{"_id":"65b8160e923bf414440851c4","slug":"new-buses-join-the-fleet-of-kaithal-roadways-kaithal-news-c-18-1-knl1004-315857-2024-01-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: कैथल रोडवेज के बेड़े में शामिल हुईं नई बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: कैथल रोडवेज के बेड़े में शामिल हुईं नई बसें
Tue, 30 Jan 2024 02:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 30 Jan 2024 02:48 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। रोडवेज के बेड़े में सोमवार को टाटा की बीएस छह की दो नई बसें शामिल हुई। ये बसें गुरुग्राम स्थित कार्यशाला से आई, जो रात के समय कैथल पहुंचीं। इन बसों के रोडवेज बेड़े में शामिल होने के बाद अब कुल बसों की संख्या 192 हो गई हैं। लगातार बसों की संख्या बढ़ने के बाद अब लंबे रूटों पर बसें चलाई जा रही हैं। ये बसें टाटा की बीएस छह तकनीक की हैं।
गौरतलब है कि लगातार बसों की संख्या बढ़ने के बाद अब जिले के यात्रियों की परेशानी भी अब कम हो रही है। लंबे रूटों के साथ ग्रामीणों रूटों पर भी विभाग ने बसों की संख्या को बढ़ा दिया है। कैथल जिले में जनसंख्या के मुताबिक कुल 240 बसों की जरूरत है। अब आठ बसों के और शामिल होने के बाद बसों की संख्या 200 हो जाएंगी।
टाटा की बीएस छह तकनीक की बसें एकदम नई तकनीक से लैस हैं। इसमें दोनों ही दरवाजे ऑटोमेटिक हैं। जिसकी कमांड चालक के हाथ में हैं। इस बस में लगी सभी एलईडी लाइटें भी नई तकनीक की हैं। इसके साथ ही यात्रियों को सूचना देने के लिए चालक की सीट पर एक माइक सिस्टम भी लगा है। वहीं, यात्रियों की सीट पर एक लाल बटन है, जिसे दबाने पर ब्रेक लगाने की सूचना बस के चालक को मिलती हैं।
विज्ञापन
रोडवेज के कैथल बेड़े में गुरुग्राम स्थित एचआरईसी से टाटा बीएस छह तकनीक की दो बसें सोमवार शाम के समय कैथल डिपो में पहुंची है। नई तकनीक से लैस हैं। यह दोनों बसें ही टाटा बीएस छह तकनीक की है।
-निरंजन सिंह तंवर, ड्यूटी प्रभारी, नया बस स्टैंड, कैथल।
विज्ञापन
कैथल। रोडवेज के बेड़े में सोमवार को टाटा की बीएस छह की दो नई बसें शामिल हुई। ये बसें गुरुग्राम स्थित कार्यशाला से आई, जो रात के समय कैथल पहुंचीं। इन बसों के रोडवेज बेड़े में शामिल होने के बाद अब कुल बसों की संख्या 192 हो गई हैं। लगातार बसों की संख्या बढ़ने के बाद अब लंबे रूटों पर बसें चलाई जा रही हैं। ये बसें टाटा की बीएस छह तकनीक की हैं।
गौरतलब है कि लगातार बसों की संख्या बढ़ने के बाद अब जिले के यात्रियों की परेशानी भी अब कम हो रही है। लंबे रूटों के साथ ग्रामीणों रूटों पर भी विभाग ने बसों की संख्या को बढ़ा दिया है। कैथल जिले में जनसंख्या के मुताबिक कुल 240 बसों की जरूरत है। अब आठ बसों के और शामिल होने के बाद बसों की संख्या 200 हो जाएंगी।
विज्ञापन
टाटा की बीएस छह तकनीक की बसें एकदम नई तकनीक से लैस हैं। इसमें दोनों ही दरवाजे ऑटोमेटिक हैं। जिसकी कमांड चालक के हाथ में हैं। इस बस में लगी सभी एलईडी लाइटें भी नई तकनीक की हैं। इसके साथ ही यात्रियों को सूचना देने के लिए चालक की सीट पर एक माइक सिस्टम भी लगा है। वहीं, यात्रियों की सीट पर एक लाल बटन है, जिसे दबाने पर ब्रेक लगाने की सूचना बस के चालक को मिलती हैं।
विज्ञापन
रोडवेज के कैथल बेड़े में गुरुग्राम स्थित एचआरईसी से टाटा बीएस छह तकनीक की दो बसें सोमवार शाम के समय कैथल डिपो में पहुंची है। नई तकनीक से लैस हैं। यह दोनों बसें ही टाटा बीएस छह तकनीक की है।
-निरंजन सिंह तंवर, ड्यूटी प्रभारी, नया बस स्टैंड, कैथल।