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अधिकारी नहीं दे सके कार्यों का लेखाजोखा सांसद डीसी बोले तैयारी करके आया करो
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mp meeting
- फोटो : Kaithal
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जिला विकास समन्वय एवं सतर्कता कमेटी की वित्त वर्ष की पहली बैठक में कई विभागों की कार्यप्रणाली देखकर सांसद नायब सैनी हैरान रह गए। विकास कार्यों का जब जिम्मेदारों ने आधा अधूरा लेखा जोखा प्रस्तुत किया तो सांसद व डीसी सुजान सिंह को कई बार कहना पड़ा कि बैठक में तैयारी करके आया करो। बैठक में कई विभागों के अधिकारी बैठक में अपने विभाग की स्थिति ही स्पष्ट नहीं कर पाए कि वे अपने विभाग की कौन सी योजना को लेकर यहां आए हैं। तीन घंटे तक चली बैठक में सांसद ने 39 योजनाओं की समीक्षा की।
तैयार होकर आया करो मीटिंग में: स्वच्छ भारत मिशन योजना के कर्मचारी से सांसद नायब सैनी ने पूछा कि जिन 11 गांवों में कम्यूनिटी सेनिटरी कॉम्पलेक्स बनाने की बात रिपोर्ट में कही जा रही है, वे कौन से हैं? डीसी ने भी इस संबंध में पूछा, लेकिन कर्मचारी कोई जवाब नहीं दे पाए। डीसी ने कहा कि आप कैसे मीटिंग में आ जाते हो। तैयारी करके आया करो मीटिंग में। सांसद ने भी नर्म शब्दों में कहा कि आपका कोई काम नजर नहीं आ रहा।
कौशल विकास योजना का पूरा रिकॉर्ड तलब किया: कौशल विकास योजना के तहत ट्रेनिंग के लिए 8 से 12 हजार रुपये तक खर्च करने के बावजूद एक भी प्लेसमेंट न होने पर सांसद ने योजना क्रियान्वयन पर सवाल उठाए। बोले योजना के तहत कितना पैसा खर्च हुआ, कितने लोगों को प्लेसमेंट करवाई गई, पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत करें।
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फंड की कमी में बंद पड़ी हैं 7 मिट्टी पानी जांच की लैब: सरकार द्वारा जिले में 7 लोगों को निजी तौर पर दी गई मिट्टी पानी जांच की लैब फंड के अभाव में बंद पड़ी हैं। यदि वहां टेस्ट करवाए जाते हैं तो विभाग को 300 रुपया प्रति टेस्ट देना पड़ेगा।
बिजली विभाग के अधिकारियों पर उठे सवाल, जवाब नहीं दे पाए एक्सईएन: बिजली विभाग के एक्सईएन ने तार बदलने, ट्रांसफार्मर लगाए जाने सहित अन्य विकास कार्यों को आंकड़ों में रखा तो सांसद ने पूछ लिया कि कैथल हल्का के किस-किस गांव में काम किया है। लेकिन अधिकारी इस बारे में जवाब नहीं दे पाए।
अगली मीटिंग में बता दूं जी: डीएफएससी की अनुपस्थिति में बैठक में आए सुपरिटेंडेंट से सांसद ने पूछा कि कोरोना काल में पीएम की घोषणा अनुसार कितने लोगों को फ्री सिलेंडर दिए गए। जबकि कर्मचारी 2017 में बंद हो चुकी उज्ज्वला योजना पर ही अटके रहे और कहने लगे कि अगली मीटिंग में बता दूं जी..इस पर सांसद बोले सुपरिटेंडेंट कार्यालय की जान होता है। पूरी जानकारी लेकर आया करो।
एलडीएम बोले कई लोग सहयोग नहीं करते तो सांसद बोले लिखकर दीजिए: जिला उद्योग केंद्र से अधिकारी ने जब डाटा रखा तो डीसी ने कहा कि जब आपके पास डाटा ही पूरा नहीं है तो बैठक में क्या चर्चा की जाए? करीब 112 आवेदनों में से बैंक द्वारा महज 14 के आवेदन स्वीकृत होना आश्चर्यजनक है। सांसद ने एलडीएम व उद्योग केंद्र पर सवाल उठाया कि ऐसे में कैसे लोगों आत्मनिर्भर बनाए जाने के पीएम के सपने को पूरा किया जा सकेगा। एलडीएम ने कहा कि लोग सहयोग नहीं करते तो सांसद ने कहा कि आप लिखकर दीजिए कि मेरा सहयोग नहीं होता। डीसी ने भी कहा कि बैठक में तैयारी करके आया करो।
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तैयार होकर आया करो मीटिंग में: स्वच्छ भारत मिशन योजना के कर्मचारी से सांसद नायब सैनी ने पूछा कि जिन 11 गांवों में कम्यूनिटी सेनिटरी कॉम्पलेक्स बनाने की बात रिपोर्ट में कही जा रही है, वे कौन से हैं? डीसी ने भी इस संबंध में पूछा, लेकिन कर्मचारी कोई जवाब नहीं दे पाए। डीसी ने कहा कि आप कैसे मीटिंग में आ जाते हो। तैयारी करके आया करो मीटिंग में। सांसद ने भी नर्म शब्दों में कहा कि आपका कोई काम नजर नहीं आ रहा।
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कौशल विकास योजना का पूरा रिकॉर्ड तलब किया: कौशल विकास योजना के तहत ट्रेनिंग के लिए 8 से 12 हजार रुपये तक खर्च करने के बावजूद एक भी प्लेसमेंट न होने पर सांसद ने योजना क्रियान्वयन पर सवाल उठाए। बोले योजना के तहत कितना पैसा खर्च हुआ, कितने लोगों को प्लेसमेंट करवाई गई, पूरा रिकॉर्ड प्रस्तुत करें।
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फंड की कमी में बंद पड़ी हैं 7 मिट्टी पानी जांच की लैब: सरकार द्वारा जिले में 7 लोगों को निजी तौर पर दी गई मिट्टी पानी जांच की लैब फंड के अभाव में बंद पड़ी हैं। यदि वहां टेस्ट करवाए जाते हैं तो विभाग को 300 रुपया प्रति टेस्ट देना पड़ेगा।
बिजली विभाग के अधिकारियों पर उठे सवाल, जवाब नहीं दे पाए एक्सईएन: बिजली विभाग के एक्सईएन ने तार बदलने, ट्रांसफार्मर लगाए जाने सहित अन्य विकास कार्यों को आंकड़ों में रखा तो सांसद ने पूछ लिया कि कैथल हल्का के किस-किस गांव में काम किया है। लेकिन अधिकारी इस बारे में जवाब नहीं दे पाए।
अगली मीटिंग में बता दूं जी: डीएफएससी की अनुपस्थिति में बैठक में आए सुपरिटेंडेंट से सांसद ने पूछा कि कोरोना काल में पीएम की घोषणा अनुसार कितने लोगों को फ्री सिलेंडर दिए गए। जबकि कर्मचारी 2017 में बंद हो चुकी उज्ज्वला योजना पर ही अटके रहे और कहने लगे कि अगली मीटिंग में बता दूं जी..इस पर सांसद बोले सुपरिटेंडेंट कार्यालय की जान होता है। पूरी जानकारी लेकर आया करो।
एलडीएम बोले कई लोग सहयोग नहीं करते तो सांसद बोले लिखकर दीजिए: जिला उद्योग केंद्र से अधिकारी ने जब डाटा रखा तो डीसी ने कहा कि जब आपके पास डाटा ही पूरा नहीं है तो बैठक में क्या चर्चा की जाए? करीब 112 आवेदनों में से बैंक द्वारा महज 14 के आवेदन स्वीकृत होना आश्चर्यजनक है। सांसद ने एलडीएम व उद्योग केंद्र पर सवाल उठाया कि ऐसे में कैसे लोगों आत्मनिर्भर बनाए जाने के पीएम के सपने को पूरा किया जा सकेगा। एलडीएम ने कहा कि लोग सहयोग नहीं करते तो सांसद ने कहा कि आप लिखकर दीजिए कि मेरा सहयोग नहीं होता। डीसी ने भी कहा कि बैठक में तैयारी करके आया करो।