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Kaithal News: किसानों को जबरदस्ती सोलू माजरा साइलो में भेजा तो यूनियन करेगी विरोध ः हाबड़ी
Tue, 01 Apr 2025 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Tue, 01 Apr 2025 01:09 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
पाई। किसानों को जबरदस्ती सोलू माजरा साइलो में भेजा गया तो किसान यूनियन इसका जोर शोर से विरोध करेंगी। यह बात भाकियू के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबड़ी ने चेतावनी देते हुए कही।
उन्होंने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन से क्षेत्र की अनाज मंडी पाई, पूंडरी, हाबडी, करोड़ा आदि में किसानों की गेहूं खरीद करने के लिए बारदाना भेजने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ष इन अनाज मंडियों में से सीधे तौर पर खरीद करने कोशिश करती है, लेकिन किसानों को हर वर्ष धरना प्रदर्शन करना पड़ता है और बाद में सरकार धरने प्रदर्शन को देखते हुए मंडियों में से खरीद शुरू करवाती है।
उन्होंने कहा कि सरकार अब की पहले ही किसानों की गेहूं मंडियों की ओर से ही खरीद करवाए, ताकि किसानों को धरने प्रदर्शन न करना पड़े और समय से किसानों की फसल की खरीद हो सके। उन्होंने बताया कि साइलों में लंबी-लंबी लाइनें लग जाती है और कई- कई दिन लाइनों में लगना पड़ता है।
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किसानों के पास सीजन में समय नहीं होता। कई तो ट्रैक्टर- ट्राली किराये पर ले जाते हैं और ट्राली मालिक इतने समय रुक नहीं सकता। बताया कि किसान अपनी फसल आढ़ती के पास डाल देगा और आगे की जिम्मेदारी आढ़ती की होगी।
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पाई। किसानों को जबरदस्ती सोलू माजरा साइलो में भेजा गया तो किसान यूनियन इसका जोर शोर से विरोध करेंगी। यह बात भाकियू के राष्ट्रीय सलाहकार अजीत सिंह हाबड़ी ने चेतावनी देते हुए कही।
उन्होंने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन से क्षेत्र की अनाज मंडी पाई, पूंडरी, हाबडी, करोड़ा आदि में किसानों की गेहूं खरीद करने के लिए बारदाना भेजने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार हर वर्ष इन अनाज मंडियों में से सीधे तौर पर खरीद करने कोशिश करती है, लेकिन किसानों को हर वर्ष धरना प्रदर्शन करना पड़ता है और बाद में सरकार धरने प्रदर्शन को देखते हुए मंडियों में से खरीद शुरू करवाती है।
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उन्होंने कहा कि सरकार अब की पहले ही किसानों की गेहूं मंडियों की ओर से ही खरीद करवाए, ताकि किसानों को धरने प्रदर्शन न करना पड़े और समय से किसानों की फसल की खरीद हो सके। उन्होंने बताया कि साइलों में लंबी-लंबी लाइनें लग जाती है और कई- कई दिन लाइनों में लगना पड़ता है।
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किसानों के पास सीजन में समय नहीं होता। कई तो ट्रैक्टर- ट्राली किराये पर ले जाते हैं और ट्राली मालिक इतने समय रुक नहीं सकता। बताया कि किसान अपनी फसल आढ़ती के पास डाल देगा और आगे की जिम्मेदारी आढ़ती की होगी।