फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Less applicants, more seats in Kaithal's colleges

राहत : सीटें 9000, अप्लाई करने वाले स्टूडेंट्स 7100 से कम

Fri, 05 Jun 2015 12:08 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल
अमर उजाला ब्यूरो/कैथल Updated Fri, 05 Jun 2015 12:08 AM IST
विज्ञापन
कैथल जिले में इस बार कॉलेजों में दाखिले को लेकर ज्यादा मारा-मारी नहीं होगी। केवल शहर के बीच स्थित कॉलेजों में दाखिले के लिए बच्चों को ज्यादा जद्दोजेहद करनी पड़ सकती है। शेष कॉलेजों को अपनी सीटें पूरा करने के लिए एढ़ी-चोटी का जोर लगाना होगा। क्योंकि इस बार बारहवीं में जिले भर में 7100 के आसपास विद्यार्थी पास हुए हैं।
विज्ञापन


उधर, कॉलेजों में स्वीकृत सीटों की संख्या लगभग 9000 से ज्यादा है। ऐसे में स्थिति उस समय ज्यादा विकट हो जाती है, जब पिछले दो-तीन साल से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय द्वारा कंपार्टमेंट वाले विद्यार्थियों को दाखिला नहीं दिया गया है। कैथल जिले में इस बार बारहवीं में सीबीएससी के महज 1200 बच्चों ने परीक्षा पास की है।
विज्ञापन


सीबीएसई के इन बच्चों में से काफी संख्या में बच्चे उन कॉलेजों में जिले के बाहर के कॉलेजों में भी जा सकते हैं। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के तहत बारहवीं में 11 हजार में से केवल 5966 बच्चे पास हुए हैं। इस तरह से जिले भर में बारहवीं पास बच्चों की संख्या 7100 के आसपास है। इन बच्चों की सहायता से जिले के सभी सीटों को भर पाना मुश्किल नजर आ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


हर कॉलेज में सीटों की संख्या
जिले के विभिन्न सरकारी एवं निजी कॉलेजों की सीटों का अनुमान लगाया जाए तो यह 9000 से अधिक बनता है। इस तरह से करीब 2000 सीटों को भरने के लिए सरकारी एवं प्राइवेट कॉलेज संचालकों को खूब दौड़ धूप करनी होगी।
इन सीटों में कैथल शहर में स्थित कॉलेजों में आरकेएसडी में 1080, आरकेएसडी संध्याकालीन कॉलेज में 640, आरकेएसडी फार्मेसी में 100, आईजी कॉलेज में 1020, हरियाणा कॉलेज ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (एचसीटीएम) में 840, डा. भीमराव अंबेडकर राजकीय कॉलेज में 540, जाट कॉलेज में 680, जाट पॉलीटेक्निक कॉलेज में 340, कैथल एवं गुहला पॉलीटेक्निक कॉलेज में लगभग 500 सीटें हैं।  ढांड के कन्या महाविद्यालय डडवाना में 380 एवं बाबू अनंत राम जनता कॉलेज कौल में 480 सीटें तथा कौल में स्थित चौधरी चरण सिंह कृषि विश्वविद्यालीय में 60 सीटें हैं। पूंडरी शहर में स्थित डीएवी कॉलेज में 1000 एवं चौधरी ईश्वर सिंह कॉलेज में 450 सीटें हैं। इसके अलावा कलायत के श्री कपिलमुनि महिला महाविद्यालय में 120 सीटों पर दाखिला लिया जाता है।

राजौंद के गांव सेरहधा स्थित अमरनाथ नाथ भगत कॉलेज में 150 सीटों पर दाखिले होंगे। गुहला-चीका के डीएवी कॉलेज में 450 सीटें हैं। यदि एनआईआईएलएम यूनिवर्सिटी को छोड़ दिया जाए और कुछेक कॉलेज यदि नए कोर्स भी इस बार शुरू करें तो भी पूरे जिले में सीटों की संख्या लगभग 9000  बनती है।

कंपार्टमेंट वाले विद्यार्थियों को दाखिला नहीं

विशेषज्ञों से के अनुसार, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के आदेश हैं कि कंपार्टमेंट वाले विद्यार्थियों को किसी भी कोर्स में दाखिला नहीं दिया जाएगा। पिछले दो-तीन सालों से इस नियम की भी पालना की जा रही है। अब देखना है कि कॉलेज खाली रहती सीटों को भरने में कौन सी जुगत भिड़ाते हैं।

कैसे करें कॉलेज एवं कोर्स का चयन
आरकेएसडी कॉलेज में इलेक्ट्रॉनिक्सएंड कम्यूनिकेशन विभाग के अध्यक्ष डा. ओपी गर्ग का कहना है कि बच्चों को ऐसे कॉलेज में दाखिला लेना चाहिए, जहां स्टॉफ पूरा हो। कॉलेज में कक्षाएं लगाने संबंधी माहौल की जांच कर लें। देखें कि नियमित कक्षाएं लगती हैं या नहीं। इसके साथ-साथ शिक्षा के अलावा सहायक गतिविधियों की भी रिपोर्ट लेनी चाहिए। संबंधित कोर्स को लेकर संस्थान में उपलब्ध संसाधनों की पूरी जानकारी जुटाने के बाद ही दाखिला लें। यदि कॉलेजों में सीटें अधिक हैं तो बच्चों को सभी विकल्पों पर सोच-विचार करने के बाद ही दाखिला लेना चाहिए।


एचसीटीएम में कोऑर्डिनेटर विनोना सेठी का कहना है कि बच्चों को अपनी पसंद के कोर्स में दाखिला लेना चाहिए। इसके लिए संबंधित कॉलेज में उपलब्ध संसाधनों, स्टॉफ एवं माहौल की पूरी जानकारी लेनी चाहिए। क्योंकि एक बार दाखिला लेने के बाद दूसरे संस्थान में दाखिला लेने में तमाम मुश्किलें आती हैं। समय भी खराब होता है। प्रोफेशनल कोर्सेज में दाखिले की ज्यादा कोशिश करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed