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Kaithal News: बाल विवाह निषेध अधिनियम व पॉक्सो एक्ट की दी जानकारी
Fri, 18 Apr 2025 01:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Fri, 18 Apr 2025 01:23 AM IST
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कैथल। आरकेएसडी कॉलेज के सभागार में वीरवार को अनुसंधान अधिकारियों के लिए एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इसमें बाल विवाह निषेध अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम और पॉक्सो एक्ट के संदर्भ में कई जानकारियां दी गईं।
कार्यक्रम के दौरान एसपी राजेश कालिया के साथ सभी डीएसपी व थाना प्रबंधकों व अनुसंधान अधिकारियों का मार्गदर्शन किया गया। इस मौके पर जिला बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी सुनीता, सदस्य जेजे बोर्ड कैथल अरविंद्र खुरानिया, जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रदीप कुंडू ने बाल विवाह निषेध अधिनियम, पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम बारे व डीडीए जयभगवान गोयल ने अनुसंधान में रहने वाली त्रुटियों की जानकारी दी। वक्ताओं ने बताया गया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम भारत में बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए महत्वपूर्ण कानून हैं।
बाल विवाह निषेध अधिनियम बाल विवाह को अवैध घोषित करता है जबकि पॉक्सो एक्ट बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए बनाया गया है।
जानकारी दी गई कि किशोर न्याय अधिनियम उन बच्चों के लिए प्रावधान करता है, जो कानून के साथ संघर्ष में हैं या जिनके देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता है। वक्ताओं ने कहा कि इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने से बच्चों के लिए एक सुरक्षित और संरक्षित वातावरण बनाया जा सकता है। इस मौके पर डीएसपी गुरविंद्र सिंह, डीएसपी सुशील प्रकाश, सभी थाना प्रबंधक व अन्य अनुसंधान अधिकारी मौजूद रहे।
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कार्यक्रम के दौरान एसपी राजेश कालिया के साथ सभी डीएसपी व थाना प्रबंधकों व अनुसंधान अधिकारियों का मार्गदर्शन किया गया। इस मौके पर जिला बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारी सुनीता, सदस्य जेजे बोर्ड कैथल अरविंद्र खुरानिया, जिला बाल संरक्षण अधिकारी प्रदीप कुंडू ने बाल विवाह निषेध अधिनियम, पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम बारे व डीडीए जयभगवान गोयल ने अनुसंधान में रहने वाली त्रुटियों की जानकारी दी। वक्ताओं ने बताया गया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम, पॉक्सो एक्ट और किशोर न्याय अधिनियम भारत में बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए बनाए गए महत्वपूर्ण कानून हैं।
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बाल विवाह निषेध अधिनियम बाल विवाह को अवैध घोषित करता है जबकि पॉक्सो एक्ट बच्चों को यौन शोषण से बचाने के लिए बनाया गया है।
जानकारी दी गई कि किशोर न्याय अधिनियम उन बच्चों के लिए प्रावधान करता है, जो कानून के साथ संघर्ष में हैं या जिनके देखभाल और संरक्षण की आवश्यकता है। वक्ताओं ने कहा कि इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करने से बच्चों के लिए एक सुरक्षित और संरक्षित वातावरण बनाया जा सकता है। इस मौके पर डीएसपी गुरविंद्र सिंह, डीएसपी सुशील प्रकाश, सभी थाना प्रबंधक व अन्य अनुसंधान अधिकारी मौजूद रहे।
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