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Kaithal News: अब करोड़ा पंचायत ने भी टैब वापस लेने का भेजा प्रस्ताव
Wed, 02 Aug 2023 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 02 Aug 2023 01:18 AM IST
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कैथल। जिले में टैब वापस लेने व बच्चों का भविष्य संवारने को लेकर अब पंचायतें आगे आ रही है। कैथल से पिछले तीन दिनों में चार पंचायतों ने शिक्षा मंत्री व हरियाणा सरकार को बच्चों से टैब वापस लेने के लिए प्रस्ताव भेजा है। इसी कड़ी में मंगलवार को गांव करोड़ा की पंचायत ने भी स्कूली बच्चों से टैब वापस लेने का प्रस्ताव डाला है।
इससे पहले गुहला, रोहड़ा व जिले की सबसे बड़ी पंचायत पाई भी टैब वापस लेने के लिए प्रस्ताव डाल चुकी है। करोड़ा के सरपंच दिनेश कुमार ने कहा कि वह तो शुरू से ही बच्चों के टैब नगीं देने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि उसके बच्चे भी सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। स्कूल में जब टैब वितरित किए जा रहे थे, तो उन्होंने अपने बच्चों को टैब लेने से मना कर दिया था।
अब उनके पास गांव के लोगों की शिकायत आ रही है। लोग कहते हैं कि टैब मिलने के बाद बच्चे बिल्कुल भी नहीं पढ़ रहे। देर रात तक जागते है और सुबह देरी से उठते हैं। इससे उनके व्यवहार में बदलाव हुआ है। लोगों की शिकायत पर सर्वसम्मति से पंचायत ने टैब वापस का प्रस्ताव डाला है।
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सरपंच दिनेश कुमार ने बताया टैब वापस लेने से अध्यापक पहले की तरह ज्यादा समय कक्षा में बच्चों को पढ़ाएगा। वर्तमान में अध्यापकों का अधिक समय टैब देखने और काम देने में बर्बाद हो रहा है। जब टैब में काम दिया जाता है तो उस समय अध्यापक पुस्तकें नहीं पढ़ा सकते।
उन्होंने कहा कि टैब वापस लेने के बाद सिलेबस समय पर पूरा होगा, टैब के साथ सभी विद्यार्थी सिलेबस भी पूरा नहीं कर पाते। पहले की तरह प्री पेपर होते हैं, वह लिखित में होंगे। इससे बच्चे फाइनल पेपरों तक अपनी हैंड राइटिंग को तेज कर सकेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों का ध्यान भी पुस्तकों पर होगा, ध्यान नहीं भटकेगा। गलत सामग्री देखने से बचेगा और परीक्षा परिणाम में सुधार आएगा।
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इससे पहले गुहला, रोहड़ा व जिले की सबसे बड़ी पंचायत पाई भी टैब वापस लेने के लिए प्रस्ताव डाल चुकी है। करोड़ा के सरपंच दिनेश कुमार ने कहा कि वह तो शुरू से ही बच्चों के टैब नगीं देने के पक्ष में है। उन्होंने कहा कि उसके बच्चे भी सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं। स्कूल में जब टैब वितरित किए जा रहे थे, तो उन्होंने अपने बच्चों को टैब लेने से मना कर दिया था।
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अब उनके पास गांव के लोगों की शिकायत आ रही है। लोग कहते हैं कि टैब मिलने के बाद बच्चे बिल्कुल भी नहीं पढ़ रहे। देर रात तक जागते है और सुबह देरी से उठते हैं। इससे उनके व्यवहार में बदलाव हुआ है। लोगों की शिकायत पर सर्वसम्मति से पंचायत ने टैब वापस का प्रस्ताव डाला है।
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सरपंच दिनेश कुमार ने बताया टैब वापस लेने से अध्यापक पहले की तरह ज्यादा समय कक्षा में बच्चों को पढ़ाएगा। वर्तमान में अध्यापकों का अधिक समय टैब देखने और काम देने में बर्बाद हो रहा है। जब टैब में काम दिया जाता है तो उस समय अध्यापक पुस्तकें नहीं पढ़ा सकते।
उन्होंने कहा कि टैब वापस लेने के बाद सिलेबस समय पर पूरा होगा, टैब के साथ सभी विद्यार्थी सिलेबस भी पूरा नहीं कर पाते। पहले की तरह प्री पेपर होते हैं, वह लिखित में होंगे। इससे बच्चे फाइनल पेपरों तक अपनी हैंड राइटिंग को तेज कर सकेगा। उन्होंने कहा कि बच्चों का ध्यान भी पुस्तकों पर होगा, ध्यान नहीं भटकेगा। गलत सामग्री देखने से बचेगा और परीक्षा परिणाम में सुधार आएगा।