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मिलर्स को तंग करना बंद करे सरकार : सुरजेवाला
ब्यूरो/अमर उजाला/कैथ्ाल
Updated Mon, 07 Dec 2015 12:11 AM IST
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अखिल भारतीय कांग्रेस के मीडिया प्रभारी व विधायक रणदीप सिंह सुरजेवाला ने किसान भवन में लोगों की समस्याएं सुनीं और उनका समाधान किया। सुरजेवाला ने कहा कि सरकार धान घोटाले में लीपापोती करते हुए छोटे व्यापारियों को तंग कर रही है जबकि 5000 करोड़ रुपये के इस घोटाले को बड़ी मछलियों और बड़े अधिकारियों से मिलकर अंजाम दिया गया है।
कांग्रेस के कार्यकाल में 1509 व 1121 की किस्म का धान 4200 और बासमती किस्म का धान 5800 से 6200 तक बिका करता था मगर मौजूदा सरकार में 1509 व 1121 किस्म के धान को 1200 से 1400 में व बासमती धान को मात्र 1800 से 2200 तक खरीदा जा रहा है।
सरकार ने नमी के नाम पर किसानों से 150 से 250 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से काटे जबकि उन्हें बिल न्यूनतम समर्थन मूल्य के हिसाब से दिया गया। यह बीच की राशि कहां गई। इसके अलावा 1509 की किस्म के धान को सरकारी खरीद के बावजूद पहले मिलर्स को इसकी अलग-अलग एंट्री और स्टाक रखने को कहा गया तथा दबाव के चलते बाद में अब इसे वापस ले लिया गया।
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सुरजेवाला ने सरकार द्वारा धान घोटाले पर बनाई गई कमेटी को मात्र लीपापोती बताया और कहा कि जो लोग इस घोटाले में संलिप्त हैं, वे इस मामले की जांच कैसे करेंगे। सरकार साधारण व्यापारी एवं मिलर्स को प्रताड़ित कर रही है। 5000 करोड़ रुपये के इस घोटाले की न्यायिक जांच करवाई जाए।
इस अवसर पर सुदीप सुरजेवाला, बहादुर सैनी, डा. श्याम साहनी, कपिल बंसल, सतबीर सिंह, मुकेश बेरवाल, धर्मपाल ठेकेदार, सुरेश नंबरदार, राजेंद्र, सतीश श्योरण, विक्रम पहलवान गढ़ी समेत कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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कांग्रेस के कार्यकाल में 1509 व 1121 की किस्म का धान 4200 और बासमती किस्म का धान 5800 से 6200 तक बिका करता था मगर मौजूदा सरकार में 1509 व 1121 किस्म के धान को 1200 से 1400 में व बासमती धान को मात्र 1800 से 2200 तक खरीदा जा रहा है।
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सरकार ने नमी के नाम पर किसानों से 150 से 250 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से काटे जबकि उन्हें बिल न्यूनतम समर्थन मूल्य के हिसाब से दिया गया। यह बीच की राशि कहां गई। इसके अलावा 1509 की किस्म के धान को सरकारी खरीद के बावजूद पहले मिलर्स को इसकी अलग-अलग एंट्री और स्टाक रखने को कहा गया तथा दबाव के चलते बाद में अब इसे वापस ले लिया गया।
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सुरजेवाला ने सरकार द्वारा धान घोटाले पर बनाई गई कमेटी को मात्र लीपापोती बताया और कहा कि जो लोग इस घोटाले में संलिप्त हैं, वे इस मामले की जांच कैसे करेंगे। सरकार साधारण व्यापारी एवं मिलर्स को प्रताड़ित कर रही है। 5000 करोड़ रुपये के इस घोटाले की न्यायिक जांच करवाई जाए।
इस अवसर पर सुदीप सुरजेवाला, बहादुर सैनी, डा. श्याम साहनी, कपिल बंसल, सतबीर सिंह, मुकेश बेरवाल, धर्मपाल ठेकेदार, सुरेश नंबरदार, राजेंद्र, सतीश श्योरण, विक्रम पहलवान गढ़ी समेत कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद रहे।