फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Kaithal News ›   Kalayat's grain market brimming with wheat

Kaithal News: कलायत की अनाज मंडी गेहूं से लबालब

Tue, 16 Apr 2024 05:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल Updated Tue, 16 Apr 2024 05:55 AM IST
विज्ञापन
Kalayat's grain market brimming with wheat
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कलायत। कलायत अनाज मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद के तीसरे दिन तक एक लाख 70 हजार क्विंटल गेहूं खरीदा गया है। मार्केट कमेटी सचिव अरविंद श्योकंद ने बताया की कलायत अनाज मंडी में खरीद के लिए हैफेड व वेयरहाउस दो एजेंसियों को अधिकृत किया गया है। अभी तक के तीनों ही दिनों की खरीद हैफेड ने की है। इस समय अनाज मंडी गेहूं से लबालब भर चुकी है।

मंडी परिसर के अलावा व्यापारियों द्वारा अनाज मंडी से बाहर भी गेहूं डलवाया जा रहा है। मंडी में पहले सप्ताह में ही फसल डालने के लिए जगह कम पड़ गई है। आगे जैसे-जैसे फसल की आवक में इजाफा होगा व्यापारियों को फसल अनाज मंडी से बाहर ही डलवाना पड़ेगी। कलायत अनाज मंडी में उठान के लिए दो एजेंसियों को नियुक्त किया है, ताकि कोई दिक्कत न आए।
विज्ञापन


उधर, अनाज मंडी में मजदूरों को दी जाने वाली मजदूरी को लेकर रामनिवास बडबर ने शिकायत की है कि मजदूरों को सरकारी दामों से बहुत कम मजदूरी दी जा रही है। उनका आरोप है कि बैग की सिलाई का सरकारी रेट दो रुपये चार पैसे प्रति बोरी है पर मजदूर को केवल 40 से 50 पैसा प्रति बोरी मिल रहा है। उनका यह भी आरोप है कि न तो मजदूरों को मंडी में पीने के पानी की सुविधा है तथा न ही कोई सरकारी कैंटीन की सुविधा है। मार्केट कमेटी सचिव अरविंद श्योकंद ने बताया की उनके कार्यालय में इस बारे लिखित में शिकायत आई है। इस पर संज्ञान लेते हुए उन्होंने ठेकेदारों व दोनों मंडी प्रधानों को कार्यालय में बुला कर पूरी जानकारी हासिल की। सभी ने लिखित में दिया है कि ऐसा कुछ भी मामला यर्थाथ में नहीं है। श्योकंद ने कहा कि इस मामले पर पूरी तरह से नजर रखी जाऐगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


अटल कैंटीन के बारे में कहा कि कलायत अनाज मंडी पहले से ही बहुत छोटी है तथा उसमें कैंटीन के लिए जगह ही नहीं। इसके बावजूद उन्होंने बोर्ड में इस विषय को लेकर लिखित में संवाद शुरू किया है। यदि इस बारे बोर्ड से परमिशन आती है तो कैंटीन को शुरू करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी जाऐगी। मंडी में मजदूरों को दी जाने वाली पेयजल, शौचालयों आदी पर उन्होंने कहा कि कहीं कोई चूक नहीं है तथा वे स्वयं इस मामले में नजर रखे हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed