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Kaithal News: किसानों के एलान से सीमाओं पर लगा अवरोध हटाना मुश्किल
Thu, 14 Mar 2024 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Thu, 14 Mar 2024 01:36 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। पंजाब और हरियाणा के किसानों के चल रहे आंदोलन का असर पटियाला रोड के राहगीरों पर देखने को मिल रहा है। आंदोलन का सबसे ज्यादा प्रभाव आम जनता को झेलना पड़ रहा है। दरअसल, नाराज किसानों के बार-बार एलान से फिलहाल सीमाओं से अवरोध हटाना मुश्किल लग रहा है। ऐसे में राहगीरों की दिक्कतें कब खत्म होंगी, इस संबंध में कुछ कहा नहीं जा सकता।
गौरतलब है कि सुरक्षा बलों की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग की वजह से पूरे शहर में ट्रैफिक पर रोक है। कार्यालय देरी से पहुंचने, परीक्षा में देर होने और जरूरी मेडिकल सुविधाओं में भी देरी के कारण आम लोग परेशान हैं। बॉर्डर सील होने की से पंजाब आने-जाने वाले आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक कि इस रास्ते से एंबुलेंस भी नहीं आ जा सकती है और दोपहिया वाहन का भी प्रवेश बंद है। लोग या तो घूम कर हरियाणा पहुंच रहे हैं या फिर उन्हें वापस जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
हरियाणा से पंजाब आने वाले वाहन चालक कैथल से चीका से बौपुर वाया पटियाला आते हैं। यहां तक कि पंजाब से जाने वाली बसें पंजाब की हद तक जाकर रुक जाती हैं।
वहां से यात्री आगे डेढ़ किलोमीटर तक पैदल चलकर ऑटो लेकर फिर चीका में प्रवेश कर आगे बस स्टैंड या बाजार इत्यादि पहुंच रहे हैं। किसानाें के विभिन्न संगठनों की ओर से बार-बार दिल्ली कूच करने के एलान के मद्देनजर अभी कैथल की सीमाओं से बैरिकेडिंग हट पाना मुश्किल ही है। सीमाओं की किलेबंदी से आम लोगों को लंबे समय तक परेशानी झेल रहे है।
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गौरतलब है कि एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य और कर्ज माफी की कानूनी गारंटी, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने समेत कई मांगों को लेकर पंजाब और हरियाणा के किसानों के दिल्ली कूच का आज 30 वां दिन है। इसके अलावा पटियाला से चीका आने वाले टटियाना बॉर्डर पर पुलिस ने बैरिकेड लगा रखा है। बॉर्डर पर बैरिकेड के कारण ट्रैफिक पर बड़ा असर पड़ा है।
संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा दिल्ली के रामलीला मैदान में महापंचायत करने का एलान किया है। ऐसे में सीमाओं से जल्द पुलिस की चौकसी हटाए जाने की संभावना कम है। गुहला पुलिस किसी सूरत में किसानों को हरियाणा में प्रवेश करने नहीं देगी। -कुलदीप सिंह बेनीवाल, डीएसपी
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गुहला-चीका। पंजाब और हरियाणा के किसानों के चल रहे आंदोलन का असर पटियाला रोड के राहगीरों पर देखने को मिल रहा है। आंदोलन का सबसे ज्यादा प्रभाव आम जनता को झेलना पड़ रहा है। दरअसल, नाराज किसानों के बार-बार एलान से फिलहाल सीमाओं से अवरोध हटाना मुश्किल लग रहा है। ऐसे में राहगीरों की दिक्कतें कब खत्म होंगी, इस संबंध में कुछ कहा नहीं जा सकता।
गौरतलब है कि सुरक्षा बलों की ओर से लगाई गई बैरिकेडिंग की वजह से पूरे शहर में ट्रैफिक पर रोक है। कार्यालय देरी से पहुंचने, परीक्षा में देर होने और जरूरी मेडिकल सुविधाओं में भी देरी के कारण आम लोग परेशान हैं। बॉर्डर सील होने की से पंजाब आने-जाने वाले आम लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक कि इस रास्ते से एंबुलेंस भी नहीं आ जा सकती है और दोपहिया वाहन का भी प्रवेश बंद है। लोग या तो घूम कर हरियाणा पहुंच रहे हैं या फिर उन्हें वापस जाने को मजबूर होना पड़ रहा है।
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हरियाणा से पंजाब आने वाले वाहन चालक कैथल से चीका से बौपुर वाया पटियाला आते हैं। यहां तक कि पंजाब से जाने वाली बसें पंजाब की हद तक जाकर रुक जाती हैं।
वहां से यात्री आगे डेढ़ किलोमीटर तक पैदल चलकर ऑटो लेकर फिर चीका में प्रवेश कर आगे बस स्टैंड या बाजार इत्यादि पहुंच रहे हैं। किसानाें के विभिन्न संगठनों की ओर से बार-बार दिल्ली कूच करने के एलान के मद्देनजर अभी कैथल की सीमाओं से बैरिकेडिंग हट पाना मुश्किल ही है। सीमाओं की किलेबंदी से आम लोगों को लंबे समय तक परेशानी झेल रहे है।
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गौरतलब है कि एमएसपी यानी न्यूनतम समर्थन मूल्य और कर्ज माफी की कानूनी गारंटी, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने समेत कई मांगों को लेकर पंजाब और हरियाणा के किसानों के दिल्ली कूच का आज 30 वां दिन है। इसके अलावा पटियाला से चीका आने वाले टटियाना बॉर्डर पर पुलिस ने बैरिकेड लगा रखा है। बॉर्डर पर बैरिकेड के कारण ट्रैफिक पर बड़ा असर पड़ा है।
संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा दिल्ली के रामलीला मैदान में महापंचायत करने का एलान किया है। ऐसे में सीमाओं से जल्द पुलिस की चौकसी हटाए जाने की संभावना कम है। गुहला पुलिस किसी सूरत में किसानों को हरियाणा में प्रवेश करने नहीं देगी। -कुलदीप सिंह बेनीवाल, डीएसपी