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नवरात्र आज से, मंदिर सजे और बाजारों में रौनक
कैथल
Updated Sun, 30 Mar 2014 11:29 PM IST
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सोमवार से शुरू हो रहे नवरात्रों के मद्देनजर मंदिर और बाजार पूरी तरह से सज गए हैं। सोमवार को पहला नवरात्र है और बड़ी देवी मंदिर और कोठी देवी मंदिर पर तैयारियां जारी थी।
नवरात्र पर मंदिरों को लाइटों से पूरी तरह सजाया गया है। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर समितियों ने माता के दरबार तक जाने के लिए व्यवस्था बनाई है। इन नौ दिनों में माता के नौ रूपों की पूजा की जाती है। जिसमें शैलपुत्री, बह्मचारिणी, चंद्रघटा, कुष्मांडा, स्कंधमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धि दात्रि शामिल हैं।
छोटी देवी मंदिर के पुजारी विनायक भारद्वाज ने बताया कि मंदिर में निर्माण कार्य चला हुआ है। मंदिर में 52 फुट का गुंबद बनाया जा रहा है। नवरात्रों के समय शहर भर से हजारों की संख्या में प्रतिदिन श्रद्धालु माथा टकने के लिए आते हैं। मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सभी मनोकानाएं पूरी होती है। सुबह व शाम को नवरात्रों में 51 ज्योति से माता की आरती की जाती है। इसके अलावा श्री ग्यारह रूद्री मंदिर, हनुमान वाटिका, अंबेशकर मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, गीता भवन मंदिर में नवरात्रों को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
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बड़ी देवी मंदिर में पांच सौ साल से जल रही अखंड ज्योति
बड़ी देवी माता मंदिर में लगभग पांच सौ सालों से मां की अखंड ज्योति प्रज्वलित है। बाबा राजपुरी डेरे के गद्दीनशीन महंत राजेंद्र पुरी ने बताया कि मान्यता है कि मंदिर में आने वाले भक्त की सभी मुरादें पूरी होती हैं। इस मंदिर की स्थापना सिद्ध बाबा राजपुरी ने की थी।
मंदिर में चौदस को भंडारे का आयोजन किया जाता है। इस मंदिर में करीब सवा लाख श्रद्धालु नवरात्रों में माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां 500 सालों से माता की अखंड ज्योति जल रही है।
नवरात्रों के सजी शहर की दुकानें
नवरात्रों के पर्व पर शहर दुकानें माता की लाल बिरंगी चुनरियों से सज चुकी हैं। श्रद्धालु नवरात्रों की तैयारी के लिए सामग्री, चुनरी, सोलह श्रृंगार, बजना, नारियल खरीद कर रहे हैं। माता के नवरात्रों का सामान खरीद रही अनु, काजल, निशा, मधु, ममता, पुनीत और अनुज तितरम ने बताया कि वे माता के सभी नवरात्रों में व्रत रखती हैं।
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नवरात्र पर मंदिरों को लाइटों से पूरी तरह सजाया गया है। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए मंदिर समितियों ने माता के दरबार तक जाने के लिए व्यवस्था बनाई है। इन नौ दिनों में माता के नौ रूपों की पूजा की जाती है। जिसमें शैलपुत्री, बह्मचारिणी, चंद्रघटा, कुष्मांडा, स्कंधमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी, सिद्धि दात्रि शामिल हैं।
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छोटी देवी मंदिर के पुजारी विनायक भारद्वाज ने बताया कि मंदिर में निर्माण कार्य चला हुआ है। मंदिर में 52 फुट का गुंबद बनाया जा रहा है। नवरात्रों के समय शहर भर से हजारों की संख्या में प्रतिदिन श्रद्धालु माथा टकने के लिए आते हैं। मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की सभी मनोकानाएं पूरी होती है। सुबह व शाम को नवरात्रों में 51 ज्योति से माता की आरती की जाती है। इसके अलावा श्री ग्यारह रूद्री मंदिर, हनुमान वाटिका, अंबेशकर मंदिर, सनातन धर्म मंदिर, गीता भवन मंदिर में नवरात्रों को लेकर विशेष तैयारियां की जा रही हैं।
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बड़ी देवी मंदिर में पांच सौ साल से जल रही अखंड ज्योति
बड़ी देवी माता मंदिर में लगभग पांच सौ सालों से मां की अखंड ज्योति प्रज्वलित है। बाबा राजपुरी डेरे के गद्दीनशीन महंत राजेंद्र पुरी ने बताया कि मान्यता है कि मंदिर में आने वाले भक्त की सभी मुरादें पूरी होती हैं। इस मंदिर की स्थापना सिद्ध बाबा राजपुरी ने की थी।
मंदिर में चौदस को भंडारे का आयोजन किया जाता है। इस मंदिर में करीब सवा लाख श्रद्धालु नवरात्रों में माता के दर्शन करने के लिए आते हैं। यहां 500 सालों से माता की अखंड ज्योति जल रही है।
नवरात्रों के सजी शहर की दुकानें
नवरात्रों के पर्व पर शहर दुकानें माता की लाल बिरंगी चुनरियों से सज चुकी हैं। श्रद्धालु नवरात्रों की तैयारी के लिए सामग्री, चुनरी, सोलह श्रृंगार, बजना, नारियल खरीद कर रहे हैं। माता के नवरात्रों का सामान खरीद रही अनु, काजल, निशा, मधु, ममता, पुनीत और अनुज तितरम ने बताया कि वे माता के सभी नवरात्रों में व्रत रखती हैं।