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Kaithal News: देश की सेना के शौर्य का प्रतीक है ऑपरेशन सिंदूर
Thu, 07 May 2026 12:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 07 May 2026 12:09 AM IST
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रामेश्वर फौजी
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। देश की सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति अडिग संकल्प को दर्शाने वाला ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अपनी पहली वर्षगांठ पर भी लोगों के मन में गर्व और सम्मान की भावना जगाए हुए है। पिछले वर्ष 7 मई को शुरू हुए इस अभियान को भारत की मजबूत सैन्य क्षमता और रणनीतिक कौशल का प्रतीक माना जाता है।
इस अवसर पर कैथल के पूर्व सैनिकों ने अपने विचार साझा करते हुए इसे ऐतिहासिक और साहसिक कदम बताया। उनका कहना था कि यह अभियान देश की एकजुटता और देशभक्ति का सशक्त उदाहरण है।
पूर्व सैनिकों का कहना था कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत न तो किसी से डरता है और न ही पीछे हटता है। एक वर्ष बाद भी इस अभियान की याद देशवासियों के मन में गर्व और सम्मान के साथ जीवित है।
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रमेश्वर फौजी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित किया कि भारत हर खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। इसने दुश्मन को स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए तैयार है।
रिशालदार खजान सिंह ने अभियान में महिलाओं की भूमिका को भी सराहा। उन्होंने कहा कि सेना में हों या आम नागरिक के रूप में, महिलाओं ने हर स्तर पर सहयोग देकर देशभक्ति का उदाहरण पेश किया।
एक्स हवलदार जगजीत सिंह फौजी ने बताया कि उस समय प्रशासन की ओर से भी पूर्व सैनिकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे, जिससे उनमें जिम्मेदारी और जुड़ाव की भावना और मजबूत हुई।
सेवानिवृत्त सूबेदार कृष्णलाल ने कहा कि इस अभियान ने देशवासियों में देशभक्ति की भावना को और प्रबल किया। हर नागरिक सेना के साथ खड़ा नजर आया, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है।
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कैथल। देश की सुरक्षा और संप्रभुता के प्रति अडिग संकल्प को दर्शाने वाला ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अपनी पहली वर्षगांठ पर भी लोगों के मन में गर्व और सम्मान की भावना जगाए हुए है। पिछले वर्ष 7 मई को शुरू हुए इस अभियान को भारत की मजबूत सैन्य क्षमता और रणनीतिक कौशल का प्रतीक माना जाता है।
इस अवसर पर कैथल के पूर्व सैनिकों ने अपने विचार साझा करते हुए इसे ऐतिहासिक और साहसिक कदम बताया। उनका कहना था कि यह अभियान देश की एकजुटता और देशभक्ति का सशक्त उदाहरण है।
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पूर्व सैनिकों का कहना था कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत न तो किसी से डरता है और न ही पीछे हटता है। एक वर्ष बाद भी इस अभियान की याद देशवासियों के मन में गर्व और सम्मान के साथ जीवित है।
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रमेश्वर फौजी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने यह साबित किया कि भारत हर खतरे का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है। इसने दुश्मन को स्पष्ट संदेश दिया कि भारतीय सेना हर परिस्थिति में देश की रक्षा के लिए तैयार है।
रिशालदार खजान सिंह ने अभियान में महिलाओं की भूमिका को भी सराहा। उन्होंने कहा कि सेना में हों या आम नागरिक के रूप में, महिलाओं ने हर स्तर पर सहयोग देकर देशभक्ति का उदाहरण पेश किया।
एक्स हवलदार जगजीत सिंह फौजी ने बताया कि उस समय प्रशासन की ओर से भी पूर्व सैनिकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए थे, जिससे उनमें जिम्मेदारी और जुड़ाव की भावना और मजबूत हुई।
सेवानिवृत्त सूबेदार कृष्णलाल ने कहा कि इस अभियान ने देशवासियों में देशभक्ति की भावना को और प्रबल किया। हर नागरिक सेना के साथ खड़ा नजर आया, जो देश की सबसे बड़ी ताकत है।

रामेश्वर फौजी

रामेश्वर फौजी

रामेश्वर फौजी