नवरात्र का पावन पर्व आज से शुरू हो गया है। मां दुर्गा की उपासना के ये नौ दिन काफी खास हैं। लोगों को ऐसा विश्वास है कि मां इन दिनों भक्ति से प्रसन्न होकर सभी की इच्छाएं पूर्ण करती है। नवरात्र पर्व 14 अप्रैल तक चलेगा। 15 अक्तूबर का दशहरा का पर्व मनाया जाएगा।
नवरात्र पर्व का पहला दिन काफी खास होता है। आज शुभ मुहूर्त में विधि विधान से कलश स्थापित कर माता की पूजा अर्चना शुरू होगी। बड़ी देवी मंदिर के पुजारी शिवचरण शास्त्री ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन मां दुर्गा की पूजा करने से पहले कलश स्थापित किया जाता है। कलश का पांच तरह के पत्तों से सजाकर उसमें हल्दी की गांठ, सुपारी, दूर्वा रखी जाती है। कलश को स्थापित करने से पहले उसके नीचे बालू रेत की वेदी बनाएं। उसमें जौ बोए जाएं। उन्होंने कहा कि हिंदू धर्म में ऐसी मान्यता है कि जौ बोने से देवी अन्नपूर्णा प्रसन्न होती है। नवरात्रि पूजन के समय मां दुर्गा की प्रतिमा को पूजा स्थल के बीचों-बीच स्थापित करवाएं और मां की पूजा में श्रृंगार सामग्री, रोली, चावल, माला, फूल, लाल चुनरी का प्रयोग करें। कलश स्थापना करने के बाद गणेश और मां दुर्गा की आरती करते हैं।