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Kaithal News: ओवरलोड वाहन चालक बेलगाम, लोगों की आफत
Sun, 25 Feb 2024 01:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sun, 25 Feb 2024 01:46 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सीवन। ओवरलोड वाहनों के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बेलगाम चालकों से लोगों की आफत हो रही है। ये वाहन सड़क पर चलने वाले अन्य वाहनों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। पराली के गट्ठों भरे हुए ट्रैक्टर-ट्राली इतने अधिक भरे होते हैं कि इन्हें ओवरटेक नहीं किया जा सकता।
दूसरे वाहन को सड़क से नीचे उतर कर इन्हें ओवरटेक करना पड़ता है। कई बार तो पराली इस प्रकार से बांधी जाती है कि किसी भी समय गिर सकती हैं। बहुत बार ये गट्ठए सड़क पर गिर भी जाते हैं जिससे आसपास चलने वाले वाहनों और लोगों को बहुत बड़ा खतरा रहता है।
नगर निवासी भीषू चौधरी, विजय सरदाना, सुरेश मेहता, सुभाष गर्ग, राज कुमार वधवा, सुभाष गर्ग व सुरेंद्र सरदाना का कहना है कि यह वाहन चालक बड़ी तेज गति से सड़क के बीच में वाहन को चलाते हैं और पीछे से आने वाले वाहनों को साइड तक नहीं देते हैं इसके कारण से इनके पीछे वाहनों की कतारें लगी होती हैं। यह वाहन चालक कोई भी मानक पूरा नहीं करते हैं। इनके वाहन ओवरलोड होते हैं। कई वाहन चालकों के पास तो पूरे कागजात भी नहीं होते और न ही इन वाहनों के पीछे कोई लाइट लगी होती है। रात के समय यह वाहन सड़कों पर काल बन कर चलते हैं। पीछे से आ रहा कोई भी वाहन इनसे टकरा कर दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है। उनका कहना है कि प्रशासन सब कुछ देखते व जानते हुए भी इस बारे में मौन है।
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लोगों को कहना है कि इन ओवरलोड वाहनों पर प्रशासन को लगाम लगानी चाहिए। इनके लोड की सीमा तय की जानी चाहिए और सुरक्षा के मानक भी तय किए जाने चाहिए।
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सीवन। ओवरलोड वाहनों के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बेलगाम चालकों से लोगों की आफत हो रही है। ये वाहन सड़क पर चलने वाले अन्य वाहनों के लिए बड़ा खतरा बने हुए हैं। पराली के गट्ठों भरे हुए ट्रैक्टर-ट्राली इतने अधिक भरे होते हैं कि इन्हें ओवरटेक नहीं किया जा सकता।
दूसरे वाहन को सड़क से नीचे उतर कर इन्हें ओवरटेक करना पड़ता है। कई बार तो पराली इस प्रकार से बांधी जाती है कि किसी भी समय गिर सकती हैं। बहुत बार ये गट्ठए सड़क पर गिर भी जाते हैं जिससे आसपास चलने वाले वाहनों और लोगों को बहुत बड़ा खतरा रहता है।
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नगर निवासी भीषू चौधरी, विजय सरदाना, सुरेश मेहता, सुभाष गर्ग, राज कुमार वधवा, सुभाष गर्ग व सुरेंद्र सरदाना का कहना है कि यह वाहन चालक बड़ी तेज गति से सड़क के बीच में वाहन को चलाते हैं और पीछे से आने वाले वाहनों को साइड तक नहीं देते हैं इसके कारण से इनके पीछे वाहनों की कतारें लगी होती हैं। यह वाहन चालक कोई भी मानक पूरा नहीं करते हैं। इनके वाहन ओवरलोड होते हैं। कई वाहन चालकों के पास तो पूरे कागजात भी नहीं होते और न ही इन वाहनों के पीछे कोई लाइट लगी होती है। रात के समय यह वाहन सड़कों पर काल बन कर चलते हैं। पीछे से आ रहा कोई भी वाहन इनसे टकरा कर दुर्घटनाग्रस्त हो सकता है। उनका कहना है कि प्रशासन सब कुछ देखते व जानते हुए भी इस बारे में मौन है।
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लोगों को कहना है कि इन ओवरलोड वाहनों पर प्रशासन को लगाम लगानी चाहिए। इनके लोड की सीमा तय की जानी चाहिए और सुरक्षा के मानक भी तय किए जाने चाहिए।