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काला दिवस : चार घंटे जाम रहा कैथल से जींद और कैथल से पानीपत मार्ग

Sun, 26 Feb 2017 10:48 PM IST
ब्यूरो कैथ्ाल
ब्यूरो कैथ्ाल Updated Sun, 26 Feb 2017 10:48 PM IST
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जाट समाज ने मनाया काला दिवस - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
 जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने रविवार को सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाकर काला दिवस मनाया। जिसमें हजारों की संख्या में पुरुषों व महिलाओं ने भाग लिया। पुरुष जहां काला पटका व काली पगड़ी बांध कर आए हुए थे, तो महिलाएं काली चुन्नी ओढ़ कर पहुंची थीं। काला दिवस के दौरान उमड़ी भीड़ के कारण  कैथल से जींद व कैथल असंध मार्ग चार घंटे तक जाम रहा। इन शहरों व इस एरिया में आने वाले गांवों के लोगों को डायवर्ट किए गए रूट से आना-जाना पड़ा। वहीं प्रशासन ने शनिवार रात्रि दस बजे से लेकर रविवार शाम छह बजे तक देवबन कैंची चौक के 10 किलोमीटर के एरिया में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं पर रोक रखी। समिति ने अब 2 मार्च को दिल्ली कूच के दौरान बड़े आंदोलन का एलान किया है। धरने पर बैठे जाट समाज को रामपाल के समर्थकों ने समर्थन दिया। धरने में महिलाओं की संख्या भी काफी ज्यादा रही।
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संघर्ष समिति के प्रधान प्रवीन किच्छाना ने कहा कि सरकार जाट समाज से वादाखिलाफी कर रही है। जिसका भुगतान उनको समय आने पर करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि खट्टर जहां पाकिस्तान से आए थे और चुनाव बाद उनको वापस पाकिस्तान ही भेज दिया जाएगा। राजकुमार सैनी जो अनाप-शनाप बयानबाजी कर रहे हैं, उसका नुकसान भी सरकार को भुगतना पड़ेगा।
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धरने के संयोजक बलवान कोटड़ा ने बताया कि वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यू जब तमाम मांगों को सही व जायज मानते हैं तो फिर उनको सरकार से मंजूर क्यों नहीं करवाते। जाट समाज द्वारा काला दिवस इसलिए मनाया जा रहा है कि सरकार ने तीन बार वादे कर उन्हें पूरा नहीं किया। तीनों बार सरकार से जाट समाज को धोखा मिला है। रविवार को धरने की अध्यक्षता अंग्रेजो देवी तारागढ़ ने की। इस अवसर पर रामपाल के समर्थक दीपक दास ने कहा कि सरकार की इन नीतियों का वह विरोध करते हैं। रामपाल सच्चाई के लिए जेल में बैठे हैं। वह तन-मन व धन से धरने का समर्थन करते हैं। उन्होंने बिना किसी शर्त के समर्थन दिया है। प्रेस प्रवक्ता भरत सिंह भैनीवाल व सदस्य संजय जागलान ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर दलबीर गुहणा, अजमेर सिंह बामणीवाला, भीम सिंह, जसमेेर सिंह, सीला देबन, सोनू बांगड़, रणबीर फौजी, बिल्लू चंदाना, संदीप कैरो, जोगेंद्र कसान, ईश्वर कादयान, जोगीराम जाखौली, रत्न चंदाना, सोनू बांगड़, बनी सिंह, प्रेम मलिक मौजूद रहे।
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समर्थन ना देने वाले जनप्रतिनिधियों का होगा बहिष्कार
दो मार्च तक जन प्रतिनिधियों का समर्थन लिया जाएगा। जो जनप्रतिनिधि समर्थन नहीं देगा, उसका बहिष्कार किया जाएगा। जिला पार्षद अंजू जागलान, बबली चंदाना ने धरने का समर्थन किया। इसके अलावा सरपंच राजेंद्र, करनैल सिंह ब्लॉक समिति मेंबर, गांव खेड़ी के संदीप पंच, सुभाष पंचायत प्रतिनिधि संदलखेड़ी, किच्छाना सरपंच मोनिका, बलवान कोटड़ा ने समर्थन करते हुए कहा कि सरकार जब चाहे इस्तीफा ले सकती है।

चार घंटे तक लगाए रखा कैथल-जींद व कैथल-पानीपत मार्ग पर जाम
काला दिवस मनाने उमड़ी लोगों की भीड़ ने चार घंटे तक कैथल-जींद मार्ग व कैथल-पानीपत मार्ग पर जाम लगाए रखा। जिस कारण प्रशासन को तितरम मोड़ से ही वाया खेड़ी शेरू व असंध मार्ग के लिए दूसरे गांवों से यातायात को भेजना पड़ा। साथ ही प्रशासन मोबाइल इंटरनेट पर भी रोक लगाए रखी।  


धरने पर केवल चाय और पानी
धरनास्थल पर हर रोज दोपहर को भोजन बनाया जाता था। लेकिन रविवार को काला दिवस के कारण केवल चाय व पानी का प्रबंध किया गया।

प्रशासन ने बताया- शांतिपूर्वक रहा काला दिवस
वहीं जिला प्रशासन ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि रविवार को जाट संघर्ष समिति का धरना शांतिपूर्वक सम्पन्न हुआ। जिले में किसी भी क्षेत्र से कोई अप्रिय घटना का समाचार नहीं है। प्रशासन द्वारा धरना स्थल के अतिरिक्त मुख्य शहरों में सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे तथा मुख्य चौराहों व संवेदनशील स्थलों पर ड्यूटी मजिस्ट्रेट सहित पुलिस बल तैनात किया गया था। डीसी संजय जून, एसपी सुमेर प्रताप सिंह, एडीसी कैप्टन शक्ति सिंह दिन भर स्थिति पर नजर रखे हुए थे। 22 संवेदनशील स्थानों पर नाके लगाए गए इसके अलावा 25 राईडर, 10 पीसीआर, पेट्रोलिंग पार्टी तैनात की गई। छह स्थानों पर रिजर्व पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस व रैपिड एक्शन फोर्स के अतिरिक्त महिला पुलिस बल भी तैनात किए गए थे। प्रशासन की तरफ से 30 ड्यूटी मजिस्ट्रेट संवेदनशील स्थानों पर तैनात रहे, 6 फायर ब्रिगेड गाड़ियां और 5 एंबुलेंस विभिन्न स्थानों पर तैनात की गई।
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