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Kaithal News: बंदरों से पाई के ग्रामीणों का जीना दुश्वार
Tue, 06 Feb 2024 04:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 06 Feb 2024 04:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पाई। पाई के ग्रामीणों का बंदरो ने जीना मुश्किल कर दिया है, परंतु जिला प्रशासन को अवगत करवाने के बावजूद भी इस ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। लोगों ने बंदरों को पकड़वाने की प्रशासन से मांग की है।
पाई के संजय, महावीर, दिलबाग, नरेश, मामू राम, राजेंद्र, पवन, जयसिंह ने बताया कि पाई में बंदरों से ग्रामीण परेशान है। बंदर झुंडों के रूप में मकानों व गलियों में फिरते रहते है। उन्होंने बताया कि महिलाओं का धूप में बैठना दूभर है। लोग अपने बच्चों को अकेले स्कूल में नहीं भेज सकते। बंदर धूप में सुखाए कपड़ों को भी उठाकर ले जाते है और फाड़ देते हैं।
बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों तथा लोगों को काट न दे, इसका हमेशा डर लगा रहता है। उन्होंने बताया कि यह समस्या कोई नई नहीं है। इस बारे में जिला प्रशासन को कई बार अवगत करवाया जा चुका है, परंतु इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने पून: जिला प्रशासन से मांग की है कि बंदर पकडऩे वाली टीम को बुला कर, इन बंदरों को पकड़वाए और दूर जंगलों में छोड़ा जाए, ताकि ग्रामीण राहत पा सके।
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पाई। पाई के ग्रामीणों का बंदरो ने जीना मुश्किल कर दिया है, परंतु जिला प्रशासन को अवगत करवाने के बावजूद भी इस ओर कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। लोगों ने बंदरों को पकड़वाने की प्रशासन से मांग की है।
पाई के संजय, महावीर, दिलबाग, नरेश, मामू राम, राजेंद्र, पवन, जयसिंह ने बताया कि पाई में बंदरों से ग्रामीण परेशान है। बंदर झुंडों के रूप में मकानों व गलियों में फिरते रहते है। उन्होंने बताया कि महिलाओं का धूप में बैठना दूभर है। लोग अपने बच्चों को अकेले स्कूल में नहीं भेज सकते। बंदर धूप में सुखाए कपड़ों को भी उठाकर ले जाते है और फाड़ देते हैं।
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बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों तथा लोगों को काट न दे, इसका हमेशा डर लगा रहता है। उन्होंने बताया कि यह समस्या कोई नई नहीं है। इस बारे में जिला प्रशासन को कई बार अवगत करवाया जा चुका है, परंतु इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने पून: जिला प्रशासन से मांग की है कि बंदर पकडऩे वाली टीम को बुला कर, इन बंदरों को पकड़वाए और दूर जंगलों में छोड़ा जाए, ताकि ग्रामीण राहत पा सके।
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