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Kaithal News: मूसे वाला की छह फीट की पतंग बनी आकर्षण का केंद्र

Sat, 19 Aug 2023 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Sat, 19 Aug 2023 01:27 AM IST
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Moose Wala's six feet kite became the center of attraction
कुलदीप प्रजापति
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कैथल। शहर में दुकानें पतंग की विभिन्न वैरायटी से सजी हुई है। दुकानों पर पांच रुपये से लेकर 500 रुपये तक की पतंग उपलब्ध है। दुकानों पर सिद्दू मुसेवाला, प्रधनमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर, मेरा भारत महान, जादूगर, भूत बंगला, शेर, चीता सहित अन्य पतंग की वैरायटी उपलब्ध है। मूसे वालो की पतंग छह फीट ऊंची है। जो आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। दुकानदार ने बताया कि यह पतंग 500 रुपये की बिक रही है।

कारोबारियों का कहना है कि इसके अलावा स्लोगन लिखे पतंग, शांति का संदेश देती, कबूतर की तस्वीर लगी पतंग, प्रधानमंत्री की तस्वीर वाली पतंग के साथ ही डिजनीलैंड, कार्टून, स्पाइडरमैन, छोटा भीम, छुटकी वाले पतंगों की भी बाजार में भरमार है। मौसमी पतंगों के विक्रेताओं का कहना है कि पतंग व मांझे इस साल दोनों महंगे हैं। चीन के मांझे कर बिक्री पर पाबंदी लगी है। कागज के दाम भी बढ़ गए हैं। मौसमी बिक्री की वजह से कई दुकानदार मनमर्जी दाम रखते हैं। संवाद
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कारोबारियों का कहना है कि इसके अलावा स्लोगन लिखे पतंग, शांति का संदेश देती, कबूतर की तस्वीर लगी पतंग, प्रधानमंत्री की तस्वीर वाली पतंग के साथ ही डिजनीलैंड, कार्टून, स्पाइडरमैन, छोटा भीम, छुटकी वाले पतंगों की भी बाजार में भरमार है। मौसमी पतंगों के विक्रेताओं का कहना है कि पतंग व मांझे इस साल दोनों महंगे हैं। चीन के मांझे कर बिक्री पर पाबंदी लगी है। कागज के दाम भी बढ़ गए हैं। मौसमी बिक्री की वजह से कई दुकानदार मनमर्जी दाम रखते हैं।
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क्या कहते हैं पतंग उड़ाने का शौक रखने वाले

पतंग उड़ाने वाले कहते हैं कि चीन का मांझा प्लास्टिक का बना होता है। मजबूत होने के कारण पतंग कम कटती है। पतंगों के ज्यादा दूर जाने पर डोर टूटने का डर नहीं होता। मजबूत और अच्छा मांझा मांगने पर ज्यादातर दुकानदार सस्ता होने की वजह से चीन से मिलता जुलता मांझा दे देते हैं।


समाजसेवी राजू डोहर का कहना है कि बच्चे बिजली की तारों के पास, सड़क के पास व घर की अधिक ऊंचाई वाली छत पर पतंग न उड़ाए। यदि कोई उड़ाए भी तो उसमें चाइनीज मांझा का उपयोग न करें। चाइनीज मांझा से शहर में आए दिन लोग घायल हो जाते हैं। ऐसे मामले शहर में कई वर्षों से आ रहे हैं। बीते वर्ष भी रेलवे ओवर ब्रिज पर राहगीरों के सामने चाइनीज मांझा आने से कई लोग घायल हो गए थे। उन्होंने सभी से अपील की कि पतंग उड़ाते समय चाइनीज मांझा का प्रयोग न करें। यदि किसी को उड़ाना ही है तो वह कच्चे धागे की डोर लें ताकि किसी को कोई नुकसान न हों।
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