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Kaithal News: अनाज मंडियों में एक लाख कट्टे से ज्यादा गेहूं भीगा
Sat, 03 May 2025 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 03 May 2025 01:09 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिले की अनाज मंडियों में उठान की समस्या के बीच वीरवार रात को हुई बारिश ने हालत और खराब कर दी। अनाज मंडियों में गेहूं की फसल को इससे काफी नुकसान हुआ है। आंकड़ों के अनुसार, करीब एक लाख गेहूं के कट्टे बारिश के पानी से भाग गए वहीं, जिलेभर की मंडियों में करीब नौ लाख कट्टे पड़े हैं। इनका अभी उठान बाकी है।
पिछले काफी दिनों से गेहूं की उठान न होने से आढ़ती व किसान मुखर हैं। नाराज आढ़तियों का कहना है कि उठान बहुत धीमी है, जिसका हर्जाना हमें भुगतना पड़ेगा। यदि खरीद एजेंसियां समय से उठान करवा ले तो यह नुकसान ना हो। किसान आढ़तियों को फोन करके पूछते हैं कि हमारा भुगतान कब होगा, भुगतान तब ही हो पाएगा, जब गेहूं एजेंसी के गोदाम में पहुंच जाएगा परंतु उठान बहुत धीमा है इसलिए गेहूं मंडी में पड़ा खराब हो रहा है। बारिश के बाद नमी भी बढ़ गई है।
दूसरी ओर मौसम विभाग का कहना है कि अभी दो-तीन दिन बारिश संभव है। ऐसे में अभी उठान भी संभव नहीं होगा। दरअसल, जब तक गेहूं को पूरी तरह से सुखाया नहीं जाएगा, तब तक फसल की उठान नहीं होगी। मंडी के दुकानदारों की सरकार से अपील है कि गेहूं खरीद एजेंसियों पर सख्ती करें और गेहूं का उठान जल्द करवाए। जो नुकसान प्राकृतिक आपदा से हुआ है, उसका मुआवजा सरकार भरे न कि आढ़ती, क्योंकि आढ़तियों ने तो गेहूं को तुलवाकर रख दिया है और पहरेदारी कर रहा है। देरी तो सरकारी खरीद एजेंसियों की है।
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पाई और करोड़ा मंडी के आढतियों को नुकसान
पाई। देर रात्रि हुई बारिश से पाई व करोड़ा मंडी के आढ़तियों को बहुत नुकसान हुआ है। आढ़तियों ने सरकार से मुआवजे व नमी की मात्रा अधिक करने की मांग की है। इस समय पाई व करोड़ा की अनाज मंडी गेहूं से अटी पड़ी है। वीरवार की रात अचानक हुई तेज बारिश से हजारों बोरियां भीग गईं। इस कारण से उन में नमी की मात्रा अधिक हो गई और अब आढ़तियों को डर है कि कहीं उनकी फसल से भरी बोरियां खराब न हो जाए।
आढ़ती रणधीर सिंह फौजी ने बताया कि अब भीगा गेहूं सूखने के बाद ही उठाया जाएगा। जब तक ये कट्टे उठाकर गोदाम नहीं भेजे जाएंगे, तब तक किसानों को भी फसल का भुगतान नहीं किया जाएगा। संवाद
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कैथल। जिले की अनाज मंडियों में उठान की समस्या के बीच वीरवार रात को हुई बारिश ने हालत और खराब कर दी। अनाज मंडियों में गेहूं की फसल को इससे काफी नुकसान हुआ है। आंकड़ों के अनुसार, करीब एक लाख गेहूं के कट्टे बारिश के पानी से भाग गए वहीं, जिलेभर की मंडियों में करीब नौ लाख कट्टे पड़े हैं। इनका अभी उठान बाकी है।
पिछले काफी दिनों से गेहूं की उठान न होने से आढ़ती व किसान मुखर हैं। नाराज आढ़तियों का कहना है कि उठान बहुत धीमी है, जिसका हर्जाना हमें भुगतना पड़ेगा। यदि खरीद एजेंसियां समय से उठान करवा ले तो यह नुकसान ना हो। किसान आढ़तियों को फोन करके पूछते हैं कि हमारा भुगतान कब होगा, भुगतान तब ही हो पाएगा, जब गेहूं एजेंसी के गोदाम में पहुंच जाएगा परंतु उठान बहुत धीमा है इसलिए गेहूं मंडी में पड़ा खराब हो रहा है। बारिश के बाद नमी भी बढ़ गई है।
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दूसरी ओर मौसम विभाग का कहना है कि अभी दो-तीन दिन बारिश संभव है। ऐसे में अभी उठान भी संभव नहीं होगा। दरअसल, जब तक गेहूं को पूरी तरह से सुखाया नहीं जाएगा, तब तक फसल की उठान नहीं होगी। मंडी के दुकानदारों की सरकार से अपील है कि गेहूं खरीद एजेंसियों पर सख्ती करें और गेहूं का उठान जल्द करवाए। जो नुकसान प्राकृतिक आपदा से हुआ है, उसका मुआवजा सरकार भरे न कि आढ़ती, क्योंकि आढ़तियों ने तो गेहूं को तुलवाकर रख दिया है और पहरेदारी कर रहा है। देरी तो सरकारी खरीद एजेंसियों की है।
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पाई और करोड़ा मंडी के आढतियों को नुकसान
पाई। देर रात्रि हुई बारिश से पाई व करोड़ा मंडी के आढ़तियों को बहुत नुकसान हुआ है। आढ़तियों ने सरकार से मुआवजे व नमी की मात्रा अधिक करने की मांग की है। इस समय पाई व करोड़ा की अनाज मंडी गेहूं से अटी पड़ी है। वीरवार की रात अचानक हुई तेज बारिश से हजारों बोरियां भीग गईं। इस कारण से उन में नमी की मात्रा अधिक हो गई और अब आढ़तियों को डर है कि कहीं उनकी फसल से भरी बोरियां खराब न हो जाए।
आढ़ती रणधीर सिंह फौजी ने बताया कि अब भीगा गेहूं सूखने के बाद ही उठाया जाएगा। जब तक ये कट्टे उठाकर गोदाम नहीं भेजे जाएंगे, तब तक किसानों को भी फसल का भुगतान नहीं किया जाएगा। संवाद