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Kaithal News: दामाद बनकर तो कहीं विदेश में फंसा परिचित बता ठग रहे लोगों को

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 04 Oct 2026 12:12 AM IST
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Fraudsters are swindling people by posing as acquaintances specifically sons-in-law who claim to be stranded abroad.
सोनू थुआ
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कैथल। साइबर ठग लोगों के रिश्तों और भरोसे का फायदा उठाकर खातों से रकम निकलवा रहे हैं। कभी विदेश में रहने वाला दामाद या रिश्तेदार बनकर फोन किया जाता है तो कभी विदेश में फंसे दोस्त की मदद के नाम पर रुपये मांगे जाते हैं। इसके अलावा शेयर बाजार में मोटे मुनाफे, बैंक खाता अपडेट करने, क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने, लॉटरी रिफंड और मोबाइल हैक करने जैसे बहानों से भी लोगों को जाल में फंसाया जा रहा है।
जनवरी से सितंबर तक जिले में साइबर ठगी के 69 मामले दर्ज हुए। इनमें कुल 2.24 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ठगी गई। इस अवधि में फरवरी सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। इस महीने 10 मामलों में 57.74 लाख रुपये की ठगी हुई। जुलाई में भी 10 मामलों में 38.80 लाख रुपये और अगस्त में नौ मामलों में 29.74 लाख रुपये ठगे गए। फेसबुक, व्हाट्सएप और ईमेल ठगों के प्रमुख माध्यम बने हुए हैं।
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नए मामले में बीर बांगड़ा निवासी फोटोग्राफर रामबीर को विदेश में रहने वाले परिचित का नाम लेकर साइबर ठगी का शिकार बनाया गया। शिकायत के अनुसार उसे व्हाट्सएप पर कॉल आई। फोन करने वाले ने खुद को विदेश में रहने वाला सुखबीन्द्र बताया और कहा कि वह भारत आने वाला है तथा उसके खाते में 8.50 लाख रुपये भेज रहा है। आरोपी ने बैंक खाता और आईएफएससी कोड लेने के बाद दूसरे नंबर से 8.50 लाख रुपये भेजने की फर्जी रसीद भेज दी।
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इसके बाद बैंक कर्मचारी बनकर फोन किया गया कि विदेश से रकम आने के कारण खाते में रुपये आने में 24 घंटे लगेंगे। इसी दौरान सुखबीन्द्र ने दोस्त हरजित की मां के ऑपरेशन का हवाला देकर 3.40 लाख रुपये मांगे। रामबीर ने बैंक जाकर चेक से एचडीएफसी खाते में रकम ट्रांसफर कर दी। बाद में बेटे को बताने पर ठगी का पता चला। आरोपी फर्जी रसीद भी डिलीट कर चुका था।
दामाद का परिचित बनकर तीन लाख ठगे : 11 अगस्त को डेरा गरजा सिंह पट्टी अफगान निवासी कपूर को व्हाट्सएप पर उसके दामाद का परिचित बनकर कॉल की गई। आरोपी ने इंग्लैंड से भारत आने की बात कही और जरूरत बताकर तीन लाख रुपये अपने खाते में ट्रांसफर करवा लिए।
शेयर बाजार में पहले मुनाफा दिखाया, फिर रकम डकारी : 22 अगस्त को गांव दीवाल निवासी मेजर सिंह को फेसबुक ग्रुप के जरिये शेयर बाजार में निवेश का झांसा देकर 5 लाख 8 हजार 720 रुपये ठगे गए। वहीं, दो अगस्त को सेक्टर-18 निवासी संदीप को व्हाट्सएप पर निवेश का संदेश भेजा गया। शुरुआत में मुनाफा दिखाकर भरोसा जीता और बाद में 14.66 लाख रुपये ठग लिए।

ईमेल और एपीके से खातों पर वार : 13 अगस्त को गांव सैर निवासी किसान गजन सिंह के ईमेल में लॉगिन कर नेट बैंकिंग एक्टिवेट की गई और खाते से 4.37 लाख रुपये निकाल लिए गए। छह अगस्त को गांव सेगा निवासी भाना राम के जीमेल खाते को निशाना बनाकर एपीके एप के जरिये 1.82 लाख रुपये उड़ा लिए गए। 25 सितंबर को सेरधा निवासी महेश के खाते से 2.30 लाख और रसूलपुर निवासी राजू के खाते से 1.27 लाख रुपये निकाले गए। 26 सितंबर को स्कूल संचालक गुरदेव सिंह का मोबाइल हैक कर 1.58 लाख रुपये ठग लिए गए। शिकायत के अनुसार मोबाइल अपने आप अपडेट होने लगा था।
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