्च गुणवत्ता की धान का उत्पादन होता है। आढ़ती श्यामलाल ने बताया कि यह नई तरह की समस्या उनके सामने तब आई है, जब इन किसानों के पास ऑनलाइन गेटपास के साथ-साथ मेरी फसल मेरा ब्योरा में दर्ज करवाई गई फसल का विवरण भी है। इससे किसान परेशान हैं।
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घंटों मशक्कत के बाद कट रहे हैं गेट पास
पुरानी अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान श्याम बहादुर खुरानिया ने बताया कि पुरानी अनाज मंडी की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही है। मुनीम व स्वयं कई आढ़ती नई अनाज मंडी के पीआर सेंटर में लाइन में लगे हैं। कई-कई घंटों की मशक्कत के बाद उनके गेटपास कट रहे हैं। मंडी में चारों ओर धान की बोरियों के अंबार लगे हैं। सुबह से मुश्किल से कुछ ट्रालियों में धान अंदर आ सका है। जब तक पहले से खरीदे गए धान का उठान नहीं होगा, तब तक यह काम प्रभावित रहेगा।
एसो. प्रधान ने जताई घोटाले की आशंका
नई अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान श्यामलाल गर्ग ने कहा कि उनके पास ऐसी सूचनाएं आई हैं कि रेडी टू लिफ्ट तो कोई आढ़ती करवा रहा है, उस फर्म की बजाए उठान किसी और का हो रहा है। यदि ऐसा है तो उन्हें आशंका है कि कहीं बीस साल पहले कथित तौर पर सामने आए धान घोटाले की तर्ज पर कोई गड़बड़ी न हो जाए। वे इस संबंध में मंगलवार को अधिकारियों से मिलेंगे और मामले को उनके संज्ञान में लाएंगे कि ऐसा कैसे हो सकता है? जबकि गेटपास पर फर्म का नाम, वाहन का नंबर व अन्य तमाम जानकारियां भी अंकित हैं। प्रधान ने कहा कि गांव नौच में पीआर धान के उत्पादन न होने की जानकारी भी उनके लिए चकित है। खरीद एजेंसियों के पास ऐसी जानकारी कहां से आई? वे इस संबंध में भी अधिकारियों से बातचीत करेंगे।
डीएफएससी बोले-जांच कराएंगे
रेडी टू लिफ्ट किसी और का, उठान किसी और के सवाल पर डीएफएससी प्रमोद शर्मा ने अनभिज्ञता जताई। उन्होंने कहा कि ऐसा संभव नहीं है, लेकिन जब उन्हें फर्म का नाम बताया गया, तब उन्होंने कहा कि वे जांच कराएंगे। खरीद प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या घोटाले की आशंका से उन्होंने इंकार कर दिया।