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Kaithal: पराली जलाने के आए 10 नए मामले, 12 किसानों को नहीं दी जाएगी फसल पर MSP
Sat, 19 Oct 2024 06:20 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Sat, 19 Oct 2024 06:20 PM IST
सार
लापरवाही बरतने पर कृषि विभाग के आठ कर्मियों को भी नोटिस दिए हैं। प्रशासन की ओर से पराली जलाने के मामले रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
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कैथल में पराली जलाने का मामला।
- फोटो : संवाद
विस्तार
कैथल जिले में शनिवार शाम तक 10 किसानों के खिलाफ पराली जलाने पर केस दर्ज कर लिए हैं। इसमें पांच पूंडरी, एक कैथल और चार सीवन क्षेत्र के किसानों पर एफआईआर दर्ज की गई है। उधर, जिले में वायु प्रदूषण का स्तर भी नहीं कम हो रहा। शनिवार को एक्यूआई 350 के पार पहुंच गया। शनिवार सुबह के समय वायु प्रदूषण का स्तर 374 पर रहा। यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए खतरनाक है।
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इस संबंध में कैथल के एसपी राजेश कालिया ने बताया कि सरकार के आदेशों पर सभी पुलिस थाना और चौकी प्रभारियों को किसानों को पराली न जलाने के संदर्भ में जागरूक करने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। पुलिस की ओर से किसानों को लगातार जागरूक भी किया जा रहा है। यदि कृषि विभाग की ओर से कोई शिकायत आती है तो संबंधित के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाती है।
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उधर, कृषि विभाग ने पराली जलाने पर किसानों पर दो लाख रुपये का अधिक का जुर्माना भी लगाया है। कृषि विभाग ने 12 ऐसे किसानों की जानकारी भी जुटाई है, जिन्होंने पराली में आग लगाई थी। अब इनकी फसल पर एमएसपी पर नहीं खरीदी जाएगी।
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उधर, कृषि विभाग ने गांव स्तर पर पराली जलाने के मामलों में जागरूकता को लेकर लापरवाही बरती है। ऐसे में कृषि विभाग के आठ कर्मियों को नोटिस दिया गया है। जबकि इससे पहले पांच कर्मियों को भी नोटिस दिए गए थे। अब सरकार ने जिला प्रशासन को अब पराली जलाने पर सीधा एफआईआर दर्ज करने के आदेश जारी किए हैं।
वहीं, जिले में अब तक पराली जलाने के 112 मामले आ चुके हैं।
कृषि विभाग कैथल के फसल अवशेष प्रबंधन के जिला नोडल अधिकारी व एसडीओ सतीश नारा ने बताया कि कृषि विभाग ने अब पराली जलाने के मामलों में सख्ती लाना शुरू की है। जिला प्रशासन के आदेशों पर पराली जलाने के किसानों पर अब सीधा एफआईआर दर्ज की जाएगी। इसलिए किसानों से अपील है कि वे पराली न जलाकर विभाग का सहयोग करें।
पराली जलाने पर एफआईआर दर्ज करना तानाशाही फरमान : आदित्य सुरजेवाला
कैथल। सरकार की ओर से पराली जलाने पर एफआईआर दर्ज करने के मामले में विपक्ष ने आपत्ति जाहिर की है। कैथल से कांग्रेस विधायक आदित्य सुरजेवाला ने भाजपा व नायब सैनी सरकार पर किसान-मजदूर विरोधी होने का आरोप लगाया। सुरजेवाला ने कहा कि किसान द्वारा पराली जलाए जाने पर दो साल तक उसकी फसल एमएसपी पर न खरीदना व किसान पर केस दर्ज करना सरकार का किसान विरोधी होने का सबूत है। सरकार छोटे किसानों व खेती क़ो खत्म करना चाहती है। वो छोटे किसानों की मदद नहीं करना चाहती है। इसलिए ये तानाशाही आदेश छोटे किसानों के खिलाफ है। सुपर सीडर खरीदने के लिए हमारे साथियों के पास पैसे ही नहीं हैं। कहा कि सरकार किसानों विरोधी ये तुगलकी आदेश वापस लें वरना आंदोलन होगा।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड टीम के वैज्ञानिकों ने ली पराली प्रबंधन की विस्तृत जानकारी
पराली जलने से प्रदूषित हो रहे पर्यावरण को बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट सख्त दिखाई दे रहा है। कोर्ट के आदेश पर शनिवार को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की एक टीम वैज्ञानिक शिवकुमार गुप्ता की अगुवाई में जांच के लिए गुहला-चीका क्षेत्र में पहुंची।
अपने दौरे के दौरान टीम के सदस्यों ने यह पता लगाने का प्रयास किया कि आखिर प्रदूषण की असल वजह क्या है और पराली को जलाना किसानों की मजबूरी है या वे पराली को आसानी से निपटाने के लिए ही इसमें आग लगा रहे हैं। अपने दौरे के दौरान प्रदूषण बोर्ड की टीम ने गांव सदरेहडी, टटियाना, खराल, बदसुई, भागल, भूंसला व चीका आदि गांव का दौरा किया और वहां किसानों से बात की। वैज्ञानिकों ने किसानों से पराली के प्रबंधन के संबंध में बात भी की।
इस दौरान टीम के सदस्यों ने पराली प्रबंधन के विभाग द्वारा किए जा रहे प्रबंधों को भी देखा। कृषि विभाग की एसडीओ डॉ. कंचन कुमारी ने खेतों में चल रही सुपर सीडर, गांठें बनाने की मशीनें वैज्ञानिकों को दिखाईं।
उन्होंने बताया कि पराली प्रबंधन के उपकरणों पर विभाग द्वारा भारी सब्सिडी देने के साथ साथ गांवों में जाकर किसानों को पराली में आग ना लगाने के बारे में जागरूक भी किया जा रहा है। बताया कि जो किसान समझाने के बाद भी पराली जलाने से बाज नहीं आ रहे उनके खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है। एसडीओ ने बताया कि पराली जलाने वाले किसानों से अब तक 90 हजार रुपये जुर्माना के रूप में वसूले जा चुके हैं।
एसडीएम कृष्ण कुमार ने पराली व जलाने का किया आह्वान
एसडीएम गुहला कृष्ण कुमार ने शनिवार हलके के गांव गुहला, भूना, खरकड़ा, मस्तगढ़, तांरावली, माजरी, हंसुमाजरा, अगौंध, चानचक, दुसेरपुर, सुल्तानिया व मटकालियां में फ्लैग मार्च निकाला और किसानों को पराली ना जलाने का आह्वान किया। इस दौरान एसडीएम ने किसानों से बात करते हुए कहा कि पराली में आग लगाने से जहरीला धुआं निकलता है जो सांस लेने में दिक्कत करता हैं। कहा कि धुआं युक्त वातावरण में बच्चों, बुजुर्गों व मरीजों को सांस लेने में कठिनाई होती है। एसडीएम ने कहा कि पराली प्रबंधन के उपकरणों के लिए सरकार की ओर से दी जा रही सब्सिडी का लाभ उठाएं और पराली ना जलाकर पर्यावरण संरक्षण में सहयोग दें।