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हत्या के दोषी किशोर सहित पांच लोगों को आजीवन कारावास

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Sep 2021 12:32 AM IST
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Life imprisonment for five people including juvenile convicted of murder
तीन साल पहले हुई हत्या की एक वारदात में सुनवाई करते हुए अतिरिक्त एवं सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम कुमार की अदालत ने एक किशोर सहित पांच आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास व 14 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई जाएगी। दोषियों में से किए वारदात के समय नाबालिग था। इसके बावजूद न्यायालय ने उसे कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
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घटना के अनुसार गांव किठाना निवासी सतपाल ने पुलिस को दी शिकायत में बताया था कि वह खेती बाड़ी का काम करता है। वे पांच भाई हैं। वे सभी सुबह करीब सात बजे अपने खेत में ट्यूबवेल के नीचे नहा रहे थे। इस जमीन का करीब पांच साल पहले आपसी भाईचारे से रुलदू निवासी किठाना व अन्य के साथ बंटवारा हुआ था। वे अपने-अपने हिस्से की जमीन पर खेती कर रहे थे।
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बंटवारे के संबंध में कुछ दिन पहले ही बलजीत, सुरेंद्र, सुनील, रुलदू, ईश्वर और एक नाबालिग लड़का निवासी किठाना उनकी जमीन पर कब्जा करना चाहते थे। 9 मई 2018 को सुबह करीब 7 बजे बलजीत, सुरेंद्र, सुनील, रुलदू, ईश्वर, मनफूल, बलिंद्र व एक नाबालिग किशोर अपने हाथों में गंडासी व लाठियां लेकर खेत में पहुंचे। उनके साथ झगड़ा किया। इस झगड़े में उसके भाई महिपाल को गंभीर चोटें आईं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसके भाई महिपाल को गंभीर चोट कारण मृत घोषित कर दिया। उस वक्त पुलिस ने शिकायत अनुसार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच आरंभ कर दी थी। पुलिस जांच में बलिंद्र व मनफूल निर्दोष पाए गए थे। उप-जिला न्यायावादी सुरजीत कुमार आर्य ने सरकार का मजबूत दलीलों के साथ पक्ष रखा। आरोपी रुलदू ने सुनवाई के दौरान आत्महत्या कर ली थी। शेष आरोपियों तीनों सगे भाईयों बलजीत, सुरेंद्र व सुनील सहित पिता-पुत्र ईश्वर और घटना में शामिल नाबालिग को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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न्यायालय ने इस मामले में सुनवाई करते हुए विशेष टिप्पणी की कि मानव कत्ल एक जघन्य अपराध है। यदि अपना ही कोई अपने ही संबंधी का कत्ल कर दे तो यह ओर भी जघन्य हो जाता है। इसीलिए किसी तरह की नरमी के हकदार नहीं हैं।
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