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Kaithal News: तीन दिन स्कूल नहीं आया बच्चा तो शिक्षक पहुंचेगा घर
Wed, 03 Dec 2025 12:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Wed, 03 Dec 2025 12:31 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की घटती उपस्थिति को लेकर स्कूल शिक्षा निदेशालय गंभीर हो गया है। निदेशालय ने अफसरों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि यदि तीन दिन तक बच्चा स्कूल नहीं आता है तो शिक्षक को उसके घर जाकर कारणों का पता करना होगा।
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में पत्र जारी कर विभाग ने स्कूलों में लगातार कम हो रही दैनिक उपस्थिति पर कड़ा संज्ञान लिया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि प्रधानाचार्य और शिक्षक विद्यार्थियों की उपस्थिति सुधारने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।
कहा गया है कि लगातार तीन दिन विद्यार्थी की अनुपस्थिति पर संबंधित शिक्षक को तुरंत अभिभावकों से संपर्क करना होगा। अभिभावकों को विद्यार्थी की अनुपस्थिति का प्रार्थनापत्र व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजना अनिवार्य होगा, जिसे विद्यालय रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालय प्रमुख को भी अनुपस्थिति की सूचना देना आवश्यक है।
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जो विद्यार्थी लगातार सात दिन गैरहाजिर रहते हैं, उनका विवरण एमआईएस पोर्टल पर निर्धारित प्रावधान के अनुसार दर्ज किया जाएगा। विभाग साप्ताहिक समीक्षा करेगा। 10 दिन से अधिक अनुपस्थित रहने वालों के नाम ड्रॉपआउट श्रेणी में अलग रजिस्टर में दर्ज किए जाएंगे। इन विद्यार्थियों को दोबारा स्कूल लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उम्मीद है कि शिक्षक जिम्मेदारी के साथ इन आदेशों का पालन करेंगे। इससे विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ेगी, सीखने के परिणाम बेहतर होंगे और विद्यालयों की समग्र शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार आएगा।
यदि किसी विद्यार्थी का नाम लंबी गैरहाजिरी के कारण कट जाता है और वह शैक्षणिक सत्र के दौरान दोबारा प्रवेश मांगता है, तो विद्यालय प्रमुख उसे बिना किसी शुल्क के तुरंत प्रवेश देंगे। -सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी
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कैथल। राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों की घटती उपस्थिति को लेकर स्कूल शिक्षा निदेशालय गंभीर हो गया है। निदेशालय ने अफसरों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि यदि तीन दिन तक बच्चा स्कूल नहीं आता है तो शिक्षक को उसके घर जाकर कारणों का पता करना होगा।
जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को इस संबंध में पत्र जारी कर विभाग ने स्कूलों में लगातार कम हो रही दैनिक उपस्थिति पर कड़ा संज्ञान लिया है। साथ ही निर्देश दिए गए हैं कि प्रधानाचार्य और शिक्षक विद्यार्थियों की उपस्थिति सुधारने के लिए प्रभावी कदम उठाएं।
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कहा गया है कि लगातार तीन दिन विद्यार्थी की अनुपस्थिति पर संबंधित शिक्षक को तुरंत अभिभावकों से संपर्क करना होगा। अभिभावकों को विद्यार्थी की अनुपस्थिति का प्रार्थनापत्र व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजना अनिवार्य होगा, जिसे विद्यालय रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही विद्यालय प्रमुख को भी अनुपस्थिति की सूचना देना आवश्यक है।
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जो विद्यार्थी लगातार सात दिन गैरहाजिर रहते हैं, उनका विवरण एमआईएस पोर्टल पर निर्धारित प्रावधान के अनुसार दर्ज किया जाएगा। विभाग साप्ताहिक समीक्षा करेगा। 10 दिन से अधिक अनुपस्थित रहने वालों के नाम ड्रॉपआउट श्रेणी में अलग रजिस्टर में दर्ज किए जाएंगे। इन विद्यार्थियों को दोबारा स्कूल लाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। उम्मीद है कि शिक्षक जिम्मेदारी के साथ इन आदेशों का पालन करेंगे। इससे विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ेगी, सीखने के परिणाम बेहतर होंगे और विद्यालयों की समग्र शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार आएगा।
यदि किसी विद्यार्थी का नाम लंबी गैरहाजिरी के कारण कट जाता है और वह शैक्षणिक सत्र के दौरान दोबारा प्रवेश मांगता है, तो विद्यालय प्रमुख उसे बिना किसी शुल्क के तुरंत प्रवेश देंगे। -सुरेश कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी