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Kaithal News: राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 20 Jul 2026 11:48 PM IST
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Memorandum submitted to the President for reforming the national examination system.
अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपते कलायत जागरूक नागरिक मंच के सदस्य। विज्ञप्ति
कलायत। राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं, पेपर लीक की घटनाओं व शिक्षा प्रथा में सुधार की मांग के लिए कलायत जागरूक नागरिक मंच की ओर से एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
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संस्था सदस्य अजय आशू व जसविंद्र सिंह जस्सी ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) देशभर में अनेक महत्वपूर्ण प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन करती है। प्रश्नपत्रों की छपाई से लेकर परीक्षा केंद्रों के संचालन तक की प्रक्रियाओं में अनेक निजी कंपनियों को ठेके दिए जाते हैं। इन प्रक्रियाओं में पारदर्शिता व जवाबदेही की कमी के कारण आयोजक कंपनियों की भूमिका पर गंभीर प्रश्न उठते रहे हैं। इससे शिक्षा माफियाओं, नौकरशाहों राजनीतिक संरक्षण प्राप्त तत्वों की मिलीभगत की आशंकाएं भी सामने आती हैं। परीक्षा प्रणाली में सुधारों और छात्रों की मांगों के लिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्वक भूख हड़ताल कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक व अन्य को दिल्ली पुलिस की ओर से जबरन हिरासत में लिया जाना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।
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उन्होंने कहा कि कलायत जागरूक नागरिक मंच मांग करता है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को उनकी प्रशासनिक विफलताओं की जिम्मेवारी तय करते हुए उन्हें पद से बर्खास्त किया जाए। भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक व अन्य छात्रों की न्यायोचित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लिया जाए। पेपर लीक व परीक्षा संबंधी भ्रष्टाचार में संलिप्त शिक्षा माफियाओं, अधिकारियों व दोषियों विरुद्ध निष्पक्ष जांच कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। परीक्षा संबंधी अनियमितताओं व उससे उत्पन्न मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाए।
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शिक्षा के निजीकरण, व्यापारीकरण व सांप्रदायिकरण पर प्रभावी रोक लगाई जाए। शिक्षा को मौलिक अधिकार घोषित किया जाए और देश के सभी नागरिकों के लिए समान एवं सुलभ शिक्षा की व्यवस्था की जाए। स्कूली शिक्षा को पूर्णत: निशुल्क व उच्च शिक्षा को सुलभ एवं कम खर्चीला बनाया जाए। परीक्षा संचालन में लगातार विफल रही राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी को भंग कर एक पारदर्शी, जवाबदेही एवं सार्वजनिक परीक्षा प्रणाली विकसित की जाए। कलायत जागरूक नागरिक मंच मांग करता है कि माननीय राष्ट्रपति हमारी मांगों पर गंभीरतापूर्ण विचार करते हुए उचित कार्रवाई के लिए संबंधित मंत्रालय व भारत सरकार को आवश्यक दिशा निर्देश देंगी।

अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपते कलायत जागरूक नागरिक मंच के सदस्य। विज्ञप्ति

अपनी मांगों का ज्ञापन एसडीएम को सौंपते कलायत जागरूक नागरिक मंच के सदस्य। विज्ञप्ति

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