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Kaithal News: किठाना से राजौंद तक नहीं बस सेवा, तीन गांवों के ग्रामीण परेशान
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कैथल। किठाना से राजौंद तक करीब दो साल से बस सेवा बंद होने के कारण तीन गांवों के ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि बस सुविधा नहीं होने से रोहेड़ा, माजरा और किठाना के लोग निजी वाहनों पर निर्भर हैं। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली छात्र-छात्राओं और तहसील में काम करवाने के लिए राजौंद जाने वाले लोगों को उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने परिवहन विभाग से इस मार्ग पर दोबारा बस सेवा शुरू करने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार करीब दो साल पहले किठाना से राजौंद के लिए सुबह और शाम बस चलती थी। इससे तीनों गांवों के लोगों को राजौंद आने-जाने में सुविधा मिलती थी। विशेषकर स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों को राहत थी लेकिन बस सेवा बंद होने के बाद से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। अब ग्रामीणों को अपने निजी वाहनों या अन्य साधनों से सफर करना पड़ रहा है।
तहसील पहुंचने के लिए करना पड़ रहा अतिरिक्त सफर
किठाना गांव के ग्रामीण सतबीर और राजबाला ने बताया कि किठाना के ग्रामीणों को तहसील संबंधी कार्यों के लिए राजौंद जाना पड़ता है। सीधी बस सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें पहले देवबन पहुंचना पड़ता है। इसके बाद वहां से दूसरे वाहन के सहारे राजौंद पहुंचते हैं। इससे ग्रामीणों का समय और किराया दोनों अधिक लग रहे हैं। जिन लोगों के पास अपने वाहन नहीं हैं, उन्हें ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
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विद्यार्थियों को भी हो रही परेशानी
विद्यार्थी पूजा, भतेरी, पिंकी और सरोज ने बताया कि बस सेवा नहीं होने का असर स्कूली छात्र-छात्राओं पर भी पड़ रहा है। विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने के लिए दूसरे वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवहन विभाग को सुबह और शाम के समय इस मार्ग पर बस चलानी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों के साथ अन्य लोगों को भी राहत मिल सके।
रोडवेज यातायात प्रबंधक विपुल का कहना है कि स्कूल व कॉलेज जाने वाली विद्यार्थियों के लिए बस सेवा जारी है। वहीं अगले महीने कुछ नई बसें मिलने की उम्मीद है। उसके बाद बसों का संचालन किया जाएगा। यात्रियों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
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ग्रामीणों ने परिवहन विभाग से इस मार्ग पर दोबारा बस सेवा शुरू करने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार करीब दो साल पहले किठाना से राजौंद के लिए सुबह और शाम बस चलती थी। इससे तीनों गांवों के लोगों को राजौंद आने-जाने में सुविधा मिलती थी। विशेषकर स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों और दैनिक यात्रियों को राहत थी लेकिन बस सेवा बंद होने के बाद से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। अब ग्रामीणों को अपने निजी वाहनों या अन्य साधनों से सफर करना पड़ रहा है।
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तहसील पहुंचने के लिए करना पड़ रहा अतिरिक्त सफर
किठाना गांव के ग्रामीण सतबीर और राजबाला ने बताया कि किठाना के ग्रामीणों को तहसील संबंधी कार्यों के लिए राजौंद जाना पड़ता है। सीधी बस सुविधा नहीं होने के कारण उन्हें पहले देवबन पहुंचना पड़ता है। इसके बाद वहां से दूसरे वाहन के सहारे राजौंद पहुंचते हैं। इससे ग्रामीणों का समय और किराया दोनों अधिक लग रहे हैं। जिन लोगों के पास अपने वाहन नहीं हैं, उन्हें ज्यादा परेशानी उठानी पड़ रही है।
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विद्यार्थियों को भी हो रही परेशानी
विद्यार्थी पूजा, भतेरी, पिंकी और सरोज ने बताया कि बस सेवा नहीं होने का असर स्कूली छात्र-छात्राओं पर भी पड़ रहा है। विद्यार्थियों को शिक्षण संस्थानों तक पहुंचने के लिए दूसरे वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवहन विभाग को सुबह और शाम के समय इस मार्ग पर बस चलानी चाहिए, ताकि विद्यार्थियों के साथ अन्य लोगों को भी राहत मिल सके।
रोडवेज यातायात प्रबंधक विपुल का कहना है कि स्कूल व कॉलेज जाने वाली विद्यार्थियों के लिए बस सेवा जारी है। वहीं अगले महीने कुछ नई बसें मिलने की उम्मीद है। उसके बाद बसों का संचालन किया जाएगा। यात्रियों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।