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एक सप्ताह बाद भी स्कूलों में न के बराबर पहुंचे बच्चे
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medical certificate
- फोटो : Kaithal
पिछले एक सप्ताह से खुले स्कूलों में सोमवार को भी स्थिति ज्यों कि त्यों रही। बच्चे मेडिकल प्रमाण पत्र बनवाने में उलझ रहे है। जिस कारण से स्कूलों में न के बराबर विद्यार्थी पहुंच रहे है। हालांकि विभाग की ओर से सोमवार से कक्षा नौवीं व ग्यारहवीं के विद्यार्थी भी बुलाए गए। इसके बाद भी कम ही बच्चे स्कूलों में पहुंचे।
बता दें कि पिछले एक सप्ताह से विद्यार्थी मेडिकल प्रमाण बनवाने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर भटक रहे हैं। जिससे बोर्ड की कक्षाएं प्रभावित हो रही है। स्कूलों में अध्यापक खाली बैठकर टाइम पास कर चले जा रहे है। ये स्थिति रोजाना बनी हुई है।
राजकीय ब्वाज स्कूल में दस पंद्रह बच्चे पहुंचे
शहर में कमेटी चौक स्थित राजकीय ब्वाज स्कूल में सोमवार को दस-पंद्रह विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। विद्यार्थियों को बिना मेडिकल प्रमाण पत्र के स्कूल में प्रवेश नहीं दिया गया। वहीं शहर के राजकीय कन्या स्कूल में भी कम विद्यार्थी पहुंचे।
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खंड स्तर पर भी स्कूलों में कम पहुंचे विद्यार्थी:
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की छात्रों की संख्या बहुत कम रही। 11वीं कक्षा में महज तीन विद्यार्थी पहुंचे जबकि नौवीं कक्षा में भी तीन विद्यार्थी ही पहुंचे। इसी तरह दसवीं में 12 विद्यार्थी व 12वीं कक्षा में केवल 19 विद्यार्थी पहुंचे हैं कुल 37 विद्यार्थी पहुंचे हैं। जबकि स्कूल में इन चार क्लासों में विद्यार्थियों की संख्या 572 है। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्या शशी किरण ने बताया कि स्कूल में छात्राओं की संख्या पहले दिन नौवीं कक्षा में 8 छात्राएं 11वी में 19 और 10 वीं कक्षा में 19 छात्राएं व बारह वीं कक्षा में 55 छात्राएं उपस्थित रही। कुल 112 छात्राएं सोमवार को उपस्थित रही। उन्होंने बताया कि 21 दिसंबर से 9 वी और 11वीं कक्षा की छात्राओं को स्कूल में कक्षा लगाने के लिए बुलाया गया है। इससे पूर्व 14 दिसंबर को 11वीं 12वीं कक्षा की छात्राओं को शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल में पढ़ाने के आदेश हैं। छात्राओं को सीएचसी व पीएचसी में मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाने पर हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। स्कूल में प्रवेश करते समय और कक्षा में उपस्थित के दौरान छात्राओं को मास्क पहन कर रखना, उचित दूरी बनाए रखने के लिए निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय में प्रवेश करते समय छात्राओं की थर्मल स्कैनिंग की गई है। जिसकी रिपोर्ट प्रतिदिन विभाग को भेजी जा रही है।
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बता दें कि पिछले एक सप्ताह से विद्यार्थी मेडिकल प्रमाण बनवाने के लिए स्वास्थ्य केंद्रों पर भटक रहे हैं। जिससे बोर्ड की कक्षाएं प्रभावित हो रही है। स्कूलों में अध्यापक खाली बैठकर टाइम पास कर चले जा रहे है। ये स्थिति रोजाना बनी हुई है।
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राजकीय ब्वाज स्कूल में दस पंद्रह बच्चे पहुंचे
शहर में कमेटी चौक स्थित राजकीय ब्वाज स्कूल में सोमवार को दस-पंद्रह विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। विद्यार्थियों को बिना मेडिकल प्रमाण पत्र के स्कूल में प्रवेश नहीं दिया गया। वहीं शहर के राजकीय कन्या स्कूल में भी कम विद्यार्थी पहुंचे।
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खंड स्तर पर भी स्कूलों में कम पहुंचे विद्यार्थी:
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों की छात्रों की संख्या बहुत कम रही। 11वीं कक्षा में महज तीन विद्यार्थी पहुंचे जबकि नौवीं कक्षा में भी तीन विद्यार्थी ही पहुंचे। इसी तरह दसवीं में 12 विद्यार्थी व 12वीं कक्षा में केवल 19 विद्यार्थी पहुंचे हैं कुल 37 विद्यार्थी पहुंचे हैं। जबकि स्कूल में इन चार क्लासों में विद्यार्थियों की संख्या 572 है। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की प्रधानाचार्या शशी किरण ने बताया कि स्कूल में छात्राओं की संख्या पहले दिन नौवीं कक्षा में 8 छात्राएं 11वी में 19 और 10 वीं कक्षा में 19 छात्राएं व बारह वीं कक्षा में 55 छात्राएं उपस्थित रही। कुल 112 छात्राएं सोमवार को उपस्थित रही। उन्होंने बताया कि 21 दिसंबर से 9 वी और 11वीं कक्षा की छात्राओं को स्कूल में कक्षा लगाने के लिए बुलाया गया है। इससे पूर्व 14 दिसंबर को 11वीं 12वीं कक्षा की छात्राओं को शिक्षा विभाग द्वारा स्कूल में पढ़ाने के आदेश हैं। छात्राओं को सीएचसी व पीएचसी में मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र बनवाने पर हाजिरी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। स्कूल में प्रवेश करते समय और कक्षा में उपस्थित के दौरान छात्राओं को मास्क पहन कर रखना, उचित दूरी बनाए रखने के लिए निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय में प्रवेश करते समय छात्राओं की थर्मल स्कैनिंग की गई है। जिसकी रिपोर्ट प्रतिदिन विभाग को भेजी जा रही है।