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इतिहास संजोकर नहीं रखने वाली बिरादरी मिट जाती है : अमित तंवर

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 02 Oct 2023 03:08 AM IST
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It is important to preserve history
पूंडरी। एससी खाप महापंचायत के सौजन्य से हाबड़ी गांव में रविवार को टयोंठा रोड पर बनाए भव्य प्रथम चमार रेजीमेंट स्मारक का उद्घाटन किया गया। गुरु ज्योति चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से बनाए इस स्मारक का उद्घाटन चमार रेजीमेंट के एकमात्र जीवित बचे 109 वर्षीय पूर्व सैनिक चौधरी संतराम बदन ने किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता एससी खाप के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित तंवर ने की।
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उन्होंने कहा कि हर बिरादरी का इतिहास उसका स्वर्णिम अध्याय होता है और जो बिरादरियां अपने इतिहास को संजोकर नहीं रखती वे मिट जाती हैं। इसलिए हमें अपने इतिहास को संजोकर रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि चमार रेजीमेंट का गठन 1943 में हुआ था और विश्व युद्ध के दौरान 1946 में जब वो बर्मा में थी तो अंग्रेजों ने इस रेजीमेंट को आजाद हिंद फौज से लड़ने का हुक्म सुनाया, जिसे चमार रेजीमेंट ने यह कहकर ठुकरा दिया था कि आजाद हिंद फौज हमारे देश की है और हम इससे नहीं लड़ेंगे। जब अंग्रेजी अफसर ने रेजीमेंट पर सख्ती दिखाई तो एक सैनिक चुन्नीलाल ने अंग्रेजी अफसर को मौत के घाट उतार दिया था। वहीं कांग्रेस नेता सतबीर भाणा ने सभी को इस स्मारक के निर्माण की बधाई देते हुए कहा कि यह बड़े गर्व का विषय है कि देश के पहले स्मारक का निर्माण पूंडरी हलके में हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि सरकार को चमार रेजीमेंट को फिर से बहाल करना चाहिए। इस मौके पर खाप महासचिव सोनिया तंवर, खाप प्रदेशाध्यक्ष दिलबाग सिंह, युवा प्रदेशाध्यक्ष पिंकू चोपड़ा, मीडिया प्रभारी चरणजीत आदि उपस्थित रहे।
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