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विधायक जयप्रकाश पहुंचे धरनास्थल, किया आंदोलन का समर्थन
ब्यूरो कैथल
Updated Mon, 06 Feb 2017 12:12 AM IST
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जाट समाज का धरना
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जाट आरक्षण सहित अन्य मांगों को लेकर देवबन कैंची चौक पर बिना अनुमति के लगातार आठवें दिन धरना जारी रहा। कलायत के निर्दलीय विधायक जयप्रकाश व सर्वजात सर्वखाप की महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्षा संतोष दहिया ने धरनास्थल पर पहुंच कर समर्थन दिया। रविवार को धरने की अध्यक्षता गांव चौशाला के शरीफ मोहम्मद ने की।
जयप्रकाश ने कहा कि जाट आरक्षण की मांग काफी लंबे समय से की जा रही है। वे आंदोलन के समर्थन में हैं और 28 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में यह मसला उठाया जाएगा। जाटों को 1989 में ही आरक्षण मिल जाना था। लेकिन कुछ नेताओं ने साजिश के तहत जाटों को अलग कर दिया। अन्य किसान जातियों के साथ-साथ जाट भी आरक्षण के हकदार हैं। लोग शांतिपूर्वक धरना दें। प्रशासन यदि शांतिपूर्वक धरने के साथ छेड़छाड़ करेगा तो जरूरत पड़ने पर वे अपने पद से इस्तीफा देकर उनके साथ आकर बैठ जाएंगे।
इसी प्रकार से संतोष दहिया ने कहा कि समाज की यह लड़ाई निर्णायक है। जाट आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़ी है। जाटों को आरक्षण की जरूरत है। समाज किसी के उकसावे में ना आए। उन्होंने सांसद राजकुमार सैनी की बयानबाजी पर केस किया हुआ है। जिसे जरूरत पड़ी तो वे सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएंगी।
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धरने को संबोधित करते हुए समिति के राष्ट्रीय कार्यकरिणी के सदस्य संजय जागलान व समिति के प्रेस प्रवक्ता भरत सिंह बैनीवाल ने कहा कि जब तक सरकार जाट समाज के मृतक युवकों को नौकरी नहीं देती, सांसद राजकुमार व पूर्व विधायक रोशन लाल और मनीष ग्रोवर को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक यह धरना यूं ही जारी रहेगा।
समिति के जिला प्रधान प्रवीन, मास्टर अजमेर सिंह व जोगी राम मलिक ने कहा कि वह सरकार से अपना हक मांग रहे हैं। यदि सरकार उनकी मांगों को शीघ्र नहीं मानी तो वे अपने आंदोलन को ओर अधिक तेज करेंगे। इस अवसर पर शिशराम बालू, रामस्वरुप व कुलदीप गढ़ी, पूर्व सरपंच देवबन रणधीर सिह, गजे सिंह बालू, पार्षद बिल्लू चंदाना, सुदर लाल सेरधा, रामकरण चहल, राजा किच्छाना, राजा राम कसान, प्रेम सिंह मलिक, प्रेम मलिक, बलबीर मलिक, बनी सिह संधू, नरेश, राय सिह, अमरनाथ आदि मौजूद रहे।
रात को गांवों में बसें खड़ीं करने पर रोक
जाट आरक्षण आंदोलन को देखते हुए रोडवेज ने रात में गांवों में बसों को खड़ा करने पर रोक लगा दी है। जिले में 45 गांवों में 55 बसें रात को खड़ी होती थीं। जिन्हें या तो अब वापस बस अड्डे पर या फिर पुलिस चौकी में खड़ा किया जा रहा है। डिपो के ड्यूटी इंचार्ज नरेश कुमार ने बताया कि जिले के करीब 40 गांवों में रात के समय 55 बसों का ठहराव है। लेकिन जाट आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर इन बसों के ठहराव को बंद किया गया है। गांवों में ठहरने वाली बसें अंतिम चक्कर लगाकर वापस कैथल बस स्टैंड पर पहुंच जाती है।
संजय जागलान समिति की राष्ट्रीय कार्यकरिणी के सदस्य नियुक्त
कैथल। जाट आरक्षण संघर्ष समिति की प्रदेश की कार्यकरिणी व राष्ट्रीय कार्यकरिणी में पांच जाट नेताओं को शामिल किया गया है। जिससे समाज के लोगों में खुशी का माहौल है।
जाट समाज के वरिष्ठ नेता बलवान कोटड़ा को आरक्षण समिति का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही संजय जागलान को समिति की राष्ट्रीय कार्यकरिणी का सदस्य चुना गया है। जिला के जाट नेता भरत सिंह बैनीवाल, सुरजीत हरिपुरा व सोनू बांगड़ को समिति का प्रदेश कार्यकरिणी का सदस्य नियुक्त किया गया है।
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जयप्रकाश ने कहा कि जाट आरक्षण की मांग काफी लंबे समय से की जा रही है। वे आंदोलन के समर्थन में हैं और 28 फरवरी से शुरू हो रहे विधानसभा सत्र में यह मसला उठाया जाएगा। जाटों को 1989 में ही आरक्षण मिल जाना था। लेकिन कुछ नेताओं ने साजिश के तहत जाटों को अलग कर दिया। अन्य किसान जातियों के साथ-साथ जाट भी आरक्षण के हकदार हैं। लोग शांतिपूर्वक धरना दें। प्रशासन यदि शांतिपूर्वक धरने के साथ छेड़छाड़ करेगा तो जरूरत पड़ने पर वे अपने पद से इस्तीफा देकर उनके साथ आकर बैठ जाएंगे।
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इसी प्रकार से संतोष दहिया ने कहा कि समाज की यह लड़ाई निर्णायक है। जाट आर्थिक व सामाजिक रूप से पिछड़ी है। जाटों को आरक्षण की जरूरत है। समाज किसी के उकसावे में ना आए। उन्होंने सांसद राजकुमार सैनी की बयानबाजी पर केस किया हुआ है। जिसे जरूरत पड़ी तो वे सुप्रीम कोर्ट तक लेकर जाएंगी।
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धरने को संबोधित करते हुए समिति के राष्ट्रीय कार्यकरिणी के सदस्य संजय जागलान व समिति के प्रेस प्रवक्ता भरत सिंह बैनीवाल ने कहा कि जब तक सरकार जाट समाज के मृतक युवकों को नौकरी नहीं देती, सांसद राजकुमार व पूर्व विधायक रोशन लाल और मनीष ग्रोवर को गिरफ्तार नहीं किया जाता तब तक यह धरना यूं ही जारी रहेगा।
समिति के जिला प्रधान प्रवीन, मास्टर अजमेर सिंह व जोगी राम मलिक ने कहा कि वह सरकार से अपना हक मांग रहे हैं। यदि सरकार उनकी मांगों को शीघ्र नहीं मानी तो वे अपने आंदोलन को ओर अधिक तेज करेंगे। इस अवसर पर शिशराम बालू, रामस्वरुप व कुलदीप गढ़ी, पूर्व सरपंच देवबन रणधीर सिह, गजे सिंह बालू, पार्षद बिल्लू चंदाना, सुदर लाल सेरधा, रामकरण चहल, राजा किच्छाना, राजा राम कसान, प्रेम सिंह मलिक, प्रेम मलिक, बलबीर मलिक, बनी सिह संधू, नरेश, राय सिह, अमरनाथ आदि मौजूद रहे।
रात को गांवों में बसें खड़ीं करने पर रोक
जाट आरक्षण आंदोलन को देखते हुए रोडवेज ने रात में गांवों में बसों को खड़ा करने पर रोक लगा दी है। जिले में 45 गांवों में 55 बसें रात को खड़ी होती थीं। जिन्हें या तो अब वापस बस अड्डे पर या फिर पुलिस चौकी में खड़ा किया जा रहा है। डिपो के ड्यूटी इंचार्ज नरेश कुमार ने बताया कि जिले के करीब 40 गांवों में रात के समय 55 बसों का ठहराव है। लेकिन जाट आंदोलन को देखते हुए सुरक्षा के मद्देनजर इन बसों के ठहराव को बंद किया गया है। गांवों में ठहरने वाली बसें अंतिम चक्कर लगाकर वापस कैथल बस स्टैंड पर पहुंच जाती है।
संजय जागलान समिति की राष्ट्रीय कार्यकरिणी के सदस्य नियुक्त
कैथल। जाट आरक्षण संघर्ष समिति की प्रदेश की कार्यकरिणी व राष्ट्रीय कार्यकरिणी में पांच जाट नेताओं को शामिल किया गया है। जिससे समाज के लोगों में खुशी का माहौल है।
जाट समाज के वरिष्ठ नेता बलवान कोटड़ा को आरक्षण समिति का प्रदेश उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही संजय जागलान को समिति की राष्ट्रीय कार्यकरिणी का सदस्य चुना गया है। जिला के जाट नेता भरत सिंह बैनीवाल, सुरजीत हरिपुरा व सोनू बांगड़ को समिति का प्रदेश कार्यकरिणी का सदस्य नियुक्त किया गया है।