{"_id":"634b0e8022156a0273790328","slug":"no-head-seven-member-committee-formed-to-work-till-elections-are-held-kaithal-news-knl1245944185","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोई प्रधान नहीं, चुनाव होने तक काम करने के लिए सात सदस्यीय कमेटी का गठन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोई प्रधान नहीं, चुनाव होने तक काम करने के लिए सात सदस्यीय कमेटी का गठन
विज्ञापन
42-कैथल। एचएसजीएमसी की बैठक में गठित सात सदस्यीय कमेटी में शामिल सात सदस्य
- फोटो : Kaithal
कैथल। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी की एक महत्वपूर्ण बैठक गुरुद्वारा नीमसाहब में हुई। चार घंटे चली बैठक में सात सदस्यीय कमेटी का गठन कर प्रशासनिक कार्य करने का अधिकार दिया। साथ ही फैसला लिया कि अब कमेटी का कोई प्रधान नहीं होगा। यह सात सदस्यीय कमेटी सारे प्रशासनिक व समिति से जुड़े काम करेगी। मुख्यमंत्री से मिलकर चुनाव करवाने तक हर संभव काम किया जाएगा।
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान पद को लेकर विवाद चल रहा है। पूर्व में चुनाव के बाद प्रधान बनें बलजीत सिंह दादूवाल के अलावा, कैथल में हुई बैठक में पूर्व प्रधान जगदीश सिंह झींडा को प्रधान चुन लिया था। इसके बाद करनाल में हुई बैठक में समिति सदस्य अमरेंद्र अरोड़ा को प्रधान चुन लिया था। इस कारण प्रधान पद को लेकर विवाद चल रहा था। इसी बीच गुरुद्वारा नीमसाहब में हुई एचएसजीएमसी की बैठक में 25 सदस्य हिस्सा लेने पहुंचे।
इस बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सदस्य चन्नदीप सिंह खुराना ने बताया कि एचएसजीएमसी के 41 में से 25 सदस्यों ने बैठक में मौजूद रहकर व सात सदस्यों ने ऑनलाइन सहमति दी। बैठक में सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया। जो सरकार के साथ बातचीत से लेकर अन्य सभी प्रशासनिक कार्य करेगी। यही कमेटी आगामी कार्यों के निर्देश देगी। साथ ही 23 अक्तूबर को कुरुक्षेत्र आयोजित होने वाले शुक्राना कार्यक्रम में संगत को लाने व आयोजन संबंधी काम देखेगी। उन्होंने कहा कि यह समिति 18 माह तक काम करेगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई होगी। एक्ट के समय समिति के 41 सदस्य थे, जिसमें से एक ने इस्तीफा दे दिया है। चार स्वर्गवासी हो गए हैं। यही समिति मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलने का समय लेगी। जैसे ही समिति को समय मिलेगा, उनसे मिलकर बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि बलजीत सिंह दादूवाल के पास दो तिहाई बहुमत नहीं है। न ही वे इस बैठक में आए। अब वे भी प्रधान नहीं हैं। उनके साथ केवल दो सदस्य हैं। आगामी सारे कार्य कानून के अनुसार किए जाएंगे।
विज्ञापन
इस संबंध में जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि हरियाणा कमेटी के प्रधान को लेकर एक तरह का मजाक बन गया है। इसी कारण बैठक करके सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस बैठक में कहा गया है कि कोई प्रधान नहीं। ये सात सदस्यीय कमेटी ही सारे प्रशासनिक कार्य, कुरुक्षेत्र में रविवार 23 अक्तूबर को होने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा व आयोजन का काम देखेगी।
ये है सात सदस्यीय कमेटी
1. दीदार सिंह नलवी
2. अवतार सिंह चक्कू
3. करनैल सिंह निमनाबाद
4. हरपाल सिंह पाली अंबाला
5. गुरमीत सिंह त्रिलोकेवाला सिरसा
6. जसबीर सिंह भाटी डबवाली
7. चन्नदीप खुराना रोहतक
इन सदस्यों ने लिया भाग-बैठक में मोहनजीत सिंह, अपार सिंह, सतपाल सिंह, बलदेव सिंह बल्ली, हाकम सिंह, हरप्रीत सिंह नरुला, सुरेंद्र शाह, मनजीत सिंह झाचर, अवतार सिंह चक्कू, चिम्मू सिंह, अजीत सिंह खालसा, हरपाल सिंह पाली, जसविंद्र सिंह, जगदीश झींडा, अमरेंद्र अरोड़ा, गुरमीत सिंह तरलोकेवाला, दीदार सिंह नलवी, जोगा सिंह, अमरीक सिंह, जसवीर सिंह भाटी, निरवेर सिंह, जसवीर सिंह, करनैल सिंह, चन्न दीप सिंह व हरभजन सिंह राठौर
दूसरी ओर इस फैसले पर प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि इन लोगों के कहने से कुछ नहीं है। पहले भी दो बार प्रधान बना लिए। कभी झींडा तो कभी अरोड़ा। उन्होंने कहा कि हरियाणा की सिख संगत के साथ खिलवाड़ न करें। जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा कर दी है कि जल्दी ही नई एडहॉक कमेटी बनाई जा रही है। तब तक यही एडहॉक कमेटी काम करेगी। हाउस की बैठक भी होगी, चुनाव भी होगा। तब तक इंतजार करें। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले जो स्थिति थी, वही अब है, जिसमें वे प्रधान हैं। इन लोगों को गैर कानूनी बातेतं नहीं करनी चाहिए। कैथल में हुई बैठक में तीखी बहस भी चिंता का विषय है। सरकार फैसला करेगी कि नई एडहॉक कमेटी के 41 सदस्य कौन होंगे।
विज्ञापन
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान पद को लेकर विवाद चल रहा है। पूर्व में चुनाव के बाद प्रधान बनें बलजीत सिंह दादूवाल के अलावा, कैथल में हुई बैठक में पूर्व प्रधान जगदीश सिंह झींडा को प्रधान चुन लिया था। इसके बाद करनाल में हुई बैठक में समिति सदस्य अमरेंद्र अरोड़ा को प्रधान चुन लिया था। इस कारण प्रधान पद को लेकर विवाद चल रहा था। इसी बीच गुरुद्वारा नीमसाहब में हुई एचएसजीएमसी की बैठक में 25 सदस्य हिस्सा लेने पहुंचे।
विज्ञापन
इस बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में सदस्य चन्नदीप सिंह खुराना ने बताया कि एचएसजीएमसी के 41 में से 25 सदस्यों ने बैठक में मौजूद रहकर व सात सदस्यों ने ऑनलाइन सहमति दी। बैठक में सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया। जो सरकार के साथ बातचीत से लेकर अन्य सभी प्रशासनिक कार्य करेगी। यही कमेटी आगामी कार्यों के निर्देश देगी। साथ ही 23 अक्तूबर को कुरुक्षेत्र आयोजित होने वाले शुक्राना कार्यक्रम में संगत को लाने व आयोजन संबंधी काम देखेगी। उन्होंने कहा कि यह समिति 18 माह तक काम करेगी। इसके बाद आगामी कार्रवाई होगी। एक्ट के समय समिति के 41 सदस्य थे, जिसमें से एक ने इस्तीफा दे दिया है। चार स्वर्गवासी हो गए हैं। यही समिति मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलने का समय लेगी। जैसे ही समिति को समय मिलेगा, उनसे मिलकर बातचीत की जाएगी। उन्होंने कहा कि बलजीत सिंह दादूवाल के पास दो तिहाई बहुमत नहीं है। न ही वे इस बैठक में आए। अब वे भी प्रधान नहीं हैं। उनके साथ केवल दो सदस्य हैं। आगामी सारे कार्य कानून के अनुसार किए जाएंगे।
विज्ञापन
इस संबंध में जगदीश सिंह झींडा ने कहा कि हरियाणा कमेटी के प्रधान को लेकर एक तरह का मजाक बन गया है। इसी कारण बैठक करके सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस बैठक में कहा गया है कि कोई प्रधान नहीं। ये सात सदस्यीय कमेटी ही सारे प्रशासनिक कार्य, कुरुक्षेत्र में रविवार 23 अक्तूबर को होने वाले कार्यक्रम की रूपरेखा व आयोजन का काम देखेगी।
ये है सात सदस्यीय कमेटी
1. दीदार सिंह नलवी
2. अवतार सिंह चक्कू
3. करनैल सिंह निमनाबाद
4. हरपाल सिंह पाली अंबाला
5. गुरमीत सिंह त्रिलोकेवाला सिरसा
6. जसबीर सिंह भाटी डबवाली
7. चन्नदीप खुराना रोहतक
इन सदस्यों ने लिया भाग-बैठक में मोहनजीत सिंह, अपार सिंह, सतपाल सिंह, बलदेव सिंह बल्ली, हाकम सिंह, हरप्रीत सिंह नरुला, सुरेंद्र शाह, मनजीत सिंह झाचर, अवतार सिंह चक्कू, चिम्मू सिंह, अजीत सिंह खालसा, हरपाल सिंह पाली, जसविंद्र सिंह, जगदीश झींडा, अमरेंद्र अरोड़ा, गुरमीत सिंह तरलोकेवाला, दीदार सिंह नलवी, जोगा सिंह, अमरीक सिंह, जसवीर सिंह भाटी, निरवेर सिंह, जसवीर सिंह, करनैल सिंह, चन्न दीप सिंह व हरभजन सिंह राठौर
दूसरी ओर इस फैसले पर प्रधान बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि इन लोगों के कहने से कुछ नहीं है। पहले भी दो बार प्रधान बना लिए। कभी झींडा तो कभी अरोड़ा। उन्होंने कहा कि हरियाणा की सिख संगत के साथ खिलवाड़ न करें। जब मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा कर दी है कि जल्दी ही नई एडहॉक कमेटी बनाई जा रही है। तब तक यही एडहॉक कमेटी काम करेगी। हाउस की बैठक भी होगी, चुनाव भी होगा। तब तक इंतजार करें। सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने से पहले जो स्थिति थी, वही अब है, जिसमें वे प्रधान हैं। इन लोगों को गैर कानूनी बातेतं नहीं करनी चाहिए। कैथल में हुई बैठक में तीखी बहस भी चिंता का विषय है। सरकार फैसला करेगी कि नई एडहॉक कमेटी के 41 सदस्य कौन होंगे।