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बिना सीईओ व डिप्टी सीईओ के हुई जिला परिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले
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जिला परिषद की बिना सीईओ और डिप्टी सीईओ के हुई बैठक में चेयरपर्सन सुखविंद्र कौर की अध्यक्षता में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए गए। बैठक से विरोधी खेमा अंजू जागलान व भाग सिंह खनौदा गुट ने भाग नहीं लिया। 21 में से 13 पार्षदों व तीन ब्लॉक समितियों के चेयरमैनों ने भाग लिया। सुबह 11 बजे बैठक का समय निर्धारित था। बैठक में कोई भी बड़ा अधिकारी नहीं पहुंचा। जिसमें सिर्फ चार विभाग के अधिकारी पहुंचे। जिसे पर सुखविंद्र कौर ने कहा कि अधिकारियों पर कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा
सबसे पहले चेयरपर्सन की अनुमति के बाद बैठक में कर्मचारी ओमप्रकाश को बैठक की कार्रवाई लिखने के लिए अधिकृत किया गया। प्रस्तावों में डा. मुसिया ने गांव सांगन के लोगों द्वारा एएनएम द्वारा दुर्व्यवहार करने पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रस्ताव रखा, जो पारित कर दिया गया। कैथल में कार्यरत मनरेगा एबीपीओ सुरेश कुमार को कार्यकाल पूरा होने पर रिलीव करने व कैथल का कार्यभार सीवन के एबीपीओ को देने का प्रस्ताव, गांव ग्योंग, जिला स्टेडियम खानपुर या शहर में किसी भी एक स्टेडियम को सेना की भर्ती के लिए मंजूरी दिलवाने का प्रस्ताव, फाने ना जलाने पर सुपर सीडर नामक मशीन को गांव अनुसार उपलब्ध करवाने के लिए सीएम से मांग पत्र सौंपने, शराब टेक्स के 3 करोड़ रुपये की राशि को विकास कार्यों पर खर्च किए जाने जैसे प्रस्ताव भी पारित किए गए। बैठक में रवि तारांवाली, रतिराम, इंद्र पाई, बबली ऊर्फ सुदेश, रेनू बाला, डा. मुसिया, एडवोकेट सुरजीत सिंह, कमलेश बलबेहड़ा, नीलम देवी, रिंपी भागल, राजेश राणा, ब्लॉक समिति चेयरपर्सन रानी, ब्लॉक समिति चेयरमैन राजेश कुमार, ब्लॉक समिति चेयरपर्सन संगीता ने भाग लिया।
सुखविंद्र कौर ने कहा कि जो अधिकारी बैठक में बिना सूचना दिए नहीं पहुंचे, उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। वाइस चेयरमैन मनीष कठवाड़ ने कहा कि कुछ लोग ग्रामीण क्षेत्र का विकास नहीं चाहते, इसीलिए विकास कार्यों में रोड़ा डाला था, जिसे सीएम साहब के आशीर्वाद से दूर कर दिया गया है।
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विधानपालिका व कार्यपालिका के बीच दिखा टकराव: लोकतंत्र में चार महत्वपूर्ण स्तंभों में शामिल विधानपालिका ने मंगलवार को जिला परिषद में बैठक कर ली, लेकिन जिसे संपूर्ण करने के लिए आवश्यक कार्यपालिका नदारद दिखी। जिस कारण बैठक पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि कब तक इस तरह के गतिरोध या अन्य कारणों के चलते विकास कार्य स्थगित रहेंगे।
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सबसे पहले चेयरपर्सन की अनुमति के बाद बैठक में कर्मचारी ओमप्रकाश को बैठक की कार्रवाई लिखने के लिए अधिकृत किया गया। प्रस्तावों में डा. मुसिया ने गांव सांगन के लोगों द्वारा एएनएम द्वारा दुर्व्यवहार करने पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रस्ताव रखा, जो पारित कर दिया गया। कैथल में कार्यरत मनरेगा एबीपीओ सुरेश कुमार को कार्यकाल पूरा होने पर रिलीव करने व कैथल का कार्यभार सीवन के एबीपीओ को देने का प्रस्ताव, गांव ग्योंग, जिला स्टेडियम खानपुर या शहर में किसी भी एक स्टेडियम को सेना की भर्ती के लिए मंजूरी दिलवाने का प्रस्ताव, फाने ना जलाने पर सुपर सीडर नामक मशीन को गांव अनुसार उपलब्ध करवाने के लिए सीएम से मांग पत्र सौंपने, शराब टेक्स के 3 करोड़ रुपये की राशि को विकास कार्यों पर खर्च किए जाने जैसे प्रस्ताव भी पारित किए गए। बैठक में रवि तारांवाली, रतिराम, इंद्र पाई, बबली ऊर्फ सुदेश, रेनू बाला, डा. मुसिया, एडवोकेट सुरजीत सिंह, कमलेश बलबेहड़ा, नीलम देवी, रिंपी भागल, राजेश राणा, ब्लॉक समिति चेयरपर्सन रानी, ब्लॉक समिति चेयरमैन राजेश कुमार, ब्लॉक समिति चेयरपर्सन संगीता ने भाग लिया।
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सुखविंद्र कौर ने कहा कि जो अधिकारी बैठक में बिना सूचना दिए नहीं पहुंचे, उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। वाइस चेयरमैन मनीष कठवाड़ ने कहा कि कुछ लोग ग्रामीण क्षेत्र का विकास नहीं चाहते, इसीलिए विकास कार्यों में रोड़ा डाला था, जिसे सीएम साहब के आशीर्वाद से दूर कर दिया गया है।
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विधानपालिका व कार्यपालिका के बीच दिखा टकराव: लोकतंत्र में चार महत्वपूर्ण स्तंभों में शामिल विधानपालिका ने मंगलवार को जिला परिषद में बैठक कर ली, लेकिन जिसे संपूर्ण करने के लिए आवश्यक कार्यपालिका नदारद दिखी। जिस कारण बैठक पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि कब तक इस तरह के गतिरोध या अन्य कारणों के चलते विकास कार्य स्थगित रहेंगे।