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अब बच्चों को स्वस्थ रहने के गुर सिखाएंगे शिक्षक
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33-कैथल। स्कूलों भेजने से पूर्व किताबों के सेट बनाते हुए कर्मचारी।
- फोटो : Kaithal
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कैथल। जिले के सभी माध्यमिक, उच्च और वरिष्ठ माध्यमिक सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को स्वास्थ्य संबंधित शिक्षण देने के लिए शिक्षा विभाग ने तैयारी की है। इसके तहत उन्हें स्वास्थ्य की अहमियत बताने की कोशिश की जाएगी। जैसे- गर्मी के मौसम में बच्चों को होने वाली बीमारियों के फैलने के कारण, लक्षण व बचाव के बारे में जानकारी दी जाएगी।
इस कवायद के लिए शिक्षा विभाग ने स्कूलों में स्वास्थ्य संबंधित पुस्तकें भेजी हैं। शिक्षक रोजाना अलग-अलग कक्षाओं में पुस्तकों को पढ़कर विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के तरीके बताएंगे। बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने का यह कार्यक्रम समग्र शिक्षा अभियान और आयुष्मान भारत अभियान को गति देने के लिए शिक्षा विभाग ने शुरू किया है। इसमें तीन-तीन पुस्तकों का एक-एक सेट सभी स्कूलों में भेजा गया है। कक्षा छठी से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 235 स्कूलों में पुस्तकों के ये सेट भेजे गए हैं। इन पुस्तकों में स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी दी गई है। इन्हें शिक्षण पढ़कर बच्चों को बताएंगे और उन्हें स्वास्थ्य की अहमियत समझाएंगे।
समग्र शिक्षा अभियान के जिला परियोजना संयोजक रामनिवास वशिष्ठ व सहायक परियोजना अधिकारी हीरा सिंह ने बताया कि सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए किताबें भिजवा दी गई हैं। उम्मीद है कि विद्यार्थी इन किताबों से जानकारी हासिल कर स्वयं को स्वस्थ रखने का प्रयास करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने परिजनों से भी जानकारी साझा करने का आह्वान किया।
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खाली समय में देंगे टिप्स
विद्यार्थियों को खाली समय में कक्षाओं के इंचार्ज ये पुस्तकेें पढ़कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के साथ टिप्स देंगे। पुस्तकें पढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों से सवाल जवाब के माध्यम से फीकबैक भी लिया जाएगा। इससे ये पता लग सकेगा कि विद्यार्थियों को बीमार होने से बचने के जो तरीके बताए गए हैं, वे उन्हें स्मरण भी हैं या नहीं हैं। बुखार, डायरिया, मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां व वायरस से होने वाले रोगों से बचाव की जानकारी देकर विद्यार्थियों को सचेत किया जाएगा।
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इस कवायद के लिए शिक्षा विभाग ने स्कूलों में स्वास्थ्य संबंधित पुस्तकें भेजी हैं। शिक्षक रोजाना अलग-अलग कक्षाओं में पुस्तकों को पढ़कर विद्यार्थियों को स्वस्थ रहने के तरीके बताएंगे। बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने का यह कार्यक्रम समग्र शिक्षा अभियान और आयुष्मान भारत अभियान को गति देने के लिए शिक्षा विभाग ने शुरू किया है। इसमें तीन-तीन पुस्तकों का एक-एक सेट सभी स्कूलों में भेजा गया है। कक्षा छठी से 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए 235 स्कूलों में पुस्तकों के ये सेट भेजे गए हैं। इन पुस्तकों में स्वास्थ्य से संबंधित जानकारी दी गई है। इन्हें शिक्षण पढ़कर बच्चों को बताएंगे और उन्हें स्वास्थ्य की अहमियत समझाएंगे।
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समग्र शिक्षा अभियान के जिला परियोजना संयोजक रामनिवास वशिष्ठ व सहायक परियोजना अधिकारी हीरा सिंह ने बताया कि सभी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए किताबें भिजवा दी गई हैं। उम्मीद है कि विद्यार्थी इन किताबों से जानकारी हासिल कर स्वयं को स्वस्थ रखने का प्रयास करेंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने परिजनों से भी जानकारी साझा करने का आह्वान किया।
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खाली समय में देंगे टिप्स
विद्यार्थियों को खाली समय में कक्षाओं के इंचार्ज ये पुस्तकेें पढ़कर स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देने के साथ टिप्स देंगे। पुस्तकें पढ़ाने के साथ-साथ विद्यार्थियों से सवाल जवाब के माध्यम से फीकबैक भी लिया जाएगा। इससे ये पता लग सकेगा कि विद्यार्थियों को बीमार होने से बचने के जो तरीके बताए गए हैं, वे उन्हें स्मरण भी हैं या नहीं हैं। बुखार, डायरिया, मच्छरों से फैलने वाली बीमारियां व वायरस से होने वाले रोगों से बचाव की जानकारी देकर विद्यार्थियों को सचेत किया जाएगा।