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बारिश से गिरा पारा, आंधी ने उखाड़े पेड़-पोल
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32-कैथल। सोमवार सुबह लघु सचिवालय के निकट बारिश के कारण पानी में फसी मोटर साईकिल निकालने को प्रयास क
- फोटो : Kaithal
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कैथल। जिले में रविवार की देर रात तेज अंधड़ के साथ जोरदार बारिश हुई। इससे अधिकतम तापमान में एकाएक करीब आठ डिग्री सेल्सियस गिरावट दर्ज की गई है। पारा गिरने से लोगों को गर्मी से राहत जरूर मिली लेकिन तेज हवा आफत बनकर भी टूटी। तमाम फ्लैक्स उड़ गए। सैकड़ों की संख्या में पेड़ टूट कर गिर गए। इससे कई जगहों पर मार्ग अवरुद्ध हो गया। इससे राहगीरों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसी प्रकार बिजली के पोल गिरने से कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। कई मकानों के टिन शेड आदि भी अंधड़ में टूट गए। सोमवार सुबह तक पानी गिरा। इसके बाद मौसम सुहावना हो गया। जिले में औसतन 23.2 एमएम बारिश दर्ज की गई।
कई दिनों से गर्मी की विभीषिका झेल रहे लोगों के लिए सोमवार की सुबह राहत बनकर आई। दिनभर बादल छाए रहे और तेज ठंडी हवाएं चलती रही। इससे मौसम खुशनुमा बना रहा। बारिश और ठंडी हवाएं चलने से अधिकतम तापमान गिरा तो मौसम सुहावना हो गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मंगलवार को भी बारिश होने व ठंडी हवाएं चलने का अनुमान है।
मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 23.1 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार रात करीब साढ़े 12 बजे से अंधड़ और बारिश का सिलसिला सुबह तक जारी रहा। करीब साढ़े पांच बजे बरसात बंद हुई। इसके बाद भी तेज हवाएं जारी रही। सुबह तक कई जगहों पर पानी जमा रहा।
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राजौंद क्षेत्र में सबसे अधिक तो ढांड में सबसे कम बारिश
आपदा एवं प्रबंधन विभाग के सदर कानूनगो पूर्णचंद ने बताया कि रविवार देर रात से सुबह आठ बजे तक जिलेभर में लगभग 23.2 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसमें सबसे अधिक बरसात राजौंद क्षेत्र में 40 एमएम दर्ज की गई है। सीवन में 28 एमएम, गुहला में 24 एमएम, कैथल में 22 एमएम, पूंडरी में 20 एमएम, कलायत में 15 एमएम व ढांड में सबसे कम 14 एमएम बारिश दर्ज की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक डॉ. रमेश वर्मा ने कहा कि बारिश कपास, बाजरा व हरे चारे की फसलों के लिए काफी फायदेमंद है।
300 खंभे गिरे
तेज अंधड़ के कारण करीब 300 बिजली के खंभे गिरे हैं। इस कारण कई क्षेत्रों में सुबह तक बिजली बाधित रही। इसके साथ ही 600 के करीब पेड़-पौधे गिरे हैं। कई जगह दुकानों व घरों से टीन व टप्पर भी उड़ गए हैं। डेरा बाबा राजपुरी में महंत हीरा पुरी ने बताया कि यहां एक पेड़ आंधी में गिर गया। एक कार पेड़ के नीचे खड़ी थी। जिससे कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई है। उधर, सीवन में भी आंधी ने कई जगह नुकसान किया। बिजली के खंभे, तार, पेड़ आदि टूट कर गिर गए।
तेज तूफान व बरसात के बाद क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ
राजौंद। तेज आंधी से कुछ गांव में बिजली के खंभे टूट गए वहीं कुछ गांव के ट्रांसफार्मर भी गिर गए। कई मार्गों पर पेड़ गिरने से रास्ते अवरुद्ध हो गए। राजौंद में नौ घंटे बाद बिजली सप्लाई शुरू हो पाई। जबकि कुछ गांवों में तो दिन भर बिजली शुरू भी नहीं हो पाई। गांव गुलियाना में सौंगरी में 24 खंभे गिर गए। 26 एक अन्य लाइन के गिर गए। गांव के पांच ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गए। इससे कई गांवों की बाधित रही। गांव कोटड़ा नंद करण माजरा मार्ग पर एक ट्रांसफार्मर गिर गया। वही गांव संतोख माजरा में राजौंद में आने वाली लाइन पर एक पेड़ गिरने से बिजली बंद हो गई।
गुलियाणा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हुआ नुकसान
राजौंद। गांव गुलियाणा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में तूफान व तेज बरसात से भारी नुकसान हुआ है। प्रधानाचार्य कुलदीप सिंह ने बताया कि स्कूल के अंदर खड़े नीम के कई पेड़ गिर गए। इससे एक शेड तहस-नहस हो गया। स्कूल भवन के ऊपर बनाई गई पर्दी भी टूट गई। शौचालय का हिस्सा का भी तहस-नहस हो गया। इसके अलावा 400 फीट की दीवार प्राइमरी स्कूल की भी गिर गई। प्रधानाचार्य ने बताया कि दोनों स्कूलों में तीन से चार लाख का नुकसान हुआ है।
उखड़ा शेड, फ्लैक्स फटे और बोर्ड उड़े
पूंडरी। कई जगहों पर दुकानों के बाहर लगे कई फलैक्स फट गए। कई जगहों पर बोर्ड और शेड उखड़ गए। इसके अलावा सैकड़ों छोटे-बड़े पेड़ इस तूफान की भेंट चढ़ गए। हाबड़ी रोड चस्थित सरदार मेजर सिंह के डेरे पर पशुओं के चारे के लिए बनाए गया शेड उड़ गया, जिससे काफी मात्रा में एकत्र की गई तूड़ी उड़ गई। एक घर में लगी वाईफाई उपकरण पर बिजली गिरने से चार पंखे और इनवर्टर आदि अन्य उपकरण जल गए। कस्बे में किसान भवन, हुडा मार्केट और बस स्टेंड के सामने तेज बारिश के कारण जलभराव हो गया। करनाल कैथल मुख्य मार्ग व पूंडरी फतेहपुर की सड़क के दोनों और पानी भर गया।
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कई दिनों से गर्मी की विभीषिका झेल रहे लोगों के लिए सोमवार की सुबह राहत बनकर आई। दिनभर बादल छाए रहे और तेज ठंडी हवाएं चलती रही। इससे मौसम खुशनुमा बना रहा। बारिश और ठंडी हवाएं चलने से अधिकतम तापमान गिरा तो मौसम सुहावना हो गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मंगलवार को भी बारिश होने व ठंडी हवाएं चलने का अनुमान है।
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मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। न्यूनतम तापमान 23.1 डिग्री सेल्सियस रहा। रविवार रात करीब साढ़े 12 बजे से अंधड़ और बारिश का सिलसिला सुबह तक जारी रहा। करीब साढ़े पांच बजे बरसात बंद हुई। इसके बाद भी तेज हवाएं जारी रही। सुबह तक कई जगहों पर पानी जमा रहा।
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राजौंद क्षेत्र में सबसे अधिक तो ढांड में सबसे कम बारिश
आपदा एवं प्रबंधन विभाग के सदर कानूनगो पूर्णचंद ने बताया कि रविवार देर रात से सुबह आठ बजे तक जिलेभर में लगभग 23.2 एमएम बारिश दर्ज की गई। इसमें सबसे अधिक बरसात राजौंद क्षेत्र में 40 एमएम दर्ज की गई है। सीवन में 28 एमएम, गुहला में 24 एमएम, कैथल में 22 एमएम, पूंडरी में 20 एमएम, कलायत में 15 एमएम व ढांड में सबसे कम 14 एमएम बारिश दर्ज की गई है। कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक डॉ. रमेश वर्मा ने कहा कि बारिश कपास, बाजरा व हरे चारे की फसलों के लिए काफी फायदेमंद है।
300 खंभे गिरे
तेज अंधड़ के कारण करीब 300 बिजली के खंभे गिरे हैं। इस कारण कई क्षेत्रों में सुबह तक बिजली बाधित रही। इसके साथ ही 600 के करीब पेड़-पौधे गिरे हैं। कई जगह दुकानों व घरों से टीन व टप्पर भी उड़ गए हैं। डेरा बाबा राजपुरी में महंत हीरा पुरी ने बताया कि यहां एक पेड़ आंधी में गिर गया। एक कार पेड़ के नीचे खड़ी थी। जिससे कार बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई है। उधर, सीवन में भी आंधी ने कई जगह नुकसान किया। बिजली के खंभे, तार, पेड़ आदि टूट कर गिर गए।
तेज तूफान व बरसात के बाद क्षेत्र में भारी नुकसान हुआ
राजौंद। तेज आंधी से कुछ गांव में बिजली के खंभे टूट गए वहीं कुछ गांव के ट्रांसफार्मर भी गिर गए। कई मार्गों पर पेड़ गिरने से रास्ते अवरुद्ध हो गए। राजौंद में नौ घंटे बाद बिजली सप्लाई शुरू हो पाई। जबकि कुछ गांवों में तो दिन भर बिजली शुरू भी नहीं हो पाई। गांव गुलियाना में सौंगरी में 24 खंभे गिर गए। 26 एक अन्य लाइन के गिर गए। गांव के पांच ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गए। इससे कई गांवों की बाधित रही। गांव कोटड़ा नंद करण माजरा मार्ग पर एक ट्रांसफार्मर गिर गया। वही गांव संतोख माजरा में राजौंद में आने वाली लाइन पर एक पेड़ गिरने से बिजली बंद हो गई।
गुलियाणा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में हुआ नुकसान
राजौंद। गांव गुलियाणा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में तूफान व तेज बरसात से भारी नुकसान हुआ है। प्रधानाचार्य कुलदीप सिंह ने बताया कि स्कूल के अंदर खड़े नीम के कई पेड़ गिर गए। इससे एक शेड तहस-नहस हो गया। स्कूल भवन के ऊपर बनाई गई पर्दी भी टूट गई। शौचालय का हिस्सा का भी तहस-नहस हो गया। इसके अलावा 400 फीट की दीवार प्राइमरी स्कूल की भी गिर गई। प्रधानाचार्य ने बताया कि दोनों स्कूलों में तीन से चार लाख का नुकसान हुआ है।
उखड़ा शेड, फ्लैक्स फटे और बोर्ड उड़े
पूंडरी। कई जगहों पर दुकानों के बाहर लगे कई फलैक्स फट गए। कई जगहों पर बोर्ड और शेड उखड़ गए। इसके अलावा सैकड़ों छोटे-बड़े पेड़ इस तूफान की भेंट चढ़ गए। हाबड़ी रोड चस्थित सरदार मेजर सिंह के डेरे पर पशुओं के चारे के लिए बनाए गया शेड उड़ गया, जिससे काफी मात्रा में एकत्र की गई तूड़ी उड़ गई। एक घर में लगी वाईफाई उपकरण पर बिजली गिरने से चार पंखे और इनवर्टर आदि अन्य उपकरण जल गए। कस्बे में किसान भवन, हुडा मार्केट और बस स्टेंड के सामने तेज बारिश के कारण जलभराव हो गया। करनाल कैथल मुख्य मार्ग व पूंडरी फतेहपुर की सड़क के दोनों और पानी भर गया।

34-कैथल। तुफान में गांव बाबा लदाना में डेरा राजपुरी में पेड़ के नीचे दबी कार- फोटो : Kaithal