{"_id":"69767c7f2f4dbaee290bd215","slug":"kaithal-roadways-depot-gets-two-more-pink-buses-kaithal-news-c-245-1-kht1012-144115-2026-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kaithal News: कैथल रोडवेज डिपो को मिलीं दो और पिंक बसें","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kaithal News: कैथल रोडवेज डिपो को मिलीं दो और पिंक बसें
Mon, 26 Jan 2026 01:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Mon, 26 Jan 2026 01:56 AM IST
विज्ञापन
कैथल। शनिवार को कैथल डिपो को दो पिंक बसें मिल गई है। इन बसों को कुरुक्षेत्र व जींद रूट पर चला दिया गया है। क्योंकि इन रूटों पर छात्राओं व महिलाओं की संख्या ज्यादा है। अब छात्राओं को शैक्षणिक संस्थानों तक आने- जाने में राहत मिलेगी। ये मिनी बसें पंचकूला डिपो से आई हैं।
वहां पर ये बसें काफी पुरानी होने के कारण रूटों पर नहीं चल रही थी व बस अड्डे पर खड़ी थी। डिपो टीम की तरफ से पहले इन बसों का निरीक्षण किया है। निरीक्षण के बाद ही बसों को कैथल डिपो में लाया गया है। निरीक्षण टीम पुरानी बसों की पहले हालात को जांच करती है। ठीक हालात बसों की मिलने पर डिपो में लेकर आती है। जानकारी के कैथल डिपो में करीब छह वर्ष पहले पांच पिंक बसें मिली थी। छात्राओं की संख्या ज्यादा होने के कारण ये बसें कम पड़ रही थी। फिर डिपो ने मुख्यालय को मिनी पिंक बसों की मांग भेजी थी। अब मांग के बाद पिंक बसों की संख्या सात हो गई है। हालांकि लंबें रूटों पर इन बसों को नहीं चलाया जा सकता है। लोकल रूटों पर ही डिपो को बसों का संचालन करना होगा। छात्राओं ने कहा कि कुछ हद तक सफर में राहत मिलेगी। छात्राओं ने डिपो से मांग कि है कि अभी भी छात्राओं के लिए बसें कम पड़ेगी। करीब 10 मिनी बसों की ओर मांग मुख्यालय को भेजी जाए, ताकि छात्राएं अपने स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालय में समय पर आ सकें।
डिपो की आमदनी में इजाफा होगा : पिंक बसें बीएस 4 है। 2021 में ये बसें पंचकूला डिपो को भी मिली थी। इन दो बसों के आ जाने के बाद डिपो में 166 बसों की संख्या होगी। सात मिनी बसों की संख्या डिपो में हो जाएगी। बसों के आ जाने के बाद डिपो की आमदनी में इजाफा होगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
वहां पर ये बसें काफी पुरानी होने के कारण रूटों पर नहीं चल रही थी व बस अड्डे पर खड़ी थी। डिपो टीम की तरफ से पहले इन बसों का निरीक्षण किया है। निरीक्षण के बाद ही बसों को कैथल डिपो में लाया गया है। निरीक्षण टीम पुरानी बसों की पहले हालात को जांच करती है। ठीक हालात बसों की मिलने पर डिपो में लेकर आती है। जानकारी के कैथल डिपो में करीब छह वर्ष पहले पांच पिंक बसें मिली थी। छात्राओं की संख्या ज्यादा होने के कारण ये बसें कम पड़ रही थी। फिर डिपो ने मुख्यालय को मिनी पिंक बसों की मांग भेजी थी। अब मांग के बाद पिंक बसों की संख्या सात हो गई है। हालांकि लंबें रूटों पर इन बसों को नहीं चलाया जा सकता है। लोकल रूटों पर ही डिपो को बसों का संचालन करना होगा। छात्राओं ने कहा कि कुछ हद तक सफर में राहत मिलेगी। छात्राओं ने डिपो से मांग कि है कि अभी भी छात्राओं के लिए बसें कम पड़ेगी। करीब 10 मिनी बसों की ओर मांग मुख्यालय को भेजी जाए, ताकि छात्राएं अपने स्कूल, कॉलेज व विश्वविद्यालय में समय पर आ सकें।
विज्ञापन
डिपो की आमदनी में इजाफा होगा : पिंक बसें बीएस 4 है। 2021 में ये बसें पंचकूला डिपो को भी मिली थी। इन दो बसों के आ जाने के बाद डिपो में 166 बसों की संख्या होगी। सात मिनी बसों की संख्या डिपो में हो जाएगी। बसों के आ जाने के बाद डिपो की आमदनी में इजाफा होगा। संवाद
विज्ञापन