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पड़ताल : जिम्मेदार नहीं रख रहे ख्याल, सार्वजनिक शौचालय बदहाल
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न्यू करनाल रोड पर टूटे पड़े फेबरिकेटेड शौचालय। संवाद
कैथल। सरकार खुले में शौच मुक्त होने की बात कर रही है जबकि धरातल पर शहर में बने सार्वजनिक शौचालय का कोई रखरखाव नहीं किया जा रहा है। इस कारण शौचालय उपयोग करने के लायक ही नहीं बचे हैं। आधे से ज्यादा शौचालयों में न तो पानी की व्यवस्था है और न ही सफाई की जाती है जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई स्थानों पर तो शौचालयों की स्थिति इतनी खराब है कि वहां जाना मुश्किल हो गया है। परशुराम चौक स्थित पुरुष शौचालय पर ताला लटक रहा है जबकि महिला शौचालय के गेट पर जंग लगा हुआ है। ढांड रोड के नजदीक बने शौचालय की टंकी में पानी नहीं है जिससे यह पूरी तरह अनुपयोगी हो गया है। कई स्थानों पर टॉयलेट सीटें टूटी हुई हैं, नल खराब पड़े हैं और वॉशबेसिन भी क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं। शहर के किसी भी सार्वजनिक शौचालय में लाइटों की व्यवस्था नहीं है। शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। शहर के कई सार्वजनिक शौचालयों में लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। कूड़े के ढेर और बदबू के कारण आसपास से गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। कई शौचालयों के दरवाजे जंग लगने के कारण या तो बंद हो चुके हैं या ठीक से खुलते या बंद नहीं होते।
शहरवासी रामजुवारी, बंटी, विनोद और अन्य ने बताया कि गंदगी और बदहाल स्थिति के कारण इन शौचालयों का उपयोग करना संभव नहीं है। एक तरफ तो प्रधानमंत्री खुले में शौच मुक्त होने की बात कह रहे हैं, जबकि लोगों को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्वच्छ भारत अभियान केवल कागजों तक सीमित रह गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी सार्वजनिक शौचालय ठीक करवाए जाएं, ताकि लोगों को परेशानी न आए।
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40 के करीब बने थे शौचालय, अब अधिकतर बदहाल
जानकारी के अनुसार करीब 10 वर्ष पहले शहर में लगभग 25 से ज्यादा सार्वजनिक शौचालय बनाए गए थे। शहर के करनाल रोड, नया बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड, ताऊ देवी लाल पार्क, बलराज नगर और देवीगढ़ रोड सहित कई स्थानों पर प्री-फैब्रिकेटेड शौचालय रखे गए थे लेकिन अब खस्ता हालत में इधर-उधर पड़े हुए हैं। संबंधित विभाग कागजों में हर वर्ष सफाई व्यवस्था पर 20 से 24 लाख रुपये से अधिक खर्च दिखाता है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
शहर के शौचालयों की हालत खस्ता
नंबर -1: परशुराम चौक के पास बने सार्वजनिक शौचालय की हालत बेहद खराब है। यहां पानी की टंकी नहीं है, टोटियां टूटी हैं और गंदगी फैली हुई है। आसपास 100 से अधिक दुकानें और आवागमन के बावजूद लोग इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं जिससे महिलाओं और पुरुषों को परेशानी हो रही है।
नंबर- 2
खुराना रोड पर बना सार्वजनिक शौचालय बदहाल स्थिति में है। यहां यूरिनल सीट के पाइप नहीं हैं, टाइलें टूटी पड़ी हैं। अंदर ही ईंटें पड़ी हुई हैं। गंदगी के कारण दुर्गंध फैल रही है जिससे दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी हो रही है।
नंबर-3
शहर की सब्जी मंडी में बना सार्वजनिक शौचालय पूरी तरह बदहाल है। यहां से दुर्गंध आती है, साबुन उपलब्ध नहीं है और गेट भी ठीक से काम नहीं करता। महिला शौचालय के पास सब्जी की दुकानें लगने से महिलाएं इसका उपयोग करने से कतराती हैं, सुधार की आवश्यकता है।
नंबर-4
ढांड रोड पर पूर्व विधायक लीला राम की कोठी के पास बने शौचालय में केवल दिखावे के लिए टंकी रखी हुई है लेकिन उसमें पानी नहीं है। वॉशबेसिन की टोटियां बंद पड़ी हैं और गंदगी व बदबू फैली हुई है। सीट की फ्लैश टूटी पड़ी है। वह सफाई न होने से पानी अंदर जमा है। इससे लोगों में रोष है।
नंबर पांच-
न्यू करनाल रोड पर रखे गए प्री फैब्रिकेटेड शौचालय एक तरफ गिरे पड़े हैं। कोई सार्वजनिक शौचालय नहीं बनाया गया है। मुख्य बाजार में लोग यहीं से जाते हैं।
नंबर- छह
उद्यम सिंह पार्क के पास शौचालय में सफाई का अभाव है और टंकियों में पानी नहीं है। मुख्य गेट पर जंग लगा हुआ है।
कुछ जगह नए सार्वजनिक शौचालय बनाने का काम शुरू कर दिया है। शौचालयों की भी जल्द साफ-सफाई करवा दी जाएगी। लोगों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- संदीप सोलंकी, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद कैथल
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कई स्थानों पर तो शौचालयों की स्थिति इतनी खराब है कि वहां जाना मुश्किल हो गया है। परशुराम चौक स्थित पुरुष शौचालय पर ताला लटक रहा है जबकि महिला शौचालय के गेट पर जंग लगा हुआ है। ढांड रोड के नजदीक बने शौचालय की टंकी में पानी नहीं है जिससे यह पूरी तरह अनुपयोगी हो गया है। कई स्थानों पर टॉयलेट सीटें टूटी हुई हैं, नल खराब पड़े हैं और वॉशबेसिन भी क्षतिग्रस्त अवस्था में हैं। शहर के किसी भी सार्वजनिक शौचालय में लाइटों की व्यवस्था नहीं है। शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। शहर के कई सार्वजनिक शौचालयों में लंबे समय से सफाई नहीं हुई है। कूड़े के ढेर और बदबू के कारण आसपास से गुजरना भी मुश्किल हो जाता है। कई शौचालयों के दरवाजे जंग लगने के कारण या तो बंद हो चुके हैं या ठीक से खुलते या बंद नहीं होते।
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शहरवासी रामजुवारी, बंटी, विनोद और अन्य ने बताया कि गंदगी और बदहाल स्थिति के कारण इन शौचालयों का उपयोग करना संभव नहीं है। एक तरफ तो प्रधानमंत्री खुले में शौच मुक्त होने की बात कह रहे हैं, जबकि लोगों को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्वच्छ भारत अभियान केवल कागजों तक सीमित रह गया है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी सार्वजनिक शौचालय ठीक करवाए जाएं, ताकि लोगों को परेशानी न आए।
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40 के करीब बने थे शौचालय, अब अधिकतर बदहाल
जानकारी के अनुसार करीब 10 वर्ष पहले शहर में लगभग 25 से ज्यादा सार्वजनिक शौचालय बनाए गए थे। शहर के करनाल रोड, नया बस स्टैंड, टैक्सी स्टैंड, ताऊ देवी लाल पार्क, बलराज नगर और देवीगढ़ रोड सहित कई स्थानों पर प्री-फैब्रिकेटेड शौचालय रखे गए थे लेकिन अब खस्ता हालत में इधर-उधर पड़े हुए हैं। संबंधित विभाग कागजों में हर वर्ष सफाई व्यवस्था पर 20 से 24 लाख रुपये से अधिक खर्च दिखाता है, जबकि जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है।
शहर के शौचालयों की हालत खस्ता
नंबर -1: परशुराम चौक के पास बने सार्वजनिक शौचालय की हालत बेहद खराब है। यहां पानी की टंकी नहीं है, टोटियां टूटी हैं और गंदगी फैली हुई है। आसपास 100 से अधिक दुकानें और आवागमन के बावजूद लोग इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं जिससे महिलाओं और पुरुषों को परेशानी हो रही है।
नंबर- 2
खुराना रोड पर बना सार्वजनिक शौचालय बदहाल स्थिति में है। यहां यूरिनल सीट के पाइप नहीं हैं, टाइलें टूटी पड़ी हैं। अंदर ही ईंटें पड़ी हुई हैं। गंदगी के कारण दुर्गंध फैल रही है जिससे दुकानदारों और राहगीरों को परेशानी हो रही है।
नंबर-3
शहर की सब्जी मंडी में बना सार्वजनिक शौचालय पूरी तरह बदहाल है। यहां से दुर्गंध आती है, साबुन उपलब्ध नहीं है और गेट भी ठीक से काम नहीं करता। महिला शौचालय के पास सब्जी की दुकानें लगने से महिलाएं इसका उपयोग करने से कतराती हैं, सुधार की आवश्यकता है।
नंबर-4
ढांड रोड पर पूर्व विधायक लीला राम की कोठी के पास बने शौचालय में केवल दिखावे के लिए टंकी रखी हुई है लेकिन उसमें पानी नहीं है। वॉशबेसिन की टोटियां बंद पड़ी हैं और गंदगी व बदबू फैली हुई है। सीट की फ्लैश टूटी पड़ी है। वह सफाई न होने से पानी अंदर जमा है। इससे लोगों में रोष है।
नंबर पांच-
न्यू करनाल रोड पर रखे गए प्री फैब्रिकेटेड शौचालय एक तरफ गिरे पड़े हैं। कोई सार्वजनिक शौचालय नहीं बनाया गया है। मुख्य बाजार में लोग यहीं से जाते हैं।
नंबर- छह
उद्यम सिंह पार्क के पास शौचालय में सफाई का अभाव है और टंकियों में पानी नहीं है। मुख्य गेट पर जंग लगा हुआ है।
कुछ जगह नए सार्वजनिक शौचालय बनाने का काम शुरू कर दिया है। शौचालयों की भी जल्द साफ-सफाई करवा दी जाएगी। लोगों को परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- संदीप सोलंकी, कार्यकारी अधिकारी नगर परिषद कैथल

न्यू करनाल रोड पर टूटे पड़े फेबरिकेटेड शौचालय। संवाद

न्यू करनाल रोड पर टूटे पड़े फेबरिकेटेड शौचालय। संवाद

न्यू करनाल रोड पर टूटे पड़े फेबरिकेटेड शौचालय। संवाद

न्यू करनाल रोड पर टूटे पड़े फेबरिकेटेड शौचालय। संवाद

न्यू करनाल रोड पर टूटे पड़े फेबरिकेटेड शौचालय। संवाद

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न्यू करनाल रोड पर टूटे पड़े फेबरिकेटेड शौचालय। संवाद