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Kaithal News: मिलावट से कैसे बचें...समझाया
Sat, 17 May 2025 12:23 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
Updated Sat, 17 May 2025 12:23 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका/कैथल। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा और खाद्य पदार्थों में मिलावट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष जन जागरूकता सेमिनार आयोजित किए गए।
ये कार्यक्रम युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग तथा स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आयोजित हुए, जिनका उद्देश्य युवाओं को सुरक्षित खाद्य आदतों के प्रति जागरूक करना था। इनमें युवाओं को मिलावट से बचने को गुर भी बताए गए।
आईटीआई चीका में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एडीओ डॉ. ईश्वर कुमार और बीटीएम डॉ. सचिन पंवार ने शिरकत की। उन्होंने छात्रों को खाद्य मिलावट की पहचान, स्वच्छता के महत्व और खाद्य लेबल पढ़ने की आदत के बारे में जागरूक किया।
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डॉ. ईश्वर कुमार ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम की जानकारी देते हुए कीटनाशकों और उर्वरकों के विवेकपूर्ण प्रयोग की सलाह दी। प्रशिक्षक संदीप मालिक ने खाद्य जनित बीमारियों की रोकथाम संबंधी कानूनी प्रावधानों को समझाया, जबकि निशांत डांगी ने खाद्य सुरक्षा मानकों को लागू करने में कानून व्यवस्था की भूमिका पर प्रकाश डाला।
इस मौके पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें छात्रों ने खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने वाले पोस्टर प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में रवि प्रकाश, प्रमोद कुमार, राहुल कुमार, कुलदीप शर्मा, राजेंद्र ढुल, पूनम, माया देवी व नीरू रानी सहित कई शिक्षक व स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
वहीं कैथल में युवाओं के लिए प्रायोगिक सत्रवहीं कैथल के राजकीय आईटीआई में आयोजित सेमिनार में खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. पवन चहल और कृषि विज्ञान केंद्र से डॉ. नेहा शर्मा ने छात्रों को खाद्य मिलावट की जानकारी प्रायोगिक तरीके से दी। उन्होंने दूध, पनीर, हल्दी, लाल मिर्च और चाय पत्ती जैसी रोजमर्रा की चीज़ों में मिलावट की जांच के आसान घरेलू तरीकों को दिखाया।
डॉ. पवन चहल ने बताया कि आजकल खाद्य पदार्थों में मिलावट एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिससे लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने घरों और समाज में इस विषय पर जागरूकता फैलाएं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संजय वर्मा, खंड युवा समन्वयक अधिकारी सीवन ने की, जबकि मुख्य अतिथि के तौर पर सतीश मच्छाल (प्राचार्य, राजकीय आईटीआई कैथल) व सुरेंद्र सिंह (प्राचार्य, राजकीय आईटीआई महिला, कैथल) उपस्थित रहे। इस अवसर पर अधीक्षक सोहनलाल, मीनाक्षी, सतीश सैणी, संजीव कुमार, अनिल धीमान, रणधीर डांडा, नवीन कालिया व अन्य स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।
ऐसे बचें मिलावट से
दूध में मिलावट की जांच: पानी की मिलावट की पहचान के लिए दूध की कुछ बूंदें एक चिकनी सतह पर गिराने पर वह जम जाए तो शुद्ध होता है, फैल जाए तो उसमें पानी मिला हो सकता है।
हल्दी में मिलावट: हल्दी में चॉक पाउडर की मिलावट की जांच के लिए हल्दी पाउडर को पानी में घोलने पर ऊपर सफेद परत जमने से मिलावट का संकेत मिलता है।
चाय पत्ती: चाय पत्ती को गीले कपड़े पर रगड़ने पर अगर उसमें रंग छोड़ता है तो उसमें रसायनों की मिलावट हो सकती है।
पनीर और मावा : पनीर को गरम पानी में डालने पर यदि वह टूटने लगे या घुल जाए, तो उसमें मिलावट की संभावना होती है।
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गुहला-चीका/कैथल। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) में शुक्रवार को खाद्य सुरक्षा और खाद्य पदार्थों में मिलावट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष जन जागरूकता सेमिनार आयोजित किए गए।
ये कार्यक्रम युवा अधिकारिता एवं उद्यमिता विभाग तथा स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आयोजित हुए, जिनका उद्देश्य युवाओं को सुरक्षित खाद्य आदतों के प्रति जागरूक करना था। इनमें युवाओं को मिलावट से बचने को गुर भी बताए गए।
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आईटीआई चीका में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में एडीओ डॉ. ईश्वर कुमार और बीटीएम डॉ. सचिन पंवार ने शिरकत की। उन्होंने छात्रों को खाद्य मिलावट की पहचान, स्वच्छता के महत्व और खाद्य लेबल पढ़ने की आदत के बारे में जागरूक किया।
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डॉ. ईश्वर कुमार ने खाद्य सुरक्षा अधिनियम की जानकारी देते हुए कीटनाशकों और उर्वरकों के विवेकपूर्ण प्रयोग की सलाह दी। प्रशिक्षक संदीप मालिक ने खाद्य जनित बीमारियों की रोकथाम संबंधी कानूनी प्रावधानों को समझाया, जबकि निशांत डांगी ने खाद्य सुरक्षा मानकों को लागू करने में कानून व्यवस्था की भूमिका पर प्रकाश डाला।
इस मौके पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें छात्रों ने खाद्य सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाने वाले पोस्टर प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में रवि प्रकाश, प्रमोद कुमार, राहुल कुमार, कुलदीप शर्मा, राजेंद्र ढुल, पूनम, माया देवी व नीरू रानी सहित कई शिक्षक व स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
वहीं कैथल में युवाओं के लिए प्रायोगिक सत्रवहीं कैथल के राजकीय आईटीआई में आयोजित सेमिनार में खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. पवन चहल और कृषि विज्ञान केंद्र से डॉ. नेहा शर्मा ने छात्रों को खाद्य मिलावट की जानकारी प्रायोगिक तरीके से दी। उन्होंने दूध, पनीर, हल्दी, लाल मिर्च और चाय पत्ती जैसी रोजमर्रा की चीज़ों में मिलावट की जांच के आसान घरेलू तरीकों को दिखाया।
डॉ. पवन चहल ने बताया कि आजकल खाद्य पदार्थों में मिलावट एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिससे लोगों का स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे अपने घरों और समाज में इस विषय पर जागरूकता फैलाएं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संजय वर्मा, खंड युवा समन्वयक अधिकारी सीवन ने की, जबकि मुख्य अतिथि के तौर पर सतीश मच्छाल (प्राचार्य, राजकीय आईटीआई कैथल) व सुरेंद्र सिंह (प्राचार्य, राजकीय आईटीआई महिला, कैथल) उपस्थित रहे। इस अवसर पर अधीक्षक सोहनलाल, मीनाक्षी, सतीश सैणी, संजीव कुमार, अनिल धीमान, रणधीर डांडा, नवीन कालिया व अन्य स्टाफ सदस्य भी मौजूद रहे।
ऐसे बचें मिलावट से
दूध में मिलावट की जांच: पानी की मिलावट की पहचान के लिए दूध की कुछ बूंदें एक चिकनी सतह पर गिराने पर वह जम जाए तो शुद्ध होता है, फैल जाए तो उसमें पानी मिला हो सकता है।
हल्दी में मिलावट: हल्दी में चॉक पाउडर की मिलावट की जांच के लिए हल्दी पाउडर को पानी में घोलने पर ऊपर सफेद परत जमने से मिलावट का संकेत मिलता है।
चाय पत्ती: चाय पत्ती को गीले कपड़े पर रगड़ने पर अगर उसमें रंग छोड़ता है तो उसमें रसायनों की मिलावट हो सकती है।
पनीर और मावा : पनीर को गरम पानी में डालने पर यदि वह टूटने लगे या घुल जाए, तो उसमें मिलावट की संभावना होती है।