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Kaithal News: सब-जूनियर राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में मानवी ने जीता कांस्य
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कोच अमरजीत के साथ मानवी। स्वयं
कैथल। जिले की होनहार मुक्केबाज मानवी ने 5वीं सब-जूनियर राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक हासिल किया। उन्होंने लगातार दूसरी बड़ी प्रतियोगिता में पदक जीतकर प्रतिभा का लोहा मनवाया है। वे सब-जूनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक जीत चुकी हैं। राष्ट्रीय बॉक्सिंग चैंपियनशिप पंजाब के जालंधर स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी में 23 जून से 26 नून 2026 तक आयोजित की गई।
मानवी ने प्री-क्वार्टर फाइनल में हिमाचल प्रदेश की खिलाड़ी को हराकर अभियान की शानदार शुरुआत की। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में पंजाब की मजबूत मुक्केबाज को मात देकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया और अपने लिए कांस्य पदक सुनिश्चित किया।
प्रतियोगिता शुरू होने से मात्र एक दिन पहले अभ्यास के दौरान उनके पैर में गंभीर चोट लग गई थी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और पूरे आत्मविश्वास के साथ मुकाबलों में उतरकर राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने में सफलता हासिल की।
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मानवी इससे पहले सब-जूनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ा चुकी हैं। लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
मानवी पिछले तीन से चार वर्षों से कैथल के इंडोर स्टेडियम में नियमित प्रशिक्षण ले रही हैं। इस प्रशिक्षण केंद्र से कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुक्केबाज तैयार हुए हैं। यहां से एक विश्व चैंपियन, चार एशियन चैंपियनशिप पदक विजेता, लगभग 20 राष्ट्रीय पदक विजेता और 45 से अधिक राज्य स्तरीय पदक विजेता खिलाड़ी निकल चुके हैं।
कोच अमरजीत ने मानवी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि चोट के बावजूद जिस साहस और जज्बे के साथ उन्होंने मुकाबले खेले, वह अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि मानवी भविष्य में भारत के लिए बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम और ऊंचा करेंगी। मानवी की इस सफलता से कैथल के खेल प्रेमियों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।
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मानवी ने प्री-क्वार्टर फाइनल में हिमाचल प्रदेश की खिलाड़ी को हराकर अभियान की शानदार शुरुआत की। इसके बाद क्वार्टर फाइनल में पंजाब की मजबूत मुक्केबाज को मात देकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया और अपने लिए कांस्य पदक सुनिश्चित किया।
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प्रतियोगिता शुरू होने से मात्र एक दिन पहले अभ्यास के दौरान उनके पैर में गंभीर चोट लग गई थी। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और पूरे आत्मविश्वास के साथ मुकाबलों में उतरकर राष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने में सफलता हासिल की।
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मानवी इससे पहले सब-जूनियर एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ा चुकी हैं। लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और कड़ी मेहनत से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।
मानवी पिछले तीन से चार वर्षों से कैथल के इंडोर स्टेडियम में नियमित प्रशिक्षण ले रही हैं। इस प्रशिक्षण केंद्र से कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के मुक्केबाज तैयार हुए हैं। यहां से एक विश्व चैंपियन, चार एशियन चैंपियनशिप पदक विजेता, लगभग 20 राष्ट्रीय पदक विजेता और 45 से अधिक राज्य स्तरीय पदक विजेता खिलाड़ी निकल चुके हैं।
कोच अमरजीत ने मानवी की उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि चोट के बावजूद जिस साहस और जज्बे के साथ उन्होंने मुकाबले खेले, वह अन्य खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि मानवी भविष्य में भारत के लिए बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों पर स्वर्ण पदक जीतकर देश का नाम और ऊंचा करेंगी। मानवी की इस सफलता से कैथल के खेल प्रेमियों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।

कोच अमरजीत के साथ मानवी। स्वयं